FIIT JEE प्रबंधकों के खिलाफ पुलिस का बड़ा एक्शन, 12 बैंक खातों में 11 करोड़ 11 लाख की रकम सीज

नोएडा पुलिस ने FIIT JEE प्रबंधकों के खिलाफ बड़ा एक्शन लेते हुए उनके 12 बैंक खातों में 11 करोड़ 11 लाख रुपए सीज कर दिए हैं।

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Police action against FIIT JEE managers
FIIT JEE प्रबंधकों के खिलाफ पुलिस का बड़ा एक्शन | Image: Pexels

नोएडा पुलिस ने FIIT JEE प्रबंधकों के खिलाफ बड़ा एक्शन लेते हुए उनके 12 बैंक खातों में 11 करोड़ 11 लाख रुपए सीज कर दिए हैं। एडीसीपी ग्रेटर नोएडा अशोक कुमार ने बताया, "FIIT JEE प्रबंधकों के खिलाफ दर्ज मामले में इनके बैंक खातों का पता लगाकर 12 खातों में लगभग 11 करोड़ 11 लाख रुपए की धनराशि सीज कराई गई है। अन्य खातों का पता लगाया जा रहा है।"

करीब तीन पहले हफ्ते कम से कम आठ FIITJEE (फोरम फॉर इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी-ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन) कोचिंग सेंटर अचानक बंद हो गए। इससे सैकड़ों छात्र और अभिभावक नाराज हैं, जिन्होंने IIT प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए 4 लाख रुपए फीस दी थी। बता दें, FIITJEE जेईई एग्जाम की तैयारी कराने वाले कोचिंग संस्थानों में काफी चर्चित नाम है।

FIITJEE में कैसे आई संकट?

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो सैलरी ना मिलने के कारण शिक्षकों की ओर से इस्तीफा दिया गया। इसके बाद FIITJEE कोचिंग सेंटर बंद हो गए हैं। वहीं अभिभावकों ने FIITJEE कोचिंग संस्थान के प्रमुख डीके गोयल के खिलाफ नोएडा सेक्टर 58 पुलिस स्टेशन में अग्रिम भुगतान वापस न करने के लिए एफआईआर भी दर्ज कराई है।

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कोचिंग में पढ़ाने वाले शिक्षकों को नहीं मिली सैलरी

FIR में आगे दावा किया गया है कि FIITJEE के गाजियाबाद केंद्र के शिक्षकों को उनका वेतन नहीं मिला। इस वजह से अब FIITJEE की वित्तीय स्थिरता और छात्रों पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर चिंताएं पैदा हो गई हैं। उन स्टूडेंट्स के लिए ये वक्त इसलिए भी नाजुक माना जा रहा है, क्योंकि कुछ ही महीनों में सभी की परीक्षाएं है। ऐसे में उनकी पढ़ाई एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर है, जहां शिक्षकों की गाइडलाइंस और सपोर्ट की ज्यादा जरूरत है।

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हाल ही में, दिल्ली राज्य आयोग ने फैसला सुनाया कि कोचिंग संस्थान केवल उसी सेमेस्टर के लिए एडवांस फीस ले सकते हैं, जिसके लिए वो पढ़ाने वाले हैं, ना कि पूरे कोर्स के लिए। यह निर्णय एक CAT अभ्यर्थी द्वारा फीस वापसी की मांग करने वाली याचिका की सुनवाई के दौरान आया। उस स्टूडेंट ने 2 साल के कोर्स में एडमिशन लिया था, लेकिन दो महीने बाद ही उसने पढ़ाई छोड़ दी।

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Published By :
Deepak Gupta
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