'औलाद पैदा करो स्कीम निकालेंगे क्या?' मोहन भागवत के तीन बच्चों वाले बयान पर ओवैसी का तंज

RSS प्रमुख मोहन भागवत के जनसंख्या वाले बयान पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पलटवार करते हुए कहा कि क्या वो औलाद पैदा करो स्कीम निकालेंग ?

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Asaduddin Owaisi and Mohan Bhagwat
असदुद्दीन ओवैसी और मोहन भागवत | Image: PTI

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने हिंदुओं के नाम लिए बगैर भारत में उनकी घटती जनसंख्या पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने आगाह करते हुए कहा कि जनसंख्या विज्ञान के अनुसार किसी समाज की कुल प्रजनन दर 2.1 से नीचे जाती है तो यह विलुप्त होने के कगार पर पहुंच सकता है। इसलिए कम से कम तीन बच्चे पैदा करना बेहद जरूरी है। अब उनके इस बयान पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने प्रतिक्रिया दी है।

असदुद्दीन ओवैसी ने तंज कसते हुए कहा, मोहन भगवत ने कहा कम से कम तीन बच्चे पैदा करिये।  मोहन भागवत साहब आप लोग कब शादी कर रहें हैं पहले वो बताइये। मोदीजी ने कहा था की आपका मंगलसूत्र छीन कर उन महिलाओं को दिया जायेगा जो ज्यादा बच्चे पैदा करती हैं। उनका इशारा मुस्लिम महिलाओं की तरफ था। अब मोहन भगवत को कहना पड़ रहा है की बच्चे ज्यादा पैदा करो।

मोहन भागवत औलाद पैदा करो स्कीम निकालेंग क्या-ओवैसी

RSS प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, “मैं मोहन भागवत से पूछना चाहता हूं कि वह अधिक बच्चे पैदा करने वालों को क्या देंगे? क्या वह अधिक बच्चे पैदा करने वालों के बैंक खातों में 1500 रुपये देंगे? क्या वह इसके लिए कोई योजना लाएंगे? जब मोहन भागवत अपने किसी करीबी को मुख्यमंत्री बनाने की कोशिश कर रहे हैं, तो उन्हें इसके लिए कोई योजना लानी चाहिए।”

मुसलमानों की संख्या हिंदुओं से ज्यादा नहीं 

ओवैसी ने आगे कहा, RSS की मैगजीन में लिखा है की मुसलमानों की संख्या को कम करना पड़ेगा। मुसलमान की आबादी इस मुल्क में कभी भी हिन्दू आबादी से ज्यादा नहीं होगी।  ये झूठ बीजेपी और आरएसएस फैला रही है।  2020-2021 में मुसलमानों का फर्टिलिटी रेट 2.3 हो गया जो पहले 4.3 थी।

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मोहन भागवत ने क्या कहा था?

बता दें की RSS प्रमुख ने हिंदुओं की घटती जनसंख्या पर चिंता जाहिर करते हुए कहा है कि अगर समाज की जनसंख्या वृद्धि दर गिरते-गिरते 2.1 प्रतिशत के नीचे चली गई तो तब वो समाज को बर्बाद करने की जरूरत नहीं है, वह अपने आप ही नष्ट हो जाएगा। इसलिए अभी के समय में कम से कम तीन बच्चे पैदा करना बेहद जरूरी है।

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Published By:
 Rupam Kumari
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