'मुसलमानों के साथ दुश्मन जैसा व्यवहार', संभल हिंसा के बाद भड़के मौलाना मदनी; दिखाया मुस्लिमों को डर

24 नवंबर को संभल की हिंसा में 4 लोग मारे गए। मुस्लिम पक्ष इसको लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। इसी क्रम में मौलाना अरशद मदनी ने बयान दिया है।

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Maulana Arshad Madani on Sambhal Shahi Jama Masjid Controversy
संभल जामा मस्जिद विवाद पर मौलाना अरशद मदनी की प्रतिक्रिया। | Image: R Bharat/Facebook

Sambhal Masjid Controversy: हिंसा के 7 दिन बाद संभल में हालात शांत हैं, लेकिन राजनीतिक बयानबाजी से पूरा माहौल गर्म है। कभी प्रतिबंध के बावजूद संभल में घुसने की कोशिश करना तो कभी बयानों के जरिए हिंसा पर राजनीति की जा रही है। इसी क्रम में अब जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने बड़ा बयान दिया है। मौलाना अरशद मदनी कह रहे हैं कि देश में डर और अशांति का माहौल बन रहा है।

जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने 'X' पर किए एक पोस्ट में लिखा है- 'ये बहुत दुख की बात है कि हमारी इबादतगाहों और धार्मिक स्थलों को लेकर हर दिन नए-नए विवाद खड़े किए जा रहे हैं। सबसे चिंता की बात यह है कि निचली अदालतें ऐसे फैसले दे रही हैं, जिससे देश में डर और अशांति का माहौल बन रहा है।'

मुसलमानों के साथ दुश्मन जैसा व्यवहार- मौलाना मदनी

मौलाना मदनी यही नहीं रुके, उन्होंने अपने पोस्ट में आगे लिखा- 'फैसलों का फायदा उठाकर सिर्फ सांप्रदायिक लोग ही नहीं, बल्कि कानून के रक्षक भी मुसलमानों के साथ दुश्मन जैसा व्यवहार कर रहे हैं। उन्हें अपनी बात कहने का मौका नहीं दिया जा रहा है। संभल की कोई साधारण घटना नहीं है, बल्कि ये एक बड़ा अन्याय है, जो देश के संविधान, न्याय और धर्मनिरपेक्षता को नुकसान पहुंचा रही है और कानून का अपमान कर रही है।'

संभल में सर्वे के दौरान भड़के थी हिंसा

विवाद संभल की शाही जामा मस्जिद को लेकर है, जिस पर हिंदू पक्ष दावा करता है कि ये एक हरिहर मंदिर हुआ करता था, जिसे तोड़कर यहां मस्जिद बनवाई गई। हिंदू पक्ष की दलीलों पर अदालत ने शादी जामा मस्जिद के सर्वे का आदेश दिया था। हालांकि 24 नवंबर को जब अदालत के आदेश पर सर्वे टीम जामा मस्जिद गई तो हिंसा भड़क उठी। हजारों की संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पुलिस और सर्वे टीम पर पथराव किया। गाड़ियों में आग लगा दी गई। हालात बेहद गंभीर हो चुके थे। पथराव और आगजनी के बीच पुलिस ने भी बल का प्रयोग किया। गोलीबारी की घटना में 4 लोग मर गए। इसके अलावा कई पुलिसकर्मियों समेत 20 से ज्यादा लोग हिंसा के दौरान जख्मी हुए।

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हिंसा के बाद सामने आए कई वीडियोज में उग्र भीड़ तोड़फोड़ करती दिखी। कुछ तथाकथित वीडियो में ये भी सामने आया कि कई लोगों ने भीड़ को उकसाने का काम किया। हिंसा की घटना के बाद संभल के सांसद जिया उर रहमान बर्क और स्थानीय विधायक के बेटे पर भी हिंसा को भड़काने का मुकदमा दर्ज हुआ है।

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Published By:
 Dalchand Kumar
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