BRICS 2026: पश्चिम एशिया में तनाव पर चर्चा... PM मोदी और ईरानी राष्ट्रपति के बीच द्विपक्षीय वार्ता में किन मुद्दों पर हुई बातचीत?
BRICS Summit 2026: 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 12 और 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन से एक दिन पहले पीएम मोदी और ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियान के बीच अहम बैठक हुई। बैठक में कई विशेष मुद्दों पर चर्चा हुई।
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BRICS Summit 2026: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच स्थायी शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने, समुद्री आवाजाही और व्यापार की स्वतंत्रता बनाए रखने और नाविकों की सुरक्षा व भलाई के लिए लगातार कोशिशें करने की जरूरत पर ज़ोर दिया। दोनों के बीच 'स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज' (Strait of Hormuz) को लेकर भी चर्चा हुई।
'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' पर अहम चर्चा
समाचार एजेंसी एएनआई ने विदेश मंत्रालय के एक बयान के अनुसार बताया कि दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की और पश्चिम एशिया में हाल की घटनाओं पर विचार-विमर्श किया। यह क्षेत्र संघर्ष और रणनीतिक 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) पर असर डालने वाली रुकावटों के कारण भारी अनिश्चितता का सामना कर रहा है, जिसे लेकर दोनों नेताओं के बीच अहम चर्चा हुई।
सभी मुद्दों को बातचीत और कूटनीति के जरिए सुलझाया जाए
विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया, "प्रधानमंत्री ने भारत के इस लगातार रुख को दोहराया कि सभी मुद्दों को बातचीत और कूटनीति के ज़रिए सुलझाया जाना चाहिए। उन्होंने क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने, समुद्री आवाजाही और व्यापार की स्वतंत्रता बनाए रखने, और नाविकों की सुरक्षा व भलाई के लिए लगातार कोशिशें करने की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया।"
PM मोदी और पेजेशकियान के बीच दूसरी मुलाकात
हाल के समय में PM मोदी और पेजेशकियान के बीच यह दूसरी बैठक थी। इससे पहले दोनों नेता 31 अगस्त को बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान मिले थे। शुक्रवार की बैठक के दौरान, PM मोदी ने मुश्किल हालात के बावजूद ब्रिक्स (BRICS) से जुड़ी बैठकों में ईरान की नियमित और उच्च-स्तरीय भागीदारी के लिए ईरान का धन्यवाद किया।
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उन्होंने 'ग्लोबल साउथ' के देशों के बीच लचीलेपन, इनोवेशन, सहयोग और स्थिरता की भावना को बढ़ावा देने में ब्रिक्स की क्षमता का भी ज़िक्र किया। प्रधानमंत्री ने आज इससे पहले ब्रिक्स बिजनेस फोरम के लीडर्स सेशन में शामिल होने के लिए पेजेशकियन का धन्यवाद भी किया।
ब्रिक्स बिजनेस फोरम मंच से पेजेशकियन ने क्या कहा?
पेजेशकियान ने फ़ोरम में अपने संबोधन में कहा, "हमारा मानना है कि ब्रिक्स की असली ताकत सिर्फ़ इसके सदस्य देशों की अर्थव्यवस्थाओं के आकार तक सीमित नहीं है; बल्कि यह तब और साफ़ तौर पर दिखती है जब इन क्षमताओं को व्यापार, निवेश और संयुक्त वित्तपोषण के नेटवर्क में बदला जाता है – यानी संभावित सहयोग से वास्तविक सहयोग की ओर बढ़ना।"
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ईरान के राष्ट्रपति ने जटिल वैश्विक माहौल पर भी ज़ोर दिया और भू-राजनीतिक अनिश्चितता, सप्लाई चेन में रुकावट और राजनीतिक दबाव बनाने के लिए आर्थिक साधनों के बढ़ते इस्तेमाल की ओर इशारा किया।