आप, कांग्रेस, शिअद ने चंडीगढ़ सलाहकार के पद का नाम बदलने के केंद्र के कदम की निंदा की

आम आदमी पार्टी (आप), कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल ने चंडीगढ़ प्रशासक के सलाहकार के पद को मुख्य सचिव के रूप में पुनः नामित करने के केंद्र के फैसले की आलोचना की।

Follow : Google News Icon  
Punjab CM Bhagwant Mann
Punjab CM Bhagwant Mann | Image: Image: PTI

AAP: आम आदमी पार्टी (आप), कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने चंडीगढ़ प्रशासक के सलाहकार के पद को मुख्य सचिव के रूप में पुनः नामित करने के केंद्र के फैसले की आलोचना की है और इसे ‘‘केंद्र शासित प्रदेश पर पंजाब के वैध दावे पर सीधा हमला’’ करार दिया है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने चंडीगढ़ सलाहकार पद का नाम बदलकर मुख्य सचिव कर दिया है। केन्द्र शासित प्रदेश प्रशासक के सलाहकार का प्रभार अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम और केन्द्र शासित प्रदेश (एजीएमयूटी) काडर के एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को दिया गया है। पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) ने केंद्र के इस कदम की कड़ी निंदा करते हुए दावा किया कि इससे एक बार फिर केंद्र सरकार का ‘‘पंजाब विरोधी रवैया उजागर हुआ है।’’ 

पंजाब के दावे को कमजोर करने का प्रयास

आप नेता नील गर्ग ने दावा किया कि यह चंडीगढ़ पर पंजाब के दावे को कमजोर करने का प्रयास है। उन्होंने यहां मीडिया से कहा, ‘‘मुख्य सचिव की नियुक्ति राज्य के लिए होती है। चंडीगढ़ न तो राज्य है और न ही इसका कोई मुख्यमंत्री है। फिर मुख्य सचिव की नियुक्ति की क्या जरूरत थी?’’

उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग यह फैसला कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को इस फैसले पर पुन:विचार कर इसे वापस लेना चाहिए।

Advertisement

आप प्रवक्ता ने कहा, ‘‘ ऐतिहासिक, राजनीतिक और सामाजिक रूप से चंडीगढ़ पंजाब का है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ पंजाब के 27 गांवों को मिटाकर चंडीगढ़ का निर्माण किया गया था। इसलिए केंद्र सरकार को पंजाब सरकार से विचार विमर्श किए बिना कोई भी बड़ा फैसला नहीं लेना चाहिए।’’

Advertisement

पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता और वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने इस कदम को ‘‘शहर पर पंजाब के वैध दावे पर सीधा हमला’’ करार दिया। कांग्रेस नेता ने इस बात पर जोर दिया कि यह महज एक प्रशासनिक बदलाव नहीं है बल्कि पंजाब के अधिकारों को और कमजोर करने के लिए केंद्र द्वारा उठाया गया एक रणनीतिक कदम है।

बाजवा ने इस मुद्दे पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की चुप्पी पर भी आश्चर्य व्यक्त किया। शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के नेता सुखबीर सिंह बादल ने केंद्र सरकार को इस निर्णय पर आगे बढ़ने के खिलाफ चेतावनी दी है।

यह भी पढ़ें: नहीं रहे अखिलेश यादव के चाचा, लंबी बीमारी के बाद राजपाल सिंह यादव का निधन, सैफई में होगा अंतिम संस्कार

Published By :
Priyanka Yadav
पब्लिश्ड