Global Fintech Fest 2026: मुश्किल समय में भारत पर भरोसा बढ़ा... फिनटेक फेस्ट में PM मोदी के संबोधन की बड़ी बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (जीएफएफ) 2026 के सातवें संस्करण का उद्घाटन करते हुए भारत की डिजिटल वित्तीय क्रांति के अगले चरण का एजेंडा सामने रखा।

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PM Modi inaugurates Global Fintech Fest 2026 in Mumbai says India’s Reliability Grew Stronger in Times of Crisis
मुश्किल समय में भारत पर भरोसा बढ़ा... फिनटेक फेस्ट में PM मोदी के संबोधन की बड़ी बातें | Image: X

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (जीएफएफ) 2026 के सातवें संस्करण का उद्घाटन करते हुए भारत की डिजिटल वित्तीय क्रांति के अगले चरण का एजेंडा सामने रखा। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, दुनिया के हालात क्या हैं, ये आप सब भलीभांति जानते हैं। दुनिया Conflicts और अन-सर्टेनिटी के दौर से गुजर रही है। एनर्जी और कमोडिटीज़ की सप्लाई चेन्स पर दबाव है, ट्रेड को लेकर भी तनाव है। और ये स्थितियां कई महीनों से बनी हुई हैं। इसमें भी अप्रैल से जून का क्वार्टर सबसे चैलेंजिंग रहा है। और इसमें भी जब भारत, 7.8 पर्सेंट से ग्रो करता है, तो दुनिया को एक नया भरोसा मिलता है। और ये जो विश्वास है, वो मैं यहां आप सभी के चेहरों पर भी साफ-साफ देख रहा हूं।

पीएम ने कहा, भारत पर इस बढ़ते भरोसे का एक और उदाहरण हमारी सॉवरीन रेटिंग्स भी है। हाल में ही, जापान की क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ने भारत की सॉवरीन रेटिंग्स को A-कैटेगरी में अपग्रेड किया है। अपग्रेड करना तो खुशी की बात है, लेकिन बहुत कम लोगों को मालूम है कि ये सौभाग्य तीन दशक के बाद आया है, तीस साल के बाद। ये दिखाता है कि भारत के ग्रोथ मोमेंटम, हमारी मैक्रो-इकोनॉमिक स्टेबिलिटी, और जो स्ट्रक्चरल रिफॉर्म्स बीते वर्षों में किए हैं, उन सब को लेकर दुनिया कितनी आश्वस्त है। और मैं फिर कहूंगा कि भारत की ये रिफॉर्म एक्सप्रेस और तेज़ रफ्तार से आगे बढ़ेगी।

भारत की फिनटेक स्टोरी अद्भुत रही: पीएम मोदी

पीएम मोदी ने आगे कहा, भारत की फिनटेक स्टोरी अद्भुत रही है। और इसका एक बड़ा चैंपियन है- हमारा यूपीआई। मैंने पिछले साल भी इसकी चर्चा की थी। लेकिन ये इतनी बड़ी ट्रांसफॉर्मेशन है कि जब भी फिनटेक की चर्चा होगी, तो वो UPI के बिना अधूरी ही होगी। उन्‍होंने कहा, अभी कुछ ही दिन पहले, 25 अगस्त को UPI ने अपने 10 साल पूरे किए हैं। 10 वर्ष पहले जब मैं कहता था कि आपका बैंक आपकी फिंगर टिप्स पर होगा, तो कुछ लोगों को ये असंभव लगता था और मैं well informed लोगों की बात कर रहा हूं, चेहरा याद कर लीजिए।

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मैं उन करोड़ों भारतीयों की बात नहीं कर रहा हूं, जिनके तब बैंक अकाउंट भी नए-नए खुले थे। उनकी तो अनेक पीढ़ियों ने बैंक का दरवाज़ा तक नहीं देखा था। लेकिन आज 10 वर्ष बाद देखिए, वही करोड़ों लोग, जो पीढ़ियों से बैंकिंग सिस्टम से बाहर थे, वे भारत में फिनटेक ग्रोथ के बड़े ड्राइवर बन गए हैं। पीएम मोदी ने कहा, आज अकेले अगस्त महीने में ही UPI से 2400 करोड़ से ज्यादा ट्रांजेक्शन हुए हैं। यानी हम यहां जितनी देर से बैठे हैं, सिर्फ 10 मिनट में ही, औसतन 50 लाख से ज्यादा UPI Transactions देशभर में हो चुके होंगे। यही इंपैक्‍ट है जिसके कारण फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा, उन्होंने कहा था कि UPI केवल एक Tech Story नहीं है, ये एक सिविलाइजेशनल स्टोरी है।

भारत का UPI अब दुनिया के 11 देशों में लाइव है- PM Modi

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पीएम मोदी ने कहा, UPI अब सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। कुछ वर्ष पहले यहां कोई कहता कि विदेश में भी भारत के बैंक अकाउंट से पेमेंट कर देगा, तो शायद ही कोई विश्वास करता। लेकिन आज, यह एक हकीकत है। भारत का UPI अब दुनिया के 11 देशों में लाइव है। ये अद्भुत आंकड़े हैं, जो हमें बताते हैं कि हमने कितना लंबा सफर तय किया है। लेकिन अब सवाल ये है कि क्या हम इस सफर से संतुष्ट हो जाएं? क्या भारत में फिनटेक की सफलता को ही फाइनल मान लिया जाए?

