सौ सुनार की एक लोहार की... जातीय जनगणना की मांग करते थक नहीं रहे थे अखिलेश, केंद्र ने लगाई मुहर तो छेड़ दिया नया राग

अखिलेश यादव ने कहा अभी-अभी इस सरकार ने जाति जनगणना का फैसला लिया है, हमें खुशी है इस बात की इस सामाजिक न्याय के राज्य की स्थापना के लिए एक कदम तो बढ़े।

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Akhilesh Yadav
Akhilesh Yadav | Image: ANI

Caste Census: मोदी सरकार के जनगणना के साथ जाति जनगणना कराने का फैसला लिया है। केंद्र सरकार इस फैसले के बाद से ही सियासी पार्टियों में इस फैसले का श्रेय लेने की होड़ मची हुई है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा अभी-अभी इस सरकार ने एक फैसला लिया है हमें खुशी है इस बात की इस सामाजिक न्याय के राज्य की स्थापना के लिए एक कदम तो बढ़ें हैं। सामाजिक न्याय के राज्य की स्थापना हो उसके लिए जाति जनगणना का फैसला 90% PDA की एकजुटता की 100% जीत है। हम सबके सम्मिलित दबाव के कारण भाजपा सरकार मजबूरन यह निर्णय लेने को मजबूर हुई है।

अखिलेश यादव ने कहा कि सामाजिक न्याय की लड़ाई में PDA की जीत का एक महत्वपूर्ण क्षण है। ये शुरुआत है और यहां से सामाजिक न्याय के राज की स्थापना और PDA की लड़ाई के लिए अतिमहत्वपूर्ण यह चरण शुरू हुआ है।

चुनावी धांधली को जाति जनगणना से दूर रखें- अखिलेश यादव

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के लिए चेतावनी है कि चुनावी धांधली हम लोगों ने समय-समय पर, उनकी चुनावी धांधली देखी है,चाहे वह मुजफ्फरनगर रहा हो, मुरादाबाद रहा हो, रामपुर रहा हो, करहल रहा हो, फैजाबाद रहा हो, अयोध्या की सीट मिल्कीपुर रही हो, समय-समय पर और सीसीटीवी में कैद होते हुए भी उनकी चुनावी धांधली हमने, अपने और जनता ने देखी है। इसलिए भाजपा सरकार को एक चेतावनी है कि अपनी चुनावी धांधली को जाति जनगणना से दूर रखें क्योंकि ये कोई भी धांधली गिनती में कर सकते हैं। एक ईमानदार जनगणना ही हर जाति को अपनी-अपनी जनसंख्या के अनुपात में अपना वह अधिकार और हक दिलवाएगी जिस पर अब तक वर्चस्ववादी फन मार कर बैठे हैं।

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संविधान के आगे मनविधान लंबे समय तक नहीं चल सकता- अखिलेश यादव

अखिलेश यादव ने कहा कि यह अधिकारों के सकारात्मक लोकतांत्रिक आंदोलन का पहला चरण है और भाजपा की नकारात्मक राजनीति का अंतिम। भाजपा की वर्चस्ववादी सोच का अंत होकर ही रहेगा, संविधान के आगे मनविधान लंबे समय तक चल भी नहीं सकता है।

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Published By:
 Deepak Gupta
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