जहां तथ्य होते हैं, तर्क होते हैं, वहां तूफान के लिए जगह नहीं होती- संसद का मॉनसून सत्र शुरू होने से पहले बोले PM मोदी
संसद का मॉनसूत्र सत्र शुरू होने से पहले पीएम मोदी ने कहा कि समय की मांग है कि राष्ट्रनिष्ठा से भरे हुए, राष्ट्रभक्ति के लिए जी रहे आवाज को सदन में उचित मंच मिलता रहे, वे अपनी आवाज को बुलंद करें, देश को दिशा दें।
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PM Modi at Parliament: मॉनसून सत्र का आगाज होने से पहले संसद के बाहर से पीएम मोदी ने आज (20 जुलाई) को मीडिया को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि मॉनसून हो या मॉनसून सत्र- अगर दोनों सक्रिय हों, तो वे बहुत फायदेमंद साबित होते हैं। जब दोनों फायदेमंद होते हैं, तो इससे देश का कल्याण होता है और सभी जीवों का भला होता है। इसीलिए हम प्रार्थना करते हैं कि मॉनसून सक्रिय और फायदेमंद बना रहे, और मॉनसून सत्र भी फायदेमंद साबित हो।
‘तर्क मजबूत है, तथ्य मजबूत है, तो…’
पीएम मोदी ने कहा कि समय की मांग है कि राष्ट्रनिष्ठा से भरे हुए, राष्ट्रभक्ति के लिए जी रही आवाज को सदन में उचित मंच मिलता रहे, वे अपनी आवाज को बुलंद करें, देश को दिशा दें। मैं आशा करता हूं और पक्का विश्वास है जहां तथ्य होते हैं, जहां तर्क होते हैं, वहां तूफान के लिए जगह नहीं होती। अगर तर्क मजबूत है, तथ्य मजबूत है, शांत चित्त से भी अपनी आवाज को बुलंद बनाया जा सकता है। तर्क और तथ्य के साथ सदन की चर्चा को समृद्ध किया जाए। हर आवाज को अवसर मिले, हर विचार को सम्मान मिले। ये संसद की हमारी भूमिका है। मैं सभी सांसदों से बढ़-चढ़कर इस सदन में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित करता हूं।
देश के अनेक सिद्धियां हासिल की- PM मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले एक महीने में देश ने कई सिद्धियां हासिल की हैं। देशवासी गर्व से भर जाएं, इस प्रकार की सिद्धियों का सिलसिला चला है। चाहे राष्ट्रीय हो, अंतरराष्ट्रीय हो और अब तो अंतरिक्ष भी हो, एक प्रकार से भारत के लिए गर्व के पल रहे हैं। पिछले साल मानसून सत्र के ठीक पहले भारतीय नागरिक इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर पहुंचा था और परसो और ही भारत के एक युवा स्टार्टअप ने बहुत बड़ी सिद्धि प्राप्त की है। भारत के युवाओं ने अंतरिक्ष में नई उड़ान भरी है।
‘मैं 56 साल के नौजवान की बात नहीं कर रहा…’
उन्होंने कहा कि स्काईरूट स्टार्टअप में जो नौजवान काम कर रहे हैं, उनकी पूरी टीम की एवरेज एज सिर्फ 28 साल है। ऐसे नौजवानों ने यह काम करके दिखाया है। मैं किसी 56 साल के नौजवान की बात नहीं कर रहा हूं। ये 28 की एवरेज वाली नौजवानों ने अंतरिक्ष में भारत का झंडा गाड़ दिया। ऐसी बातें जो हैं भारत को आत्मविश्वास से भर देती हैं।
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पीएम ने आगे कहा कि ये संयोग नहीं, बल्कि एक संदेश है और बड़ा मजबूत संदेश है कि हमारे देश के युवाओं की क्षमता और उनकी आकांक्षा अंतरिक्ष जितनी असीम हैं। कुछ दिन पहले, देश को एक बड़ी तेल रिफाइनरी समर्पित की गई। सेमीकंडक्टर प्लांट भी स्थापित किए गए हैं। कुछ दिन पहले, भारत की पहली हाइड्रोजन-संचालित ट्रेन का उद्घाटन किया गया, जिससे भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया जिन्होंने यह उपलब्धि हासिल की है। इसके अलावा, इसमें सबसे शक्तिशाली इंजन और सबसे लंबी नॉन-स्टॉप रेंज है। यह भारत के इनोवेटर्स, इंजीनियरों और उद्यमियों द्वारा देश के लिए कुछ करने के उद्देश्य से तय किए गए लक्ष्यों का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार होकर आज देश चल पड़ा है। उसी का नतीजा है कि भारत के नौजवान इतना बड़ा साहस कर पाते हैं और सफल भी हो रहे हैं।
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प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया के युद्ध के कारण भारत जैसे देश जो ऊर्जा के लिए दूसरों पर निर्भर हैं, उनके लिए ये एक बहुत बड़े संकट का कारण बन रहा है। पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, फर्टिलाइजर जैसे हर क्षेत्र में अनेक बाधाएं और संकट आ गए हैं। उसके बावजूद भी भारत 7.7% की वृद्धि से दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्था में सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाला देश बन रहा है। ये भारत के दृढ़ संकल्प का परिचय दे रहा है।