उन्‍होंने आगे कहा, पॉलिसी और गवर्नेंस से जुड़े इकोसिस्टम में मुझे अब 25 वर्ष पूरे होने वाले हैं। और जिन्होंने भी मुझे इन वर्षों में देखा है, वो जानते हैं, मोदी एक पड़ाव पर पहुंचकर, जश्न मनाकर संतुष्ट होने वालों में से नहीं है। जब एक लक्ष्य प्राप्त होता है, तो मैं उससे भी बड़े लक्ष्य की तैयारी में जुट जाता हूं। आज हमारा UPI कई देशों में पहुंचा है। लेकिन ये फर्स्ट स्टेप है। अब उन देशों के पेमेंट सिस्टम्स के साथ जुड़ना हमारा अगला लक्ष्य होना चाहिए।

सिंगापुर के साथ हम ये कर चुके हैं। इससे भारत और सिंगापुर के बीच ट्रांजेक्शन वैसे ही हो पा रहे हैं, जैसे एक ही शहर के दो मोहल्लों के बीच होता है। यही कनेक्शन हमें, अन्य देशों, अन्य बाज़ारों में भी built करना है, इसी लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ना होगा। जहाँ भी भारतीय बड़ी संख्या में रहते हैं, जहाँ भी भारत, बड़े पैमाने पर trade करता है, दुनिया का जो भी देश हमारे साथ चलने को तैयार है, हमें उन सबको जोड़ने के लिए काम करना होगा।

ये इसलिए भी ज़रूरी है, क्योंकि विदेशों में बड़ी संख्या में भारतीय काम करते हैं। और दुनिया में सबसे अधिक भारतीय ही विदेश से पैसा भेजते हैं। लेकिन आज उस पैसे का एक हिस्सा, ट्रांजैक्शन कॉस्ट में चला जाता है। UPI, भारतीयों को इसमें भी बचत दिला सकता है, और पैसा तेज़ी से भारतीय परिवारों के पास पहुंच सकता है।

अब हम अपने खुद के नियम और स्टैंडर्ड बना सकते हैं

पीएम मोदी ने कहा, आज आप भारत में कार्ड से पेमेंट कैसे करते हैं? यह सिस्टम उन स्टैंडर्ड्स पर चलता है, जो कहीं और डिज़ाइन किए गए थे। हमने उन स्टैंडर्ड्स और नियम को अपनाया,जो दूसरों ने बनाया था। उस समय, हमारे पास अपना कोई विकल्प नहीं था। लेकिन अब हमारे पास अपना विकल्प है, अब हम अपने खुद के Rules और स्टैंडर्ड बना सकते हैं, और उन्हें दुनिया के साथ जोड़ सकते हैं। मुझे आप सभी पर पूरा भरोसा है कि आप ये कर सकते हैं।

उन्‍होंने कहा, टेक्नॉलॉजी, इंक्लूजन का सबसे प्रभावी टूल है। और UPI ने ये करके दिखाया है। जब फिनटेक की बात आती है, तो इसका यूनीक फीचर ही वहां पहुंचने का होना चाहिए, जहां ट्रेडिशनल मॉडल नहीं पहुंच पाए। जहां पारंपरिक बैंक नहीं पहुंच पाए, जहां बैंक ब्रांच नहीं पहुंच पाई, UPI ने बैंकिंग व्यवस्था को उस स्थान, उस व्यक्ति तक पहुंचा दिया है। आज फिनटेक बाज़ार का एक बड़ा हिस्सा सिर्फ पेमेंट्स का है। लेकिन अब हमें, यहां से Next level पर जाना है, तेज़ी से जाना है। अब फिनटेक मार्केट में, पेमेंट्स के साथ-साथ, क्रेडिट ट्रांजैक्शन्स का हिस्सा भी बढ़ना चाहिए, इंश्योरेंस का हिस्सा बढ़ना चाहिए, सेविंग्स, इन्वेस्टमेंट्स और पेंशन का हिस्सा बढ़ना चाहिए।

