केजरीवाल को हराते ही छाए, आखिरी पल तक रेस में सबसे आगे.... फिर क्यों प्रवेश वर्मा को नहीं बनाया गया CM?

रेखा गुप्ता के शपथ लेने से पहले चर्चा है कि आखिर क्यों मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदार माने जा रहे प्रवेश वर्मा को सीएम पद से वंचित कर दिया गया।

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Parvesh Verma
Parvesh Verma | Image: ANI

Parvesh Verma: दिल्ली में नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण की तारीख आ गई है। आज दिल्ली को आखिरकार अपना नया मुख्यमंत्री मिल जाएगा। रामलीला मैदान में रेखा गुप्ता मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगी। इन सबसे बीच चर्चा है कि दिल्ली में मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदार माने जा रहे प्रवेश वर्मा को क्यों सीएम पद से वंचित कर दिया गया।

प्रवेश वर्मा नई दिल्ली विधानसभा सीट से जीतकर विधायक बने हैं। उन्होंने कांटे के मुकाबले में दिल्ली के पूर्व CM अरविंद केजरीवाल को पटखनी देकर इस सीट पर कब्जा जमाया। प्रवेश वर्मा चुनाव जीतने के बाद से ही लगातार चर्चाओं में थे और CM पद की रेस में सबसे मजबूत दावेदारों में से एक माने जा रहे थे। इसके बावजूद प्रवेश वर्मा की जगह पर रेखा गुप्ता को तरजीह दी गई। इसके पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं।

क्यों पिछड़ गए प्रवेश वर्मा?

ऐसा कहा जा रहा है कि प्रवेश वर्मा का पारिवारिक बैकग्राउंड उनके मुख्यमंत्री पद की राह में सबसे बड़ी अड़चन बन गया। मालूम हो कि भाजपा के इतिहास में अबतक ऐसा कोई शख्स मुख्यमंत्री नहीं बना जिसके माता-पिता पहले इस पद पर रह चुके हों। शायद यही कारण है कि राष्ट्रीय नेतृत्व ने प्रवेश वर्मा को सीएम पद से वंचित कर दिया।

गौरतलब है कि बीजेपी राजनीति में परिवारवाद की घोर विरोधी रही है। भले ही बीजेपी ने हाल के दिनों में राजनीतिक बैकग्राउंड के कई लोगों को टिकट दिया। लेकिन राजनीति में फैमिली बैकग्राउंड को देखते हुए बीजेपी ने किसी को सीएम नहीं बनाया है। इस बीच उम्मीद है कि प्रवेश वर्मा को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है। सोशल मीडिया पर कहा जा रहा है कि भविष्य में वह दिल्ली के सीएम रेस में बने रह सकते हैं। 

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रेखा गुप्ता को क्यों दी गई तरजीह?

दूसरी ओर रेखा गुप्ता को सीएम बनाने के फैसले के पीछे की वजह यह मानी जा रही है कि वह वैश्य समाज से आती हैं। भाजपा ने उन्हें सीएम बनाकर वैश्य समुदाय को साधने की कोशिश की है। राजधानी में वैश्य समुदाय का अहम प्रभाव है। इसके साथ-साथ बीजेपी का कोर वोट बैंक भी इसी समाज से आता है। रेखा का फैमिली ब्रैकग्राउंड भी राजनीति में सक्रिय नहीं रहा है। इसी के साथ बीजेपी ने रेखा गुप्ता को सीएम बनाकर साधारण पारिवारिक बैकग्राउंड से आने वाले लोगों को शीर्ष पदों तक पहुंचने का मौका देने का भी संदेश दिया है। 

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Published By:
 Priyanka Yadav
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