'ईरान युद्ध के बीच पाकिस्तान 'कुछ भी' कर सकता है', राजनाथ सिंह ने किया सतर्क तो ख्वाजा आसिफ को लगी मिर्ची; Pahalgam Anniversary से पहले दी धमकी
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने राजनाथ सिंह के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। पहलगाम अटैक की वर्षगांठ से पहले उनकी इस धमकी ने एक बार फिर दुनिया के कान खड़े कर दिए हैं।
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पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने राजनाथ सिंह के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। पहलगाम अटैक की वर्षगांठ से पहले उनकी इस धमकी ने एक बार फिर दुनिया के कान खड़े कर दिए हैं।
आपको बता दें कि जहां एक ओर पूरी दुनिया ईरान में चल रहे युद्ध में उलझी हुई है, वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान को 'निर्णायक कार्रवाई' की कड़ी चेतावनी देते हुए किसी भी संभावित दुस्साहस के प्रति आगाह किया था।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किसी का नाम लिए बिना कहा कि मौजूदा हालात में हमारा पड़ोसी कोई भी दुस्साहस कर सकता है। अगर वह ऐसा करता है, तो भारत की कार्रवाई अभूतपूर्व और निर्णायक होगी। उन्होंने यह भी कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' अभी खत्म नहीं हुआ है।
ख्वाजा आसिफ का बयान
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि किसी भी हमले या "दुस्साहस" का इस्लामाबाद की ओर से "तेज, नपा-तुला और निर्णायक" जवाब दिया जाएगा।
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पाकिस्तानी अखबार Dawn ने आसिफ के हवाले से बताया, "मर्का-ए-हक (सत्य की लड़ाई) हमारे जहन में ताजा है। अगली बार हमारा जवाब और भी ज्यादा जोरदार और निर्णायक होगा। इसमें कोई शक नहीं होना चाहिए: पाकिस्तान शांति और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन अपनी संप्रभुता की रक्षा करने का उसका संकल्प अटल है, उसकी तैयारी पूरी है, और उसका जवाब तेज, नपा-तुला और निर्णायक होगा।" आसिफ ने अपने बयान में किसी का नाम तो नहीं लिया, लेकिन उन्होंने राजनाथ सिंह को टैग किया था।
राजनाथ सिंह ने क्या कहा था?
चुनाव वाले राज्य केरल में एक 'सैनिक सम्मान सम्मेलन' को संबोधित करते हुए, राजनाथ सिंह ने इस बात की भी पुष्टि की कि भारतीय नौसेना के जहाज, बहुत ज्यादा भीड़भाड़ वाले 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' से देश के टैंकरों को सुरक्षित रास्ता दे रहे हैं।
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'ऑपरेशन सिंदूर' को याद करते हुए मंत्री ने कहा, "पहलगाम में आतंकवादी घटना के बाद, भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान सिर्फ 22 मिनट में ही पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया था। भारतीय सैन्य इतिहास में आतंकवाद के खिलाफ चलाया गया यह अब तक का सबसे बड़ा ऑपरेशन था।"