56 इंच वाला मोदी कहां से लाएगा पाकिस्तान... भारत की तर्ज पर शहबाज ने भी अपनी टीम विदेश भेजने का लिया फैसला लेकिन वहां भी मुंह की खानी पड़ेगी

भारत सरकार ने फैसला लिया है कि उसका एक हाई-लेवल डेलिगेशन दुनिया के ताकतवर देशों का दौरा करेगा और वहां जाकर पुख्ता सबूतों के साथ ये साबित करेगा कि पाकिस्तान आतंक का गढ़ है, जहां आतंकवादी पैदा होते हैं, ट्रेनिंग लेते हैं और पाकिस्तान की फौज की सरपरस्ती में पूरी दुनिया में खून बहाते हैं।

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Pm Narendra Modi Vs Pak PM Shahbaz Sharif
Pm Narendra Modi Vs Pak PM Shahbaz Sharif | Image: Republic

Pakistan: अक्सर कहा जाता है कि 'जब अक्ल बंट रही थी तब कहां थे'। अगर इसे ही पाकिस्तान के संदर्भ में कहा जाए तो जवाब होगा कि 'गंधा बेचने में लगे थे'। क्योंकि गधों की तिजारत से अपनी इकॉनमी चलाने वाले पाकिस्तान के पास खुद की अक्ल नहीं है और इसका सबूत को अब वो खुद पूरी दुनिया को देने वाला है। पाकिस्तान के पास न नीति है और न नरेंद्र मोदी जैसा 56 इंच की छाती वाला प्रधानमंत्री है। शाहबाज शरीफ प्रधानमंत्री होते हुए भी आसिम मुनीर के सामने खड़े नहीं हो सकते हैं। फिर भी पाकिस्तान मुंह उठाकर दुनिया में अपने नेताओं को भेज रहा है, क्योंकि भारत उसे भारत की नकल करनी है।

ऑपरेशन सिंदूर में भारत से मिली करारी शिकस्त के बाद पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। वो वही रास्ता अपनाने की कोशिश कर रहा है, जो भारत पहले ही तय कर चुका है। भारत सरकार ने फैसला लिया है कि उसका एक हाई-लेवल डेलिगेशन दुनिया के ताकतवर देशों का दौरा करेगा और वहां जाकर पुख्ता सबूतों के साथ ये साबित करेगा कि पाकिस्तान आतंक का गढ़ है, जहां आतंकवादी पैदा होते हैं, ट्रेनिंग लेते हैं और पाकिस्तान की फौज की सरपरस्ती में पूरी दुनिया में खून बहाते हैं। अब इसी कदम की नकल करते हुए पाकिस्तान ने भी अपना डेलिगेशन विदेश भेजने की योजना बना ली है।

पाकिस्तान के डेलिगेशन में कौन-कौन?

  • बिलावल भुट्टो- डेलिगेशन की अगुवाई करेंगे
  • पूर्व मंत्री हिना रब्बानी खार
  • पूर्व मंत्री खुर्रम दस्तगीर खान
  • पूर्व विदेश सचिव जलील अब्बास जिलानी

पाकिस्तान को कैसे मुंह की खानी पड़ेगी?

हालांकि सवाल उठता है कि पाकिस्तान दुनिया को जाकर बताएगा क्या? एक समय के लिए मान भी लिया जाए कि पाकिस्तान दुनिया को ये समझाने की कोशिश करे कि वो आतंक का शिकार है, सरपरस्त नहीं। तब भी सवाल उठता है कि क्या पाकिस्तान की खोखली बातों पर दुनिया यकीन करेगी? और इसका जवाब यही होगा कि शायद नहीं। क्योंकि दुनिया जानती है कि पाकिस्तान की जमीन पर ही आतंकवाद की जड़ें गहरी हैं। और अगर पाकिस्तान ज्यादा बोलेगा तो अपनी ही पोल खोल बैठेगा। भारत की नीति और नीयत में फर्क नहीं होता, लेकिन पाकिस्तान के पास न नीति है और न सच्चाई। इसलिए जो नकल में उस्ताद बनने चला है, उसे फिर एक बार दुनिया के सामने शर्मिंदगी झेलनी पड़ेगी, ये तय है।

भारत कैसे करेगा पाकिस्तान पर डिप्लोमेटिक स्ट्राइक?

भारत का मैसेज स्पष्ट है कि वो पाकिस्तान को आतंकवाद पर बेनकाब करेगा। केंद्र सरकार ने दुनिया को पाकिस्तान की असलियत दिखाने के लिए 7 प्रतिनिधिमंडलों का गठन किया है, जिनमें 51 सांसद और पूर्व मंत्री शामिल हैं। डेलिगेशन का हिस्सा बने सदस्य अलग-अलग राजनीतिक दलों से आते हैं। 51 नेताओं के अलावा भारतीय विदेश मंत्रालय के 8 वरिष्ठ अधिकारी इन मिशनों का हिस्सा होंगे। हर टीम में 7-8 सदस्य हैं और इनके साथ कम से कम एक वरिष्ठ राजनयिक अधिकारी को जोड़ा गया है।

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Published By:
 Dalchand Kumar
पब्लिश्ड