Avoid Pitru Paksha Mistakes: पितृ पक्ष में कौन सी गलतियां करने से बचना चाहिए? देवकी नंदन ठाकुर ने बताया, VIDEO

श्राद्ध पक्ष में कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना जरूरी है, जिससे पितृ प्रसन्न हों और श्राद्ध का उद्देश्य पूरा हो।

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Devki Nandan Thakur on Shraddha Paksha
कथावाचक देवकी नंदन ठाकुर | Image: @DevkinandanThakurJiMaharaj

Devki Nandan Thakur on Shraddha Paksha: श्राद्ध पक्ष हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण अवसर है, जिसमें पितरों की पूजा और तर्पण किया जाता है। इस दौरान कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना आवश्यक है, जिससे पितृ प्रसन्न हों और श्राद्ध का उद्देश्य पूरा हो। कथावाचक देवकी नंदन ठाकुर ने इस बारे में खास जानकारी दी है।

कथावाचक देवकी नंदन ठाकुर (Devki Nandan Thakur) ने बताया कि, श्राद्ध के दौरान ब्राह्मण को भोजन कराने के बाद उन्हें विदा करने का तरीका भी महत्वपूर्ण है। ब्राह्मण को विदा करने के लिए उनके पीछे नहीं जाना चाहिए, बल्कि वहीं से हाथ जोड़कर उन्हें विदा करना चाहिए। उन्होंने बताया कि, श्राद्ध के दौरान थाली का चयन भी महत्वपूर्ण है। ब्राह्मण को भोजन कराने के लिए लोहे के थाली का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इसके बजाय पत्तल या चांदी की थाली का उपयोग करना चाहिए।

थाली उठाने के नियम

श्राद्ध के दौरान पात्र उठाने का नियम भी महत्वपूर्ण है। घर की देवियां पात्र नहीं उठाएं, बल्कि किसी पुरुष को पात्र उठाने चाहिए। इससे पितृ प्रसन्न होते हैं। श्राद्ध पक्ष में कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना आवश्यक है, जिससे पितृ प्रसन्न हों और श्राद्ध का उद्देश्य पूरा हो। ब्राह्मण को विदा करने का तरीका, पात्र का चयन और पात्र उठाने का नियम महत्वपूर्ण हैं। इन बातों का ध्यान रखने से श्राद्ध का फल मिलता है और पितृ प्रसन्न होते हैं।

श्राद्ध पक्ष हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण अवसर है, जिसमें पितरों की पूजा और तर्पण किया जाता है। इससे पितृ प्रसन्न होते हैं और श्राद्ध का उद्देश्य पूरा होता है। श्राद्ध करने से पितरों को शांति मिलती है और परिवार को आशीर्वाद मिलता है।

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देवकी नंदन ठाकुर ने बताए श्राद्ध के नियम

देवकी नंदन ठाकुर (Devki Nandan Thakur) ने बताया कि, श्राद्ध के नियम महत्वपूर्ण हैं और इनका पालन करना आवश्यक है। श्राद्ध के दौरान ब्राह्मण को भोजन कराना, पात्र का चयन और पात्र उठाने का नियम महत्वपूर्ण हैं। इन नियमों का पालन करने से श्राद्ध का फल मिलता है और पितृ प्रसन्न होते हैं।

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Published By:
 Nidhi Mudgill
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