वक्फ विधेयक पर JPC रिपोर्ट राज्यसभा में पेश, विपक्ष के सांसदों ने किया जबरदस्त हंगामा

Waqf Bill: वक्फ संशोधन विधेयक पर संसद की संयुक्त समिति की रिपोर्ट राज्यसभा में पेश की गई है। बीजेपी सांसद मेधा विश्राम कुलकर्णी ने राज्यसभा में रिपोर्ट पेश की।

Follow : Google News Icon  
JPC report on Waqf Bill tabled in Rajya Sabha
वक्फ विधेयक पर JPC रिपोर्ट राज्यसभा में पेश | Image: Sansad TV

Waqf Bill Rajya Sabha: वक्फ संशोधन विधेयक पर संसद की संयुक्त समिति की रिपोर्ट राज्यसभा में पेश की गई है। महाराष्ट्र से बीजेपी सांसद मेधा विश्राम कुलकर्णी ने राज्यसभा में जेपीसी रिपोर्ट को पटल पर रखा है। हालांकि वक्फ संशोधन विधेयक पर जेपीसी रिपोर्ट के खिलाफ विपक्ष के सांसदों ने जबरदस्त हंगामा किया है। हंगामे के बीच ही राज्यसभा में रिपोर्ट पेश की गई है।

संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई। लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान ही विपक्ष के सांसदों का भारी हंगामा हुआ। नतीजन कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। इसी बीच राज्यसभा में उपराष्ट्रपति और सभापति जगदीप धनखड़ की अनुमति के बाद वक्फ बिल पर जेपीसी रिपोर्ट को पटल पर रखा गया। हालांकि विपक्ष के सांसदों का गुस्सा फूट पड़ा और जबरदस्त हंगामा हुआ। इसके चलते राज्यसभा की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। बाद में 11.20 पर कार्यवाही शुरू होने के बाद जेपीसी रिपोर्ट पर सदन में चर्चा चल रही है।

विपक्ष के सदस्यों ने रिपोर्ट को फर्जी बताया

विपक्ष के सदस्यों ने वक्फ विधेयक पर जेपीसी रिपोर्ट को असंवैधानिक और फर्जी बताया है। काफी देर तक सदन में चले हंगामे को शांत करने के बाद सभापति जगदीप धनखड़ ने राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को बोलने की इजाजत दी। खड़गे ने कहा कि वक्फ बोर्ड पर जेपीसी रिपोर्ट में कई सदस्यों की असहमति रिपोर्ट है। उन नोटों को हटाना और हमारे विचारों को दबाना ठीक नहीं है। ये लोकतंत्र विरोधी है। असहमति रिपोर्ट को हटाने के बाद जो भी रिपोर्ट पेश की गई है, निंदा करते हैं। हम ऐसी फर्जी रिपोर्ट को कभी स्वीकार नहीं करेंगे।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने सदन में कई आरोप लगाए

अपने बयान में मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा- 'जेपीसी की रिपोर्ट है, जिस पर अनेक सदस्यों ने डिस्टेंस नोट दिया है। उसके बावजूद भी कार्यवाही से निकालना और सत्ताधारी सदस्यों के विचार उसमें रखकर इसे बनाना ठीक नहीं है।' खड़गे ने आरोप लगाए- 'नॉन स्टेज होल्डर, बाहर से बुलाकर उनको लोगों को खड़ा करके उनके स्टेटमेंट ले रहे। इतने लोग संसद में जो भी डिस्टेंस नोट दिए हैं, क्या उनमें कोई एक पढ़ा लिखा नहीं है। अगर कुछ करना भी है तो डिस्टेंस नोट के व्यूज को प्रिंट करके या अपनी रिपोर्ट में डालकर बोलना चाहिए। उसके बजाय उसे डिलीट करके अगर कोई रिपोर्ट होती है, मैं उसका खंडन करता हूं। हम ऐसी रिपोर्ट को कभी नहीं मानेंगे। विनती कर रहा हूं कि जो भी रिपोर्ट आई है, अगर उस रिपोर्ट में डिस्टेंस व्यूज नहीं तो उसे वापस भेज दिया जाए। बाद में फिर से विचार करके डिस्टेंस व्यूज के साथ रिपोर्ट पेश कीजिए। उसके बाद क्या होता है, तब देखते हैं।'

