'मुसलमानों से वक्फ बोर्ड छीनने के लिए विधेयक लाया जा रहा', JPC की रिपोर्ट पर बौखलाए असदुद्दीन ओवैसी

असदुद्दीन ओवैसी ने इस रिपोर्ट पर असहमति जताते हुए कहा, 'यह मुसलमानों से वक्फ छीनने और उसे नष्ट करने के लिए लाया जा रहा है।'

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
AIMIM MP Asaduddin Owaisi
'मुसलमानों से 'वक्फ बोर्ड' छीनने के लिए विधेयक लाया जा रहा' | Image: Sansad TV

वक्फ (संशोधन) विधेयक पर विचार करने के लिए बनाई गई संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की रिपोर्ट गुरुवार को राज्यसभा में पेश की गई। जैसे ही ये रिपोर्ट उच्च सदन में पेश की गई विपक्ष ने इसको लेकर जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने जहां रिपोर्ट में कई बातों को एडिट करने का आरोप लगाया है तो वहीं एएमआईएम के मुखिया और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी इस रिपोर्ट को लेकर अपना विरोध जताते हुए इस रिपोर्ट को असंवैधानिक बताया है। वहीं किरेन रिजीजू ने मल्लिकार्जुन खड़गे के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि इस रिपोर्ट में से कुछ भी काट-छांट नहीं की गई है।


हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इस रिपोर्ट पर असहमति जताते हुए कहा, 'मैं जेपीसी के कुछ सदस्यों की बात से सहमत हूं, यह वक्फ विधेयक न केवल असंवैधानिक है और अनुच्छेद 14, 15 और 29 का गंभीर उल्लंघन है, बल्कि मुसलमानों से वक्फ छीनने और उसे नष्ट करने के लिए लाया जा रहा है। बीजेपी और एनडीए द्वारा प्रस्तुत संशोधनों ने इसे और भी बदतर बना दिया है। आप मुझे बताएं, मुस्लिम वक्फ संपत्तियों में एक गैर-मुस्लिम सदस्य को कैसे शामिल किया जा सकता है? आप कलेक्टर और उससे ऊपर के अधिकारियों को कैसे अधिकार देंगे? एक कलेक्टर कैसे तय करेगा कि कोई संपत्ति वक्फ की है या नहीं?'


बिल पर सपा भी बौखलाई, किया विरोध 

वहीं इस बिल को लेकर समाजवादी पार्टी ने भी विरोधी सुर दिखाए हैं। सपा के अयोध्या सांसद अवधेश प्रसाद ने वक्फ संशोधन विधेयक पर JPC रिपोर्ट का विरोध करते हुए कहा, 'बिल के संबंध में जो हमारा सुझाव था वह पूरी तरह से अनदेखा किया गया है... आज देश के सामने किसानों और रोजगार की समस्या है। इन बातों से जनता का ध्यान हटाने के लिए सरकार इस तरह का बिल लेकर आई है। इस बजट में हमारे किसानों के लिए कुछ नहीं है। इस बजट पर चर्चा न हो इसलिए ऐसे मौके पर यह बिल लाया गया है। हमने इस बिल का विरोध ही नहीं बल्कि बहिष्कार भी किया है।' वहीं सपा सांसद डिंपल यादव ने इस बिल का विरोध करते हुए कहा, 'जिस तरह विपक्षी सदस्यों द्वारा दिए गए असहमति नोट को वक्फ संशोधन विधेयक में शामिल नहीं किया गया...सरकार मनमाने तरीके से यह विधेयक ला रही है। वे ध्यान भटकाने के लिए सत्र के आखिरी दिन विधेयक लेकर आए हैं।'

वक्फ की कुछ बात सच्ची कुछ झूठीः खालिद सैफुल्लाह रहमानी

AIMPLB के अध्यक्ष खालिद सैफुलल्लाह रहमानी ने वक्फ संशोधन बिल को लेकर कहा, 'वक़्फ़ पर कुछ बात सच्ची भी और कुछ झूठ भी... वक़्फ़ की संपत्ति खुदा की... कोई भी इसमें बदलाव नहीं कर सकता... धार्मिक भेदभाव के तहत किया गया है... समान हक़ मिलना चाहिए पूरे मैनेजमेंट अधिकार के साथ...अन्य धर्मों की तरह अधिकार मिले... मौजूदा हुकूमत झूठी है... ए हिन्दु मुस्लिम लड़ाई नहीं इंसाफ की लड़ाई है...संविधान की दिशा बदलने वाली सरकार।'

Advertisement

यह भी पढ़ेंः सेना-रेलवे के बाद सबसे ज्‍यादा संपत्ति...वक्‍फ बोर्ड के पास कितनी जमीन?

Published By:
 Ravindra Singh
पब्लिश्ड