दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव Ex- IAS राकेश मेहता ने की खुदकुशी, आधुनिक दिल्ली के निर्माण में था बड़ा योगदान; सुसाइड नोट में क्या लिखा?

दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी (1975 बैच) राकेश मेहता (74 वर्ष) ने नोएडा की केंद्रीय विहार-2 सोसायटी स्थित अपने किराए के फ्लैट में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।

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Former Delhi Chief Secretary Rakesh Mehta Commits Suicide at Noida Residence, Note Found
दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव Ex- IAS राकेश मेहता ने किया सुसाइड, आधुनिक दिल्ली के निर्माण में था बड़ा योगदान; सुसाइड नोट में क्या लिखा? | Image: X

दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी (1975 बैच) राकेश मेहता (74 वर्ष) ने नोएडा की केंद्रीय विहार-2 सोसायटी स्थित अपने किराए के फ्लैट में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना रविवार की है, जिसके बाद सोमवार को दिल्ली में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। मौके से मिले सुसाइड नोट में उन्होंने अपनी मौत के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया है और बीमारी से परेशान होकर यह कदम उठाने की बात कही है।

जानकारी के मुताबिक, राकेश मेहता की पत्नी सुमंती मेहता भी सेवानिवृत्त IAS अधिकारी हैं। वह इन दिनों अपने बेटे से मिलने देहरादून गई हुई थीं। उनकी एक बेटी भी है, जो विदेश में रहती है। शनिवार को सुमंती मेहता ने अपने पति को फोन किया, लेकिन कई बार कोशिश करने के बावजूद फोन रिसीव नहीं हुआ। लगातार संपर्क नहीं होने पर उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद वह देहरादून से नोएडा वापस लौट आईं।

अंदर से बंद था दरवाजा, पंखे से लटक रहा था मेहता का शव

नोएडा पहुंचने के बाद सुमंती मेहता जब अपने फ्लैट पर पहुंचीं तो दरवाजा अंदर से बंद था। काफी कोशिश के बाद भी दरवाजा नहीं खुला। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण पुलिस ने उसे तोड़ा और फ्लैट के अंदर दाखिल हुई। अंदर राकेश मेहता फंदे से लटके मिले। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है।

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अंग्रेजी में लिखे एक पन्ने के सुसाइड नोट में राकेश मेहता ने स्पष्ट किया कि वह अपनी बीमारियों से तंग आ चुके थे। वह हाइपरटेंशन, बीपी, शुगर और हाथ-पैर कांपने (ट्रीमोर) की समस्या से पीड़ित थे। मंगलवार को परिजनों ने पुलिस से मुलाकात की, हालांकि उन्होंने मामले में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है।

राकेश मेहता के बारे में जानिए

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राकेश मेहता का प्रशासनिक करियर तीन दशक से भी ज्यादा लंबा रहा। उन्होंने दिल्ली सरकार और नगर निगम में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया। साल 2007 में उन्होंने दिल्ली के मुख्य सचिव का पद संभाला था और नवंबर 2010 में सेवानिवृत्त हुए। 2010 में दिल्ली में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान भी उन्होंने प्रशासन से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली थीं। उनके कार्यकाल के दौरान दिल्ली के परिवहन और शहरी प्रशासन से जुड़े कई अहम फैसले भी लिए गए।

'नई नीतियों को लागू करने के लिए तैयार रहते थे'

दिल्ली के पूर्व मंत्री अरविंदर सिंह लवली के मुताबिक, राकेश मेहता हमेशा नई नीतियों और विचारों को लागू करने के लिए तैयार रहते थे। बिजली के निजीकरण के दौर में वह दिल्ली सरकार में बिजली सचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। दिल्ली की सड़कों से ब्लूलाइन बसों को हटाने और उनकी जगह लो-फ्लोर बसें चलाने की योजना तैयार करने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव रमेश नेगी ने भी कई अहम प्रशासनिक सुधारों का श्रेय राकेश मेहता को दिया। राकेश मेहता पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के करीबी माने जाते थे। 

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Published By:
 Ankur Shrivastava
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