Advertisement

मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि सदस्य गुस्सा क्यों होते हैं, क्योंकि ये उनके घर का सवाल नहीं है। ये पूरे समाज के लिए है, जिनके साथ अन्याय हो रहा है, ये अन्याय के खिलाफ विरोध कर रहे हैं। अगर रिपोर्ट में असहमति के विचार नहीं हैं, तो उसे वापस भेजकर दोबारा पेश किया जाना चाहिए। राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि संविधान के खिलाफ ऐसी चीजें करते हैं तो गड़बड़ होता है और लोग प्रोटेस्ट करेंगे। इस रिपोर्ट को फिर से जेपीसी के पास भेजा जाना चाहिए।

यह भी पढ़ें: अखिलेश को बर्दाश्त नहीं हुई सीएम योगी की ये बात! इशारों-इशारों में हमला

Advertisement

विपक्ष के आरोपों पर सत्तापक्ष के सदस्यों ने दिया जवाब

विपक्ष के आरोपों के बाद सत्तापक्ष के सदस्यों ने राज्यसभा में जवाब दिया है। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि कानून के बारे में बता रहे हैं। नियम के तहत अध्यक्ष को पावर है। कोई गलत तरीका नहीं है। इनके समय के बनाए हुए रूल हैं और विपक्ष के द्वारा जो विषय उठाया जा रहा है वो पूरी तरह गलत और तथ्यहीन है। उसके बाद भी ये डिस्टर्ब करना चाहें तो इनकी मर्जी है।

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि विपक्ष झूठे आरोप लगा रहा है। कोई नियम नहीं तोड़ा गया है। रिजिजू ने कहा कि ये सदन को गुमराह नहीं कर सकते हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आप किस आधार पर ये दावा कर रहे हैं कि असहमति जताने वाले नोट हटा दिए गए हैं? जेपीसी के सभी सदस्यों ने रिपोर्ट में भाग लिया, ये दुर्भाग्यपूर्ण है।

विपक्ष एक दावे पर सभापति ने क्या कहा?

डिस्सेंट नोट हटने के विपक्ष एक दावे पर सभापति जगदीप धनखड़ ने भी अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि कोई भी असहमति नोट हटाया नहीं गया। ये समिति की तरफ से साफ कर दिया गया है। जगदीप धनखड़ ने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री ने ये साफ कर दिया है कि असहमति नोट का कोई भी हिस्सा हटाया नहीं गया।

विपक्ष के हंगामे पर सभापति ने कहा कि मेरा अनुरोध है कि जब हम सदन को शालीनता से चला सकते हैं तो दो या तीन सदस्य यहां आकर जो आचरण कर रहे हैं, वो चिंता का विषय है। ये सदस्य आखिर क्या दिखाना चाहते हैं। जगदीप धनखड़ ने कहा कि ये जो विषय है, इससे पूरा देश जुड़ा हुआ है। एक ऐसा मुद्दा है, जिस पर लोगों के मत होंगे और अनेक मत होंगे, ये सदन उन विचारधाराओं का संगम बनेगा। सदन जो फैसला करेगा, वो प्रजातांत्रिक व्यवस्था के हिसाब से होगा। सभापति ने कहा कि मेरा अनुरोध है कि आप सबको पता होगा कि जेपीसी की जो रिपोर्ट है, उनकी असहमियत क्या है। ये सदन में आती है, उस पर समय पर बहस और मंथन होगा। यदि अगर एक समानता नहीं आएगी तो एक विधिक प्रतिक्रिया के तहत फैसला होगा। लेकिन ये फैसला हंगामे से नहीं होगा, बल्कि ये विचारों की ताकत और आखिर में प्रजातांत्रिक व्यवस्था में पद्धति के तहत ही फैसला होना है।

यह भी पढ़ें: कोई बेरोजगार तो कोई नैनो कार पर आया, हार के बाद आम आदमी पार्टी के ये नेता चर्चा में

Published By :
Dalchand Kumar
पब्लिश्ड