'ये उत्तर प्रदेश की बिगड़ी कानून व्यवस्था की निशानी', सपा नेता पर हुए हमले पर भड़के अखिलेश यादव
सपा नेता पर हमले को लेकर अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था एकदम से ध्वस्त हो चुकी है।
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Akhilesh Yadav Ruckus on UP Government: वाराणसी में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता हरीश मिश्र पर चाकू से जानलेवा हमला हुआ है। हरीश मिश्रा पर हुए इस हमले को लेकर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने सपा नेता पर हुए इस हमले को लेकर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधा है। अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के एक्स प्लेटफॉर्म पर सपा नेता पर हुए हमले को लेकर यूपी की योगी सरकार पर हमला बोला है। अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था एकदम से ध्वस्त हो चुकी है। उन्होंने ये भी कहा कि समाजवादी पार्टी का हर एक कार्यकर्ता ऐसे हमलों को झेलने की क्षमता रखता है।
सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने शनिवार (12 अप्रैल) को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट के एक्स प्लेटफॉर्म पर यूपी की योगी सरकार पर निशाना साधते हुए एक बयान जारी किया,एक्स पोस्ट में अखिलेश यादव ने सपा नेता पर हुए हमले को लेकर कहा,'समाजवादी पार्टी के जुझारू और प्रखर वक्ता ‘बनारस वाले मिश्राजी’ के नाम से लोकप्रिय हरीश मिश्र पर चाकू से किया गया कातिलाना हमला बेहद निंदनीय है। उनके रक्तरंजित वस्त्र उप्र में ध्वस्त हो चुकी कानून व्यवस्था की निशानी हैं।'
हमले के बाद सूबे में चढ़ा सियासी पारा
शहर में हुई हालिया हिंसक घटना को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रदेश की योगी सरकार की कार्यशैली पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'देखते हैं कि उत्तर प्रदेश की तथाकथित सरकार के क्रियाहीन शरीर में इस घटना के बाद कोई हलचल होती है या नहीं।' सपा सुप्रीमो की यह टिप्पणी सीधे तौर पर राज्य की कानून-व्यवस्था पर निशाना है, जो हाल के दिनों में विपक्षी दलों के हमलों का प्रमुख मुद्दा बन चुकी है। घटना में घायल हुए हरीश मिश्र की स्थिति को लेकर अब तक कोई आधिकारिक मेडिकल बुलेटिन जारी नहीं किया गया है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार उन्हें हमले के तुरंत बाद एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। इस बीच, समाजवादी पार्टी ने प्रदेश सरकार पर कानून-व्यवस्था के नाम पर "केवल प्रचार और प्रदर्शन" करने का आरोप लगाया है, जबकि ज़मीनी स्तर पर हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।
पार्टी कार्यकर्ताओं में हमले से नाराजगी
सपा नेता पर हुए इस हमले को लेकर राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए यह मुद्दा विपक्ष द्वारा प्रमुखता से उठाया जाएगा। वहीं, अब सभी की निगाहें सरकार की प्रतिक्रिया और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं। पूर्वांचल की राजनीति में प्रभावशाली समाजवादी नेता और पार्टी के तेजतर्रार प्रवक्ता हरीश मिश्र पर हुए हमले ने उत्तर प्रदेश की सियासत को गरमा दिया है। समाजवादी पार्टी में ‘बनारस वाले मिश्रा जी’ के नाम से लोकप्रिय हरीश मिश्र न केवल पार्टी के मुखर वक्ताओं में गिने जाते हैं, बल्कि बनारस सहित पूरे पूर्वांचल में उनका जनाधार मजबूत माना जाता है। घटना के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी रोष व्याप्त है। सपा ने इस हमले को राजनीतिक साजिश करार देते हुए प्रदेश सरकार पर सीधा निशाना साधा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि हरीश मिश्र सरकार की नीतियों और प्रशासनिक विफलताओं पर अक्सर बेबाकी से सवाल उठाते थे, और यही उनकी सक्रियता कुछ लोगों को असहज कर रही थी।
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पार्टी नेता पर हमले के बाद क्या बोली सपा?
पार्टी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि “सरकार अगर विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है, तो यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है। दोषियों को तत्काल गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सज़ा दी जानी चाहिए।” फिलहाल हरीश मिश्र की स्थिति को लेकर कोई आधिकारिक मेडिकल बुलेटिन जारी नहीं हुआ है, लेकिन सूत्रों के अनुसार हमले के बाद उन्हें एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। अब निगाहें योगी सरकार की कार्रवाई पर हैं, क्या प्रशासन दोषियों को जल्द पकड़कर न्याय दिला पाएगा, या यह मुद्दा चुनावी रैलियों और जनसभाओं में तीखा राजनीतिक हथियार बन जाएगा?