'कुछ लोग विदेशी आक्रांताओं की जयकार करने में लगे हैं, मेरे पूर्वजों ने भी बलिदान...', अबू आजमी पर भड़के ज्योतिरादित्य सिंधिया

औरंगजेब को लेकर अबू आजमी के बयान पर भड़कते हुए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि कुछ लोग विदेशी आक्रांताओं की जयकार करने में लगे हैं।

Follow : Google News Icon  
Jyotiraditya Scindia
अबू आजमी पर भड़के ज्योतिरादित्य सिंधिया। | Image: Republic

देश में इन दिनों औरंगजेब को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है। महाराष्ट्र में समाजवादी पार्टी के नेता अबू आजमी ने औरंगजेब को लेकर जो बयान दे दिया, उसके बाद सो चौतरफा उनकी कड़ी आलोचना हो रही है। इस बीच केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी अबू आजमी पर पलटवार किया है।

ग्वालियर पहुंचे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, "योद्धाओं पर गर्व है लेकिन कुछ लोग अभी भी विदेशी आक्रोंताओ से आकर्षित हैं। एक तरीके से उनकी जय जयकार करने लगे हैं। मैं भारत माता का नागरिक हूं, मुझे अपनी भारत माता पर गर्व है। हमारे योद्धाओं पर गर्व है, जिन्होंने भारत माता को आजाद करने के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया।"

मेरे पूर्वजों ने भी अपने जीवन का बलिदान दिया: सिंधिया

उन्होंने आगे कहा कि चाहे वो आदिवासी समाज के हो चाहे वो अन्य समाज के हों, केवल मराठा समाज के ही नहीं बल्कि अनेकों समाज के हैं। छत्रपति शिवाजी महाराज और मेरे पूर्वजों ने भी अपने जीवन का  बलिदान दिया है और मैं मानता हूं कि भारत का इतिहास भारत की संस्कृति इतनी महान है, कोई दो सौ, चार-पांच सौ साल पुरानी नहीं है, बल्कि हजारों साल पुरानी है। इसका उल्लेख हमें सभी चीजों को एकृत्रित करके, जो प्रधानमंत्री जी की भी विचारधारा है, विश्व पटलपर निखारना होगा। विपक्ष पर भड़कते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि क्योंकि विपक्ष उसी मानसिकाता में अभी भी अटका हुआ है, भारत आगे बढ रहा है। वो अभी भी अतीत में अटके हुए हैं।

विवाद में कैलाश विजयवर्गीय ने भी ली एंट्री

मध्य प्रदेश के इंदौर में कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि 'अबू आजमी पागल हैं। आज समाज जाग्रत हो गया है, उसके सामने ऐसी बेहूदी बातें करना बहुत गलत है। उनको ऐसी सजा देनी चाहिए कि इस तरह कि बयानबाजी कोई दूसरा आदमी ना करे।' उन्होंने कहा कि इस बारे में मैं मुख्यमंत्री से भी बात करुंगा। 

Advertisement

क्या था अबू आजमी का बयान?

अबू आजमी ने कहा था कि औरंगजेब के शासनकाल के दौरान भारत की सरहद अफगानिस्तान और बर्मा (म्यांमा) तक पहुंच गई थी। मुंबई के मानखुर्द शिवाजी नगर निर्वाचन क्षेत्र से विधायक ने दावा किया, ‘‘हमारा सकल घरेलू उत्पाद (GDP) विश्व जीडीपी का 24 प्रतिशत था और भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था।’’ औरंगजेब और मराठा शासक छत्रपति संभाजी महाराज के बीच लड़ाई के बारे में पूछे जाने पर आजमी ने इसे राजनीतिक लड़ाई करार दिया था।

इसे भी पढ़ें: 'अबू आजमी पागल है, मैं मुख्यमंत्री से कहूंगा उनको तो ऐसी सजा मिले कि ...', औरंगजेब विवाद में कैलाश विजयवर्गीय की एंट्री

Advertisement
Published By :
Kanak Kumari Jha
पब्लिश्ड