क्या ऑपरेशन सिंदूर अभी जारी है? इस सवाल पर DGMO राजीव घई ने दिया ये जवाब
भारत ने पाकिस्तान में जोरदार एयर स्ट्राइक किए जिसके बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या ऑपरेशन सिंदूर खत्म हो गया है या अभी और कुछ बाकी है?
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Operation Sindoor: भारत ने पाकिस्तान में जोरदार एयर स्ट्राइक किए जिसके बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या ऑपरेशन सिंदूर खत्म हो गया है या अभी और कुछ बाकी है? इसी सवाल पर आज सैन्य संचालन महानिदेशक (DGMO) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जवाब दिया।
लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने मुस्कराते हुए कहा- ‘सैन्य अभियान कभी भी एक दिन का नहीं होता, हम किसी भी स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इस जवाब ने साफ कर दिया कि भारत की रणनीति अब सिर्फ एक जवाब तक सीमित नहीं है, बल्कि ये लंबी योजना का हिस्सा है।’
भारत अब इंतजार नहीं करता कार्रवाई करता है- राजीव घई
राजीव घई ने यह भी बताया कि सेना ने पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों को नहीं, बल्कि आतंकी नेटवर्क और उनके लॉजिस्टिक सपोर्ट स्ट्रक्चर को निशाना बनाया है। उन्होंने कहा कि ‘भारत अब इंतजार नहीं करता, कार्रवाई करता है।’ दरअसल, भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें थल, जल और वायु सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने संयुक्त रूप से देश को इस खास सैन्य कार्रवाई की जानकारी दी। भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी एयर मार्शल ए.के. भारती ने हाल ही में भारत के अलग अलग शहरों पर हुए ड्रोन और मानवरहित हवाई हमलों को लेकर एक अहम बयान जारी किया। उन्होंने बताया कि 8 और 9 मई की रात को 10:30 बजे से पाकिस्तान की ओर से भारतीय शहरों पर ड्रोन और यूएवी के जरिए हमला शुरू किया गया। यह हमला श्रीनगर से शुरू होकर गुजरात के नलिया तक फैला था।
दुश्मन का कोई भी लक्ष्य सफल नहीं हो सका- एके भारती
एयर मार्शल भारती ने कहा- 'हमारी वायु रक्षा पूरी तरह से सतर्क थी और इन हमलों का प्रभावी रूप से जवाब दिया गया। जमीन पर किसी प्रकार की क्षति नहीं हुई और दुश्मन का कोई भी लक्ष्य सफल नहीं हो सका।'
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भारतीय वायुसेना ने पाक सैन्य प्रतिष्ठानों को बनाया निशाना
भारतीय वायुसेना ने संतुलित प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तान के गुजरांवाला में स्थित सैन्य प्रतिष्ठानों और निगरानी रडार स्थलों को निशाना बनाया। एयर मार्शल के अनुसार, ड्रोन हमले सुबह तक जारी रहे, जिनका पूरी तत्परता से मुकाबला किया गया।
एयर मार्शल ने यह भी खुलासा किया कि ये ड्रोन हमले लाहौर के पास से किए जा रहे थे। 'इस दौरान पाकिस्तान ने न केवल अपने नागरिक विमानों को लाहौर से उड़ान भरने की अनुमति दी, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय यात्री विमानों की भी उड़ानें जारी रहीं, जो अत्यंत गैर-जिम्मेदाराना था। इससे हमारी प्रतिक्रिया के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी।'
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भारतीय एयर डिफेंस गन ने ड्रोन हमलों को विफल किया- एयर मार्शल
एयर मार्शल ने आगे बताया कि 8 मई की रात 8 बजे से कई पाकिस्तानी ड्रोन और लड़ाकू वाहन भारतीय वायुसेना के जम्मू, उधमपुर, पठानकोट, अमृतसर, बठिंडा, डलहौजी और जैसलमेर जैसे ठिकानों पर एक साथ लहरों में हमला करने लगे। हालांकि, भारतीय एयर डिफेंस गन और पूरी प्रणालियां तैयार थीं। एयर मार्शल ने पुष्टि की कि इन सभी हमलों को प्रभावी ढंग से निष्क्रिय कर दिया गया।
उन्होंने बताया कि कई ड्रोन हमलों को वायुसेना की विरासत प्रणालियों जैसे ‘पिकोरा’ और ‘IAF SAMAR’ के माध्यम से रोका गया। एयर मार्शल ने इस बात पर जोर दिया कि इन हमलों से जमीन पर किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ और भारतीय वायुसेना ने पूरी दक्षता से अपनी भूमिका निभाई।