Food Delivery: ऑनलाइन फूड डिलीवरी पर GST का दिखेगा असर, क्विक सर्विस रेस्टोरेंट्स को मिलेगा फायदा

ऑनलाइन फूड डिलीवरी पर GST का असर दिखेगा। बर्नस्टीन की एक रिपोर्ट सामने आई है, जिसके अनुसार, खाद्य सेवा क्षेत्र के लिए वस्तु एवं सेवा कर (GST) नियमों में हालिया बदलावों का मिला-जुला असर पड़ने की उम्मीद है।

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Ordering Food From Swiggy, Zomato to Become Expensive
ऑनलाइन फूड डिलीवरी पर GST का असर। | Image: Social Media

ऑनलाइन फूड डिलीवरी पर GST का असर दिखने वाला है। बर्नस्टीन की एक रिपोर्ट सामने आई है, जिसके अनुसार, खाद्य सेवा क्षेत्र के लिए वस्तु एवं सेवा कर (GST) नियमों में हालिया बदलावों का मिला-जुला असर पड़ने की उम्मीद है। खाद्य वितरण प्लेटफॉर्मों की लागत बढ़ जाएगी, जबकि क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) को टैक्स में कटौती का लाभ मिलेगा। रिपोर्ट में बताया गया है कि इलेक्ट्रॉनिक कॉमर्स ऑपरेटरों (ईसीओ) के माध्यम से स्थानीय वितरण सेवाओं पर एक विशिष्ट नया जीएसटी लागू किया गया है।

यह विशेष रूप से उन मामलों में लागू होता है जहां ऐसी सेवाएं प्रदान करने वाला व्यक्ति, आमतौर पर गिग इकॉनमी कर्मचारी, जीएसटी पंजीकरण के लिए उत्तरदायी नहीं है। बता दें, हाल ही में मोदी सरकार ने जीएसटी टैक्स स्लैब में बदलाव का फैसला लिया, जो 22 सितंबर से वहां लागू हो जाएगा।

डिलीवरी पर लगेगा 18 फीसदी टैक्स

ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स की डिलीवरी सर्विस पर वितरण शुल्क खाद्य वितरण प्लेटफॉर्मों के राजस्व का 10-20 प्रतिशत होता था और GST से मुक्त था। हालांकि, अब इस पर 18% जीएसटी लगाया जाएगा।

रिपोर्ट में आगे कहा गया है, "खाद्य वितरण प्लेटफॉर्म, जो अब तक जीएसटी से मुक्त थे, अब 18 प्रतिशत कर के दायरे में आ जाएँगे। यह प्रभाव पूरी तरह से समाहित हो सकता है या रेस्टोरेंट भागीदारों के साथ आंशिक रूप से साझा किया जा सकता है।" प्लेटफॉर्म शुल्क, हैंडलिंग शुल्क और सर्ज शुल्क जैसे अन्य शुल्क पहले से ही 18 प्रतिशत जीएसटी के दायरे में आते हैं, और इसलिए नए ढांचे के तहत इनमें कोई बदलाव नहीं होगा।

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Published By :
Kanak Kumari Jha
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