'ऑपरेशन सिंदूर' में जिस ब्रह्मोस ने बरपाया था कहर, उसका पहला कस्टमर बन गदगद है फिलीपींस, कहा- भारत मनीला के लिए डिफेंस टेक्नोलॉजी का भरोसेमंद सोर्स
भारत में फिलीपींस के राजदूत इग्नासियो ने कहा कि फिलीपींस, भारत की ब्रह्मोस तकनीक का पहला निर्यात देश बनने पर बहुत, बहुत खुश और गौरवान्वित है।
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फिलीपींस भारत की ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल तकनीक का पहला निर्यात ग्राहक बनकर बेहद गर्व और खुशी महसूस कर रहा है। भारत में फिलीपींस के राजदूत जोसेल एफ. इग्नासियो ने न्यूज एजेंसी ANI के साथ एक विशेष साक्षात्कार में ब्रह्मोस को ‘अद्वितीय’ और एक गेम-चेंजर तकनीक बताया है, जिसने मनीला की सैन्य प्रतिरोध क्षमताओं को काफी मजबूत किया है।
राजदूत इग्नासियो ने कहा कि फिलीपींस, भारत की ब्रह्मोस तकनीक का पहला निर्यात देश बनने पर “बहुत, बहुत खुश और गौरवान्वित” है। उन्होंने बताया कि इस मिसाइल प्रणाली ने भारत को मनीला के लिए रक्षा तकनीक के एक भरोसेमंद स्रोत के रूप में स्थापित किया है। उनके अनुसार, इस खरीद से फिलीपींस की रक्षा प्रतिरोध क्षमता मजबूत हुई है और भविष्य में भारत से उच्च-तकनीकी रक्षा उपकरणों की खरीद के रास्ते भी खुल गए हैं।
फिलीपींस के राजदूत ने क्या कहा?
फिलीपींस के राजदूत ने कहा, “बेशक, कोई भी इसका इस्तेमाल होते नहीं देखना चाहता; आखिरकार, हम एक शांतिप्रिय देश हैं। इसलिए, यह सब ‘डिटेरेंस’ (प्रतिरोध) के बारे में है, लेकिन एक विश्वसनीय प्रतिरोध।” उन्होंने जोर दिया कि ब्रह्मोस को देश की प्रमुख रक्षा खरीदों में से एक माना जाता है और मनीला इसे उन्नत तथा प्रभावी तकनीक मानता है।
भारत रक्षा तकनीक के लिए विश्वसनीय स्रोत
इग्नासियो ने आगे कहा, “इससे यह भी पता चलता है कि फिलीपींस के लिए, भारत उन देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है जो हमारे लिए रक्षा तकनीक के विश्वसनीय स्रोत हैं। मुझे यकीन है कि हमारा रक्षा मंत्रालय और हमारी सेना अन्य रक्षा उपकरणों की खरीद के लिए भारत की ओर और अधिक देखेगी।” जब उनसे और अधिक ब्रह्मोस मिसाइलें खरीदने की संभावना के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फैसला फिलीपींस के रक्षा प्रतिष्ठान और सेना को लेना है।
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ब्रह्मोस का कोई मुकाबला नहीं-राजदूत इग्नासियो
उन्होंने मिसाइल की तकनीकी क्षमताओं पर भी प्रकाश डाला। राजदूत ने कहा, “मुझे लगता है कि ब्रह्मोस हमें जिस तरह की तकनीक और रक्षा प्रतिरोध प्रदान करता है, उसका कोई मुकाबला नहीं है। एक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के रूप में इस तकनीक का अभी तक कोई सानी नहीं है। इसलिए, आगे भी अवसर मौजूद हैं।”
भारत-फिलीपींस के बीच डील
राजदूत ने बताया कि रक्षा सहयोग समझौते के तहत फिलीपींस पहले से ही भारत से छोटे रक्षा उपकरण- जैसे हेलमेट, सुरक्षात्मक जैकेट और सैन्य ट्रक-खरीद रहा है। ब्रह्मोस की आपूर्ति के बाद अब अन्य उच्च-तकनीकी उपकरणों की खरीद के द्वार भी खुल गए हैं। राजदूत ने कहा, “अब जब इस तरह की खरीद की बात आती है, तो भारत हमारी नजरों में है। इसलिए, ब्रह्मोस पर ही सब कुछ खत्म नहीं हो जाएगा।”
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ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब नई दिल्ली ‘इंडो-पैसिफिक में विज्ञान, तकनीक और शैक्षणिक सहयोग’ विषय पर ‘इंडो-पैसिफिक रीजनल डायलॉग’ के 2026 संस्करण की मेजबानी कर रही है। तीन दिनों तक चलने वाले इस संवाद का उद्देश्य क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा की नींव को मजबूत करने के लिए विभिन्न दृष्टिकोणों को एक साथ लाना है।