दोधारी तलवार पर चल रहे केजरीवाल! जिसे कहा जा रहा मास्टरस्ट्रोक वो AAP में दरार की शुरुआत ना कर दे?

अरविंद केजरीवाल के सीएम पद से इस्तीफा देने और आतिशी को मुख्यमंत्री बनाए जाने के जिस फैसले को मास्टरस्ट्रोक करार दिया जा रहा है।

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Arvind Kejriwal, Atishi
Arvind Kejriwal, Atishi | Image: X- @AamAadmiParty

Arvind Kejriwal: दिल्ली में दो दिन के सस्पेंस के बाद नए मुख्यमंत्री का चेहरा सबके सामने आ गया। अरविंद केजरीवाल ने पहले मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया, उसके बाद आतिशी ने उपराज्यपाल के सामने सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया। आतिशी जल्द ही मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगी और राज्य की बागडोर संभालेंगी।

जेल से बाहर आने के दो दिन बाद इस्तीफे ऐलान को राजनीतिक मास्टरस्ट्रोक के रूप में देखा जा रहा है। आप नेता केजरीवाल के इस दाव को बीजेपी की रणनीतियों पर पानी फेरने वाला करार दे रहे हैं। केजरीवाल अब जनता की अदालत में जाएंगे और जनता ही तय करेगी कि फिर एक बार मुख्यमंत्री बनेंगे या नहीं।

मास्टरस्ट्रोक न बन जाए पार्टी में फूट की वजह

बहरहाल, अभी अरविंद केजरीवाल के सीएम पद से इस्तीफा देने और आतिशी को मुख्यमंत्री बनाए जाने के जिस फैसले को मास्टरस्ट्रोक करार दिया जा रहा है, कहीं वही मास्टरस्ट्रोक भविष्य में पार्टी में फूट की वजह न बन जाए। ऐसा हम इसलिए कह रह हैं क्योंकि कि हमारे सामने दो राज्यों को उदाहरण हैं, जहां मुख्यमंत्री बनाने के बाद जब नेताओं को उनके पद से हटाया गया तो उन्होंने पार्टी से ही बगावत कर दी।

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हेमंत ने कुर्सी से हटाया तो चंपई हुए बागी

ताजा उदाहरण झारखंड का है, जहां मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के जेल जाने के बाद पार्टी ने वरिष्ठ नेता चंपई सोरेन को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया। चंपई मुख्यमंत्री रहे भी लेकिन जैसे ही हेमंत सोरेन जेल से बाहर आए तो चंपई सोरेन से इस्तीफा ले लिया गया और हेमंत एक बार फिर झारखंड के मुख्यमंत्री बन गए। मुख्यमंत्री की कुर्सी के हटाए जाने को चंपई सोरेन ने अपना अपमान करार देते हुए पार्टी से किनारा कर लिया और भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया।

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PTI

नीतीश ने मांझी को कुर्सी से उतारा तो बना ली नई पार्टी

दूसरा उदाहरण बिहार का है, जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 2014 लोकसभा चुनाव में पार्टी की करारी हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था और वरिष्ठ नेता जीतनराम मांझी के बिहार का सीएम बनाया। मांझी 20 मई 2014 से 20 फरवरी 2015 तक बिहार के सीएम रहे। नीतीश कुमार ने जब उन्हें सीएम पद से हटाया और एक बार फिर खुद सीएम बने तो मांझी ने पार्टी से बगावत कर ली और अपनी अलग पार्टी हिंदुस्तान आवाम मोर्चा का गठन कर लिया।  

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ये सियासत है, जहां किस्सा ही कुर्सी का है...

बीते 10 सालों में ऐसे दो उदाहरण हमारे सामने हैं जहां मुख्यमंत्री ने अपने पद से इस्तीफा दिया और जिसे मुख्यमंत्री बनाया कि उसी ने पार्टी के बगावत कर दी। अब दिल्ली में अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है और आतिशी को दिल्ली का नया सीएम बनाया है। अपने नाम के ऐलान के बाद आतिशी ने कहा कि दिल्ली में एक ही मुख्यमंत्री हैं, वो हैं केजरीवाल, मैं चुनाव तक इस जिम्मेदारी को निभाऊंगी। फिलहाल तो पार्टी के नेताओं के बयानों से AAP में एकजुटता नजर आ रही है, लेकिन ये सियासत है, जहां किस्सा ही कुर्सी का है।  

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Published By:
 Deepak Gupta
पब्लिश्ड