'व्यक्ति कपड़ों से नहीं, काम से योगी होता है', गौशाला विवाद के बाद अखिलेश यादव ने अब मुख्यमंत्री पर दिया बयान
अखिलेश यादव ने कहा कि इस सरकार की मंशा है कि बुनियादी सवाल न पूछे जाएं और इसलिए धार्मिक सवाल उठाए जाते हैं। व्यक्ति कपड़ों से नहीं बल्कि काम से योगी होता है।
- भारत
- 3 min read

Akhilesh Yadav: गौशाला को लेकर विवादित बयान देने वाले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर बयान दिया है। प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए सपा प्रमुख ने कहा का यहां की बुनियादी समस्या बिजली, कारोबार, नौकरी और रोजगार है। इस सरकार की मंशा है कि बुनियादी सवाल न पूछे जाएं और इसलिए धार्मिक सवाल उठाए जाते हैं। व्यक्ति कपड़ों से नहीं बल्कि अपने विचार और काम से योगी होता है।
अखिलेश यादव ने कहा कि इस सरकार ने नारों में तो बहुत अच्छा कहा 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस; यह ईज ऑफ डूइंग बिजनेस नहीं है, यहां ईज ऑफ डूइंग करप्शन है, ईज ऑफ डूइंग क्राइम है, ईज ऑफ डूइंग इंसल्ट है, ईज ऑफ डूइंग कमीशन है, कितने ईज ऑफ डूइंग बताऊं आपको। इन्होंने कारोबार रोका है, अपने लोगों को लाभ देने के चक्कर में न केवल प्रदेश का बल्कि के भारत का कारोबार उद्योग ठप हो गया।
हमारे छोटे व्यापारी और छोटे दुकानदार बर्बाद हो रहे हैं- अखिलेश यादव
सपा अध्यक्ष ने कहा कि नोटबंदी के बाद न केवल बैंक और डूबी हैं और उसके बाद जीएसटी जिस तरह लागू की है। जिस तरीके से ई-कॉमर्स चल रहा है, हमारे छोटे व्यापारी और छोटे दुकानदार बर्बाद हो रहे हैं, इसलिए भारतीय जनता पार्टी ने अपनी जेब में भरने के लिए तो पॉलिसी बनाई लेकिन देश का कारोबार और प्रदेश का उद्योग कारोबार बढ़ाने के लिए कोई बड़ा काम नहीं किया।
Advertisement
कोई भी वस्त्र पहनने से योगी नहीं बन जाता है - अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश की बुनियादी समस्या है बिजली, कारोबार, नौकरी और रोजगार, जो नहीं मिल रहे हैं और फिर और जो आपने बड़ा सपना दिखाया था, 40 लाख करोड़ के MoU, यह जीरो टॉसलरेंस और ट्रांसपेरेंट सरकार की बात करते हैं तो कम से कम 40 लाख करोड़ में कितना इन्वेस्टमेंट जमीन पर आया है और उस इन्वेस्टमेंट से कितने लोगों को नौकरी और रोजगार मिले हैं इसके बारे में बताना चाहिए। इस सरकार की जो नियत है, जो मंशा है, उनका का फोकस है जो उनकी रणनीति है, वह उनकी रणनीति यह है कि बुनियादी सवाल न पूछे जाएं, बुनियादी सवालों पर चर्चा ना हो इसलिए धार्मिक सवाल उठाए जाते हैं और सच्चाई है कोई भी कपड़े पहनने से योगी नहीं बन जाता है। कोई भी वस्त्र पहनने से योगी नहीं बन जाता है बल्कि विचार से योगी होता है अपने काम से योगी होता है।