'जय हिंद! दुश्मन का बम अपने सीने पर लेंगे, धरती मां के कलेजे...', ऑपरेशन सिंदूर ने रिटायर फौजियों के सीने में भर दिया बारूद
Indian Army : ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय सेना को लाखों ऐसे खत मिले हैं। जिनमें रिटायर फौजियों ने एक फिर से देश सेवा करने की इच्छा जताई है।
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Operation Sindoor : पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेने के लिए भारतीय सेना ने पाकिस्तान में अंदर घुसकर शौर्य का प्रचम लहराया। दोनों देशों के बीच भले ही कई दिन चले संघर्ष के बाद सीजफायर का ऐलान हो गया है। लेकिन भारत के आम नागरिकों और रिटायर्ड सैनिकों के सीने में अभी भी पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा है। भारतीय सेना को लाखों की संख्या में ऐसे खत मिले हैं, जिसमें पूर्व सैनिकों और अधिकारियों ने फिर से देश सेवा करने का मौका देने की अपील की है।
इंडियन आर्मी की तरफ से खुद ये जानकारी दी गई है कि सेना से रिटायर्ड हो चुके जवानों ने पाकिस्तान के खिलाफ फिर से देश सेवा करने का मौका मांगा है। आपको जानकारी हैरानी और गर्व होगा कि बुजुर्ग हो चुके पूर्व सैनिकों ने भी सेना को खत लिख फिर से सेना में शामिल होने की इच्छा जताई है। हमारे बहादुर दिग्गजों का ये स्वयं से पहले सेवा का प्रतीक, एक राष्ट्र को प्रेरित करता है और हर दिल में आशा जगाता है। इस अटूट समर्पण के लिए भारतीय सेना ने अपने पूर्व जवानों के लिए लिखा-
"भारतीय सेना हमेशा गर्वित और आभारी रहेगी- क्योंकि उनके बलिदान की भावना हमारे राष्ट्र प्रथम की नींव है।"
'फिर से लड़ेंगे वतन के लिए...'
एक सैनिक कभी सेवानिवृत्त नहीं होता। देश सेवा और बलिदान की भावना हमेशा जवानों के दिलों में रहती है। इन शब्दों को भारतीय सेना के रिटायर्ड फौजियों ने चरितार्थ कर दिखाया है। भारत के लिए 3 युद्ध लड़ चुके नायब सूबेदार भोपाल सिंह चौधरी कहते हैं- "फिर से लड़ेंगे वतन के लिए। आपको लगता है कि ये लोग क्या करेंगे युद्ध में? अरे हम क्या नहीं करेंगे, दुश्मन का बम अपने सीने पर लेंगे, धरती मां के कलेजे पर नहीं गिरने देंगे।"
ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय सेना को लाखों ऐसे खत मिले हैं। जिनमें रिटायर फौजियों ने एक फिर से देश सेवा करने की इच्छा जताई है।
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क्या ऑपरेशन सिंदूर है?
22 अप्रैल को जम्मू और कश्मीर के पहलगाम आंतकी हमले का बदला लेने के लिए भारतीय सेना ने 7 मई, 2025 को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया गया था। पहगाम में आतंकियों ने 26 लोगों की हत्या की थी। इस अभियान का नाम 'ऑपरेशन सिंदूर' आतंकी हमले में विधवा हुई महिलाओं के प्रति श्रद्धांजलि के रूप में रखा गया था। क्योंकि आतंकियों ने हिंदू पुरुषों को टारगेट कर गोलियां चलाई थी। इसके बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों के 9 ठिकानों को नष्ट कर दिया था। इन ठिकानों में बहावलपुर, मुजफ्फराबाद, कोटली, मुरीदके, सियालकोट, गुलपुर, भिंबर, बाग और शकरगढ़ शामिल थे।
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