आतंकी ठिकाने, 9 जगह चिन्हित, काम तमाम करने सैनिकों को मिले 25 मिनट; Operation Sindoor पर भारत की सेना ने खोले कई राज

आर्मी से कर्नल सोफिया कुरैशी ने बताया कि टारगेट का चयन इंटेलिजेंस के आधार पर हुआ और ये ध्यान रखा गया कि इसमें किसी निर्दोष नागरिक को नुकसान न पहुंचे।

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Operation Sindoor
Operation Sindoor | Image: ANI

Operation Sindoor: भारत की सेना ने महज 25 मिनट में पाकिस्तान में बैठे आतंकवादियों की कमर तोड़ दी। 9 आतंकवादी ठिकानों का टारगेट दिया गया, जिसमें लश्कर का मरकज-ए-तैयबा और जैश-ए मोहम्मद का हेडक्वार्टर मस्जिद सुभानल्लाह भी शामिल था। ऑपरेशन के लिए सेना को 25 मिनट का टाइम मिला और इसी समय में 9 आतंकी ठिकानों को मिट्टी में मिलाकर सैनिक लौट भी आए।

पाकिस्तान के आतंकवादियों पर भारत की कार्रवाई के बाद सेना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की है और आधिकारिक तौर पर पूरी जानकारी साझा की है। आर्मी से कर्नल सोफिया कुरैशी, एयरफोर्स से विंग कमांडर व्योमिका सिंह और विदेश सचिव विक्रम मिस्री प्रेस कॉन्फ्रेंस करने आए। इस दौरान आतंकी शिविरों के वीडियो जारी किए गए, जहां सेना ने अटैक किया था।

आतंकियों के कौन से मुख्य ठिकाने तबाह?

आर्मी से कर्नल सोफिया कुरैशी ने बताया कि इन लक्ष्यों का चयन विश्वसनीय इंटेलिजेंस के आधार पर हुआ और ये ध्यान रखा गया कि इसमें किसी निर्दोष नागरिक को नुकसान न पहुंचे। पाकिस्तान की ओर से अधिकृत कश्मीर में सवाई नाला कैंप, जोकि लश्कर का ट्रेनिंग कैंप था। मुजफ्फराबाद में कैंप, जोकि जैश का ट्रेनिंग सेंटर है, टारगेट में शामिल थे। आतंकी स्थल मरकज सुभान अल्लाह, बहावलपुर, पाकिस्तान, जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय को सेना ने निशाना बनाया। इनमें मुरीदके का शिविर भी शामिल है, जहां 2008 के मुंबई आतंकी हमलों में शामिल आतंकवादियों अजमल कसाब और डेविड हेडली ने ट्रेनिंग ली थी।

पहलगाम के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए ऑपरेशन- विंग कमांडर व्योमिका

इसी तरह विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने जानकारी दी कि 'पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों और उनके परिवारों को न्याय दिलाने के लिए भारतीय सशस्त्र बलों की ओर से ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया गया था। 9 आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाया गया और उन्हें सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया गया। स्थानों का चयन नागरिक बुनियादी ढांचे को नुकसान से बचाने और किसी भी नागरिक की जान को नुकसान से बचाने के लिए किया गया था।'

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'कार्रवाई आतंक के इंफ्रास्ट्रक्चर को बर्बाद करने के लिए थी'

प्रेस कॉन्फ्रेंस में विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि भारत की कार्रवाई आतंक के इंफ्रास्ट्रक्चर को बर्बाद करने और देश में भेजे जाने वाले आतंकियों को अक्षम बनाने के लिए थी। उन्होंने कहा कि पहलगाम का हमला अत्यधिक बर्बरतापूर्ण हमला था। हमले का मुख्य उद्देश्य प्रतिकूल रूप से पर्यटन को प्रभावित करना था। हमले का ये तरीका जम्मू कश्मीर और शेष राज्यों में सांप्रदायिक दंगे भड़काने का तरीका था। टीआरएफ ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी। विक्रम मिस्री ने कहा कि हमारी खुफिया टीम ने जानकारी दी है की आगे भी भारत के खिलाफ हमले हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज की कार्रवाई आतंक के इंफ्रास्ट्रक्चर को बर्बाद करने और भारत में भेजे  जाने वाले आतंकियों को अक्षम बनाने के लिए है।

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Published By:
 Dalchand Kumar
पब्लिश्ड