औरंगजेब को 'हीरो' बताने वाले अबू आजमी विधानसभा जाने को बैचेन, निलंबन को लेकर स्पीकर को पत्र लिखा

अबू आजमी ने औरंगजेब की दोबारा प्रशंसा करने की कोशिश की। महाराष्ट्र विधानसभा स्पीकर को लिखे पत्र में अबू आजमी ने औरंगजेब को महान बताया।

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Abu Azmi
अबू आजमी | Image: ANI

Abu Azmi: अबू आजमी महाराष्ट्र विधानसभा से पूरे सत्र के लिए निलंबित हैं, लेकिन सदन जाने के लिए उनकी बैचेन बढ़ रही है। मुगल बादशाह औरंगजेब को 'हीरो' बताने वाले समाजवादी पार्टी के बड़े नेता अबू आजमी ने निलंबन को लेकर महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर राहुल नार्वेकर को एक पत्र लिया है। अबू आजमी ने विधानसभा अध्यक्ष से निलंबन रद्द करने का अनुरोध किया है।

अबू आजमी ने अपने लेटर में पूरे विवाद को लेकर सफाई दी है। सपा की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष आजमी को विधानसभा से 5 मार्च को निलंबित किया गया था, जिसके प्रस्ताव में कहा गया कि अबू आजमी ने विधानसभा परिसर के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए छत्रपति संभाजी महाराज के बारे में अत्यधिक आपत्तिजनक, भड़काऊ और निंदनीय बयान दिया था और औरंगजेब की एक अच्छे प्रशासक के रूप में प्रशंसा की थी। अबू आजमी को बजट सत्र के आखिरी दिन तक निलंबित कर दिया गया। इस पर अपनी सफाई में अबू आजमी ने लिखा है- 'मैंने ये बयान मीडिया को नहीं दिया जैसा कि प्रस्ताव में उल्लेख किया गया है।'

छत्रपति संभाजी महाराज के बारे में कोई बयान नहीं दिया- अबू आजमी

अपने पत्र में अबू आजमी लिखते हैं- '3 मार्च को जब मैं हॉल से बाहर निकल रहा था तो मीडियाकर्मियों ने मेरा पीछा किया। मीडिया ने बहुत शोरगुल के साथ उनसे सवाल पूछा कि 'असम के मुख्यमंत्री हिमंता ने गांधी की तुलना औरंगजेब से की। इस संबंध में मैंने सतीश चंद्र, उद्रे त्रिशके, जीव दीक्षित,  राम पुनियानी, अवध ओझा और मीना भार्गव के लेख का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने (औरंगजेब) मंदिरों की मदद की। छत्रपति संभाजी महाराज के बारे में कोई बयान नहीं दिया गया है। मैंने उनके प्रति सम्मान दिखाया। मेरे मुंह से अनकही बातें निकलवाकर मेरी छवि खराब करने की कोशिश की गई।'

हालांकि कुछ उदाहरणों का जिक्र करते हुए अबू आजमी ने औरंगजेब की दोबारा प्रशंसा करने की कोशिश की। सपा नेता ने लेटर में लिखा- 'औरंगजेब के समय में भारत की सीमाएं बर्मा और अफगानिस्तान तक फैली हुई थीं और लोगों के घरों में प्रचुर मात्रा में सोना था और भारत स्वर्ण युग का अनुभव कर रहा था। इसलिए ब्रिटिश शासक भारत आए। मैंने ऐतिहासिक साक्ष्यों का हवाला देते हुए कहा था कि औरंगजेब एक महान प्रशासक था। औरंगजेब और छत्रपति संभाजी महाराज के बीच लड़ाई धर्म के लिए नहीं, बल्कि सत्ता और जमीन के लिए थी। मैं जाति और धर्म के आधार पर भेदभाव में विश्वास नहीं करता।'

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औरंगजेब को अबू आजमी ने फिर महान बताया

अबू आजमी ने आगे लिखा- 'मेरा कथन साबित करता है कि मैंने जो कुछ भी कहा वो इतिहासकारों के कथनों पर आधारित था। मैंने छत्रपति शिवाजी महाराज या छत्रपति संभाजी महाराज के बारे में कोई आपत्तिजनक बयान नहीं दिया है।' हालांकि सपा नेता ने यहां औरंगजेब को फिर से महान व्यक्ति बताया और उसके प्रति सम्मान रखने की बात कही। आखिर में विधानसभा स्पीकर से अबू आजमी ने अनुरोध किया कि मेरा निलंबन रद्द कर दिया जाए।

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Published By :
Dalchand Kumar
पब्लिश्ड