'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत इंडियन आर्मी ने कैसे पाकिस्तानी आतंकी ठिकानों को तबाह किया? प्रेस कॉन्फ्रेंस में DGMO ने दिखाए सबूत
भारत के पाकिस्तान में किए गए एयर स्ट्राइक के बाद भारतीय सेना, वायु सेना और नौसेना के सैन्य संचालन महानिदेशक राजीव घई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
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भारत के पाकिस्तान में किए गए एयर स्ट्राइक के बाद भारतीय सेना, वायु सेना और नौसेना के सैन्य संचालन महानिदेशक राजीव घई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। बता दे इस खास प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत शिव तांडव की धून से हुई। जिसके बाद राजीव घई ने ऑपरेशन सिंदूर के बारे में खुल कर बातचीत की और समझाया की किस तरह से पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों को इंडियन आर्मी ने निशाना बना कर खत्म किया। ऑपरेशन सिंदूर पर यह पूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई, जिसमें लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई समेत वाइस एडमिरल एएन प्रमोद और एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती समेत तीनों ने जानकारी दी।
भारतीय सेना ने हाल ही में चलाए गए ऑपरेशन 'सिंदूर' को एक निर्णायक और सटीक सैन्य अभियान बताया है। डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि यह कार्रवाई पहाेलगाम में भारतीय नागरिकों पर हुए आतंकी हमले के बाद की गई, जिसमें कई निर्दोष लोग मारे गए थे। जनरल घई के अनुसार, इस ऑपरेशन का स्पष्ट उद्देश्य सीमा पार मौजूद आतंकी ठिकानों को खत्म करना और उन्हें पनाह देने वाली संरचनाओं को निष्क्रिय करना था।
टारगेट की गई आतंकी कैंपों की लोकेशन
सेना ने खुफिया एजेंसियों की मदद से पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित 9 सक्रिय आतंकी शिविरों की पहचान की। इनमें से कई कैंप पहले ही खाली कर दिए गए थे, लेकिन जो सक्रिय ठिकाने बचे थे, उन्हें निशाना बनाकर हमला किया गया। इनमें मुरीदके जैसे स्थान भी शामिल थे, जो आतंकी कसाब और डेविड हेडली से जुड़ा रहा है।
'ऑपरेशन सिंदूर' में मारे गए खूंखार आतंकी
इस सटीक कार्रवाई में भारत ने 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया, जिनमें निम्नलिखित हाई वैल्यू टारगेट शामिल थे, यूसुफ अज़हर (IC 814 हाइजैक का मास्टरमाइंड)
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- अब्दुल मलिक रऊफ
- मुदस्सिर अहमद (पुलवामा हमले से जुड़ा)
- यह ऑपरेशन स्पष्ट संकेत है कि भारत सीमा पार से आतंक फैलाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं करेगा।
सीजफायर उल्लंघन और नागरिक ठिकानों पर हमले
जनरल घई ने यह भी बताया कि ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान ने सीमा पर सीजफायर का उल्लंघन किया और गुरुद्वारों जैसे नागरिक ठिकानों को भी निशाना बनाया, जो अंतरराष्ट्रीय नियमों का घोर उल्लंघन है।
'ऑपरेशन सिंदूर' के जरिए भारत ने दिया राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर सख्त संदेश
"भारत की सैन्य कार्रवाई एकतरफा नहीं थी, यह आत्मरक्षा और नागरिकों की सुरक्षा के लिए अनिवार्य थी," जनरल घई ने कहा। ऑपरेशन 'सिंदूर' को देश की रणनीतिक प्रतिक्रिया का हिस्सा बताया गया, जो न सिर्फ जवाबी कार्रवाई है, बल्कि यह भविष्य की आतंकी कोशिशों के लिए चेतावनी भी है।
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ये था 'ऑपरेशन सिंदूर' का मास्टर प्लान
हमने 9 ठिकानों को एजेंसियों के जरिए पहचाना। कुछ पीओके में थे और कुछ पाकिस्तान में थे। मुरीदके लश्कर का हेडक्वार्टर था। अजमल कसाब, डेविड हेडली ने यहीं ट्रेनिंग ली थी। हमने एयर टू सरफेस तरीके से इन्हें टारगेट किया ताकि कोलैटरल डैमेज को कम किया जा सके। मुरीदके के टेररिस्ट कैंप में हवा से सतह पर मार करने वाली 4 टारगेटेड मिसाइल से हमला किया और उसे न्यूट्रलाइज्ड किया। हमने ध्यान से टारगेट का चयन किया। 9 में से 6 टारगेट एयरकैंप को दिए गए। इनमें बहावलपुर और मुरीदके के टेररिस्ट कैंप भी शामिल थे।