राहुल गांधी से लेकर अखिलेश यादव तक... संसद परिसर में काले कपड़े पहनकर पहुंचे विपक्षी सांसद, जमकर किया हंगामा
Opposition MPs Protest in Black Clothes: कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत अन्य विपक्षी दलों ने संसद परिसर में काले कपड़े पहनकर प्रदर्शन किया।
- भारत
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Opposition MPs Protest in Black Clothes: नीट पेपर लीक के बहाने विपक्ष संसद के मानसून सत्र को हंगामे की भेंट चढ़ाने पर उतारू है। बुधवार (22 जुलाई) फिर संसद के दोनों सदनों में हंगामा हुआ। नतीजन, लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। इसके बाद कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत अन्य विपक्षी दलों ने संसद परिसर में काले कपड़े पहनकर प्रदर्शन किया।
इस प्रदर्शन में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और प्रियंका गांधी समेत कई अन्य नेता मौजूद रहे। जानकारी के मुताबिक, विपक्षी दलों ने दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने और जंतर-मंतर पर सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) कार्यकर्ताओं और छात्रों पर हुई कार्रवाई के विरोध में नाराजगी जताई।
काले कपड़े का मतलब विरोध- अखिलेश यादव
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, 'काले कपड़े का मतलब विरोध करना है। काल रंग दुख का भी है। सरकार सुनने वाली नहीं है, क्योंकि उसे डर लग रहा है।'
‘सरकार पर किस तरह का दबाव है?’
उन्होंने आगे कहा, 'हमें सोचना चाहिए कि सरकार अपने मंत्री को क्यों नहीं हटा पा रही है। सरकार पर किस तरह का दबाव है? क्या मंत्री के पास सरकार के सीक्रेट्स हैं जिसकी वजह से वह उन्हें नहीं हटा पा रही है? सरकार डरी हुई है। सरकार ने छात्रों की मांगें अभी तक नहीं मानी है। उनसे सरकार की ओर से अब तक कोई बातचीत नहीं की गई है।'
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छात्रों की मांगें जायज- प्रियंका गांधी
वहीं कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करते हुए कहा कि छात्रों की मांगें जायज हैं और वे अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'शिक्षा का बजट 1.4 लाख करोड़ रुपये है, लेकिन आप अडानी और अंबानी के 16 लाख करोड़ रुपये के कर्ज़ माफ कर रहे हैं। छात्र एक जायज संघर्ष कर रहे हैं और बदलाव की मांग कर रहे हैं। बार-बार पेपर लीक हो रहे हैं। शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में कुछ भी अलोकतांत्रिक नहीं है, लेकिन छात्रों के साथ और संसद में जो हो रहा है, वह अलोकतांत्रिक है।'
तानाशाही में सरकार चला रही- खड़गे
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, 'ये लोकतांत्रिक सरकार नहीं है ये तानाशाही में सरकार चला रही हैं और संसदीय सदस्य को कोई महत्व नहीं देती है। कांग्रेस नेता और छात्र को डराने का काम वो करते हैं और आज राहुल गांधी और प्रियंका गांधी और छात्र के साथ ऐसा कर रहे हैं लेकिन हमारे जो बड़े नेता है उनके साथ अगर आप ऐसा करेंगे फिर लाखों में लोग आगे आएंगे फिर आप कंट्रोल नहीं कर पाएंगे और हम डरने वालों में से हैं।'
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…तब तक हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा- दीपेंद्र हुड्डा
कांग्रेस सासंद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा, 'जब तक धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और जब तक शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और बदलाव पर संसद में चर्चा नहीं होगी तब तक हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा। देश की सरकार ने बहुत बर्बरता से युवाओं की आवाज दबाने का प्रयास किया है और यह प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा।'