PETA INDIA: पेटा इंडिया के समारोह में पहुंचे डीवाई चंद्रचूड़, बोले- 'पृथ्वी के हर अंग की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी'

भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़ ने लोगों के अपील की है कि पृथ्वी और सभी अंगों की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है।

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Justice DY Chandrachud
PTI / petaindia.com | Image: PTI / petaindia.com

PETA INDIA News: पेटा इंडिया की 25वीं वर्षगांठ समारोह के दौरान भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़ ने लोगों के अपील की है कि पृथ्वी और सभी अंगों की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा- 'पृथ्वी के हर अंग की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है। हर पक्षी का महत्व मनुष्य जाति के बराबर है और बच्चों को इसे पढ़ाना चाहिए, बड़े लोगों को भी इसे समझाना चाहिए।

न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा कि पृथ्वी सिर्फ मनुष्यों के लिए नहीं, बल्कि इसके हर अंग के लिए है। जब तक हम पक्षियों, जानवरों और प्राकृतिक संसाधनों का सही सम्मान नहीं करेंगे, तब तक हम खुद का भी सही सम्मान नहीं कर सकते।

मांसाहार छोड़ने और वीगन आहार अपनाने की अपील

पीपुल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स (PETA) इंडिया की डायरेक्टर, पूर्वा जोशीपुरा ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने जंतर-मंतर पर एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया, जिसमें वह एक हुक से लटकी हुई नजर आईं। पेटा की डायरेक्टर ने इस प्रदर्शन के माध्यम से लोगों से मांसाहार और दूध उत्पादों का त्याग कर वीगन आहार को अपनाने की अपील की। 

पशुओं को करुणा और सम्मान देना चाहिए

पीपुल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स (PETA) इंडिया की डायरेक्टर, पूर्वा जोशीपुरा ने आगे कहा- 'पशुओं को करुणा और सम्मान देना चाहिए क्योंकि वे भी हमारी तरह जीवन को महत्व देते हैं, संवेदनाएं रखते हैं और जीना चाहते हैं।' उन्होंने मांस, अंडा और डेयरी उद्योगों के बारे में बताया कि इन उद्योगों में पशुओं को अमानवीय परिस्थितियों में पाला जाता है और यह जल और भूमि संसाधनों के अत्यधिक दोहन का कारण बनता है, साथ ही जल प्रदूषण का भी एक प्रमुख स्रोत है।

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उन्होंने यह भी बताया कि हर साल एक वीगन व्यक्ति लगभग 2 सौ पशुओं की जान बचाता है। शोध से यह भी प्रमाणित हुआ है कि वीगन आहार हृदय रोग, मधुमेह और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद करता है। 

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Published By:
 Nidhi Mudgill
पब्लिश्ड