चुनाव खत्म होते ही अमेरिका करेगा परमाणु हमला? ईरान ने जारी की एडवाइजरी तो दुनिया में मची खलबली, ट्रंप पर टिकी निगाहें
मीडिया में अटकलों के बीच ईरान ने हाल ही में अपने नागरिकों के लिए परमाणु हमले से बचाव के लिए एक सार्वजनिक एडवाइजरी जारी की है। साथ ही एक 8 मिनट का वीडियो भी जारी किया है, जिसमें परमाणु हमले होने पर बचाव के तरीके बताए गए हैं।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि 3 नवंबर से पहले ईरान पर कोई बड़ा अटैक नहीं होगा। ऐसे में जब आज मंगलवार 3 नवंबर को अमेरिका में चुनाव हो रहा है तो अटकलें तेज हो गई है कि चुनाव खत्म होते ही अमेरिका ईरान पर बड़ा हमला करेगा। इस बीच ईरान की एक एडवाइजरी ने दुनिया भर में टेंशन बढ़ा दी है।
इसी साल फरवरी 2026 में अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर जोरदार हमला किया था, जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की मौत हो गई थी। हालांकि मौत 28 फरवरी को ही हमले में हो गई थी लेकिन ईरान की सरकारी मीडिया और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने 1 मार्च 2026 को इसकी पुष्टि की थी।
फिर दुनिया में मंडरान लगा भीषण युद्ध का खतरा
ईरान पर हमले के बाद से अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध छिड़ गया था। इसके बाद धीरे-धीरे पूरा मिडिल ईस्ट इस युद्ध की चपेट में आ गया। इस युद्ध में ईरान को भारी नुकसान झेलना पड़ा लेकिन ईरान ने घुटने नहीं टेके और जवाबी कार्रवाई जारी रखा। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव बढ़ने के बाद दुनिया भर में तेल की कीमतों में इजाफा और इसकी सप्लाई पर असर पड़ने लगा। काफी प्रयास के बाद दोनों देश सीजफायर पर सहमत हो गए थे। लेकिन एक बार फिर दुनिया पर युद्ध का खतरा मंडराने लगा है।
क्यों तेज हुई ईरान पर परमाणु हमले की चर्चा
अमेरिकी चुनाव से ठीक पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास केशम द्वीप पर ईरानी ठिकानों पर हमले किए। अमेरिकी मीडिया ने एक US अधिकारी के हवाले से कहा कि ये हमले ईरानियों को टारगेट करके किए गए थे, जो स्ट्रेट में अमेरिका के खिलाफ सरफेस-टू-एयर मिसाइलों का इस्तेमाल कर रहे थे। यह कदम तब उठाया गया, जब ईरान ने कहा कि उसके पास होर्मुज को खोलने का दो दिना का प्लान है, जिससे शांति के समय दुनिया की लगभग 20 फीसदी ऑयल सप्लाई होती है।
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इस हमले की खबर के बाद दुनिया में युद्ध के विक्राल होने का खतरा मंडराने लगा। अमेरिकी मिडटर्म चुनाव को टर्निंग प्वाइंट माना जा रहा है। युद्ध के कारण तेल की कीमतों में उछाल और बढ़ती महंगाई के कारण चुनाव से पहले ट्रंप ने हमले कम कर दिए थे, ताकि मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन्स को नुकसान ना हो।
नेतन्याहू की ओर से भी दबाव की आशंका
वरिष्ठ अमेरिकी पत्रकार टकर कार्लसन ने सोशल मीडिया पर दावा किया है कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के दबाव में ट्रंप प्रशासन पिकऐक्स माउंटेन पर परमाणु हमला पर विचार कर सकता है। कहा जा रहा है कि युद्ध की वापसी से नेतन्याहू को इमरजेंसी सरकार बनाने में मदद मिल सकती है, क्योंकि पिछले हफ्ते के चुनाव में उन्हें और उनके कट्टर दक्षिणपंथी साथियों को संसद में बहुमत नहीं मिला था।
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हालांकि कार्लसन का यह एक अनुमान है। ये कोई अमेरिकी आधिकारिक पुष्टि नहीं है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में अमेरिका द्वारा ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स’ के इस्तेमाल की बात कही जा रही है, जो पहले ट्रंप भी बोल चुके हैं, जिसे न्यूक्लियर नहीं माना जाता है।
परमाणु हमले की अटकलों को ऐसे मिली हवा
मीडिया में अटकलों के बीच ईरान ने हाल ही में अपने नागरिकों के लिए परमाणु हमले से बचाव के लिए एक सार्वजनिक एडवाइजरी जारी की। साथ ही एक 8 मिनट का वीडियो भी जारी किया है। यह एडवाइजरी मुख्य रूप से इस्फहान प्रांत जहां नतांज न्यूक्लियर सुविधा और पिकऐक्स माउंटेन साइट है, वहां आपातकालीन सेवाओं के तहत जारी की गई है। इसमें परमाणु विस्फोट के चार प्रमुख खतरों का जिक्र किया गया है। इस एडवाइजरी के जारी होने के बाद ईरान पर परमाणु हमले की अटकलों को और हवा मिल गई।
हालांकि ईरान ने इसे किसी विशेष हमले से नहीं जोड़ा है बल्कि समान्य तैयारियों के रूप में पेश किया है।