अपडेटेड 25 January 2026 at 13:31 IST
Mann Ki Baat: PM मोदी ने गुजरात के एक गांव की अनूठी परंपरा का किया जिक्र, बोले- यहां लोग अपने घरों में खाना नहीं बनाते क्योंकि...
पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत की संस्कृति और त्योहार पूरी दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। दुनिया के कोने-कोने में भारतीय पर्व अत्यंत उत्साह और उमंग के साथ मनाए जाते हैं।
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Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज, 25 जनवरी को नए साल के पहले 'मन की बात' कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भारतीय संस्कृति और त्योहारों की वैश्विक पहचान पर बात की।
पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत की संस्कृति और त्योहार पूरी दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। दुनिया के कोने-कोने में भारतीय पर्व अत्यंत उत्साह और उमंग के साथ मनाए जाते हैं। इस सांस्कृतिक जीवंतता को बनाए रखने और आगे बढ़ाने में विदेशों में बसे हमारे भारतवंशी भाई-बहनों का अहम योगदान है। वे जहां भी रहते हैं, वहां भारतीय संस्कृति की मूल भावना को संजोकर रखते हैं और उसे आगे बढ़ा रहे हैं।
मलेशिया में बसे भारतीय समुदाय पर बोले PM
उन्होंने खासतौर पर मलेशिया में बसे भारतीय समुदाय की सराहना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि मलेशिया में भी हमारा भारतीय समुदाय बहुत सराहनीय काम कर रहा है। यह जानकर सुखद आश्चर्य होगा कि मलेशिया में 500 से ज्यादा तमिल स्कूल हैं। इनमें तमिल भाषा की पढ़ाई के साथ-साथ अन्य विषयों को भी तमिल में पढ़ाया जाता है। इसके अलावा यहां तेलुगु और पंजाबी सहित अन्य भारतीय भाषाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है।
मलेशिया संग सांस्कृतिक रिश्तों का भी किया जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और मलेशिया के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत बनाने में ‘मलेशिया इंडिया हेरिटेज सोसाइटी’ की बड़ी भूमिका है। यह संस्था विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ हेरिटेज वॉक का भी आयोजन करती है, जिसमें दोनों देशों को जोड़ने वाले सांस्कृतिक स्थलों को दर्शाया जाता है। पिछले महीने मलेशिया में आयोजित ‘लाल पाड़ साड़ी’ आइकॉनिक वॉक इसका उदाहरण है। इस साड़ी का बंगाल की संस्कृति से खास नाता रहा है। इस साड़ी को पहनने वालों की रिकॉर्ड संख्या दर्ज की गई, जिसे मलेशियन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में शामिल किया गया। इस आयोजन में प्रस्तुत ओडिसी नृत्य और बाउल संगीत ने दर्शकों का दिल जीत लिया।
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गुजरात के एक गांव की अनूठी परंपरा भी बताई
पीएम ने आगे कहा कि भारत के किसी भी कोने में जाने पर वहां कुछ न कुछ अनोखा और असाधारण जरूर देखने को मिलता है। कई बार मीडिया की चकाचौंध में यह प्रेरक बातें सामने आने से वंचित रह जाती हैं। लेकिन यही हमारे समाज की असली ताकत को दर्शाती हैं। इनमें हमारे उन मूल्यों की भी झलक मिलती है, जिनमें एकजुटता की भावना सर्वोपरि है।
उन्होंने गुजरात के बेचराजी क्षेत्र के चंदनकी गांव की अनूठी परंपरा का भी जिक्र किया। पीएम ने हैरान कर देने वाली बात बताते हुए कहा कि यहां के लोग, विशेष रूप से बुजुर्ग अपने घरों में खाना नहीं बनाते। इसके पीछे गांव का सामुदायिक रसोईघर है, जहां पूरे गांव के लिए एक साथ खाना बनाया जाता है और सभी लोग साथ-बैठकर भोजन का लुत्फ उठाते हैं। यह परंपरा एक-दो सालों से नहीं, बल्कि पिछले 15 सालों से लगातार चली आ रही है। इसके अलावा, बीमार लोगों के लिए टिफिन सेवा की व्यवस्था है, जिससे उनका भोजन उन्हें घर पर ही पहुंचा दिया जाता है। गांव की यह पहल न केवल लोगों को आपस में जोड़ती है, बल्कि इससे पारिवारिक भावना को भी बढ़ावा मिलता है।
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Published By : Priyanka Yadav
पब्लिश्ड 25 January 2026 at 13:31 IST