विकसित भारत के लिए, इस ताकत का उभार बहुत जरूरी- PM Modi

पीएम मोदी ने कहा, मैं समझता हूं फिनटेक देश की उस ताकत को उभार सकता है, जो अभी ट्रेडिशनल फाइनेंशियल मॉडल्स की रीच से बाहर है, या उस प्रकार से एड्रेस नहीं हो पा रही है। विकसित भारत के लिए, इस ताकत का उभार बहुत ज़रूरी है। इसका इंपैक्ट क्या होता है, ये हम अभी पीएम स्वनिधि की सफलता से देख ही रहे हैं। हमारे स्ट्रीट वेंडर्स शहरों की रीढ़ हैं। लेकिन ये देश के बैंकिंग सिस्टम से, फॉर्मल क्रेडिट सिस्टम से बाहर थे।

पीएम स्वनिधि ने, देश के लाखों स्ट्रीट वेंडर्स को फॉर्मल सिस्टम से जोड़ा। और अब इन साथियों के पास भी स्वनिधि क्रेडिट कार्ड है, यानी इनके पास, एक फॉर्मल क्रेडिट एक्सेस का टूल है। और स्‍टडी बताती हैं, कि स्वनिधि के इन बेनिफिशरीज की एवरेज एनुअल इनकम ट्वेंटी परसेंट से ज्यादा बढ़ी है। यही नहीं, इससे इन परिवारों की हाउसिंग, न्यूट्रिशन, हेल्थकेयर एक्सेस और बच्चों की एजुकेशन, इनमें भी बहुत सुधार हुआ है। इसलिए सरकार ने इस स्कीम को 2030 तक बढ़ाने का फैसला भी लिया है।

उन्‍होंने आगे कहा, पीएम स्वनिधि को ये सफलता हासिल ही नहीं होती, अगर UPI ही नहीं होता। इस स्कीम की सफलता में UPI की एक बहुत बड़ी भूमिका है। इसी अनुभव से सीखते हुए हमें फिनटेक की ताकत से इकोनॉमिक एक्टिविटीज को और बढ़ाना है। मैं आपको कैपिटल और क्रेडिट की दुनिया से एक उदाहरण देता हूँ। एक बहन है, जो एक छोटी दुकान चलाती है। उसको हर दिन डिजिटल पेमेंट मिलता है।

पीएम मोदी ने कहा, अब उसकी इनकम और खर्च में एक क्लीयर पैटर्न दिखता है। उसका बिजनेस काफी अच्छा चल रहा है। वो उस लेवल से आगे बढ़ चुकी है, जहां कम कैपिटपल भी काफी था। अब उसे अपने बिजनेस को स्केल-अप करने के लिए, सामान चाहिए, इक्विपमेंट्स चाहिए, और इसके लिए थोड़े ज्यादा पैसे की जरूरत है। ये बहुत बड़ा क्रेडिट नहीं है। और उस बहन का बिजनेस अभी भी इतना छोटा है, कि ट्रेडिशनल क्रेडिट मॉडल, उसको एफिशियंट सर्विस नहीं दे सकते। इस प्रकार के बिजनेस हैं, जिनकी ज़रूरतों को फिनटेक, एनालाइज, एंटिसिपेट और एड्रेस कर सकते हैं। और ऐसे बिजनेसेज की संख्या बहुत बड़ी है।

हमें नॉन-पेमेंट्स ट्रांजैक्शन्स का शेयर बढ़ाने में मदद करनी होगी- PM Modi

पीएम मोदी ने कहा, टेक्नॉलॉजी हमें ऐसे बिजनेसेज की इकोनॉमिक एक्टिविटीज को स्टडी करने और उनके लिए क्यूरेटेड मॉडल डिजायन करने में बहुत काम आ सकती है। मेरा मानना है कि फिनटेक का नेक्स्ट चैप्टर, यहीं लिखा जाएगा। हमने पेमेंट्स में स्पीड और स्केल दिखाई है। अब, हमें नॉन-पेमेंट्स ट्रांजैक्शन्स का शेयर बढ़ाने में मदद करनी होगी। जैसे कोई डिलिवरी पार्टनर है, या अपना कोई छोटा-मोटा काम करने वाला व्यक्ति है, वो हर महीने कमाता है, लेकिन उसे सेविंग्स और पेंशन प्रोडक्ट्स जैसी सर्विसेज़ तक एक्सेस चाहिए।

उन्‍होंने कहा, ऐसे लोगों की ज़रूरतों को फिनटेक एड्रेस कर सकता है। ऐसे ही फिनटेक, इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स और अन्य फाइनांशियल सर्विसेज तक भी एक्सेस आसान बना सकता है। ये सब भी उतने ही सरल, सहज और सुलभ हो सकते हैं, जितना आसान, आज क्यूआर कोड से पेमेंट करना है।

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Published By:
 Ankur Shrivastava
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