ड्रोन से गिराए गए हथियार, ट्रैकिंग ऐप से टारगेट हुआ सेट...पहलगाम हमले को लेकर NIA का बड़ा खुलासा, मारे गए आतंकियों के मोबाइल से खुले अहम राज

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की चार्जशीट में कई अहम और चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।

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ड्रोन से गिराए गए हथियार, ट्रैकिंग ऐप से टारगेट हुआ सेट...पहलगाम हमले को लेकर NIA का बड़ा खुलासा, मारे गए आतंकियों के मोबाइल से खुले अहम राज | Image: X

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की चार्जशीट में कई अहम और चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। मारे गए आतंकियों के मोबाइल फोन की जांच से पता चला है कि पर्यटकों को निशाना बनाने की यह खौफनाक साजिश हमले से कम से कम एक हफ्ते पहले ही रच ली गई थी। आतंकी अपने पाकिस्तानी आकाओं के साथ कॉर्डिनेशन के लिए ट्रैकिंग और पहाड़ी अभियानों (हाइकिंग) वाले ऐप का इस्तेमाल कर रहे थे।

इतना ही नहीं,  हमले में इस्तेमाल किए गए हथियार नियंत्रण रेखा के उस पार से ड्रोन से गिराए गए और सीधे आतंकियों के सहयोगियों तक पहुंच गए। आपको बता दें कि इस हमले में 25 पर्यटकों और एक स्थानीय पोनीवाले समेत कुल 26 लोगों की जान गई थी।

'ऑपरेशन महादेव' में मारे गए आतंकियों के फोन से क्या-क्या पता चला

NIA की जांच के मुताबिक, 28 जुलाई 2025 को श्रीनगर के पास दाचीगाम के जंगलों में 'ऑपरेशन महादेव' के दौरान तीन आतंकी मारे गए थे। इनकी पहचान फैसल जट्ट उर्फ सुलेमान, हबीब ताहिर उर्फ जिबरान और हमजा अफगानी के रूप में हुई। जांच एजेंसी को इन्हीं आतंकियों के पास से दो फोन मिले, जो पाकिस्तान में खरीदे गए थे।

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इन फोन के डेटा एनालिसिस से आतंकियों की तस्वीरें, पाकिस्तानी हैंडलर के साथ चैट के स्क्रीनशॉट और नेविगेशन डेटा बरामद हुए। NIA की रिपोर्ट साफ करती है कि 15 अप्रैल 2025 से ही यह साजिश एक्टिव हो चुकी थी। आतंकियों के फोन से 15 और 16 अप्रैल के टाइमस्टैम्प वाले मैप के दो स्क्रीनशॉट मिले हैं, जिनमें बैसरन के आस-पास की लोकेशन दिखाई गई थी।

आतंकियों ने बैसरल वैली ही क्यों चुना

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जांच एजेंसी ने अपनी चार्जशीट में बताया है कि बैसरन की भौगोलिक स्थिति बेहद दुर्गम और दूरदराज है। वहां सीसीटीवी कैमरों की कोई कवरेज नहीं थी, जिसकी वजह से आतंकियों को पर्यटकों को अपना निशाना बनाने में आसानी हुई। इस हाई-प्रोफाइल मामले में NIA ने गहराई से जांच करते हुए 1,100 से ज्यादा गवाहों से पूछताछ की है और दिसंबर 2025 में जम्मू की स्पेशल NIA कोर्ट में अपनी चार्जशीट दाखिल की है।

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Published By:
 Ankur Shrivastava
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