J&K: 370 को लेकर क्या पक रही खिचड़ी? उमर अब्दुल्ला बोले- कांग्रेस सरकार का हिस्सा नहीं तो क्या...
अब्दुल्ला ने कहा कि कांग्रेस हमारी सरकार का हिस्सा नहीं है। हमें वह बाहर से समर्थन दे रही है। महाराष्ट्र-झारखंड चुनाव में BJP ने इस मुद्दे को उठाया, तो...
- भारत
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CM Omar Abdullah Statement: जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बड़ा बयान देते कहा है कि कांग्रेस उनकी सरकार का हिस्सा नहीं है। अब्दुल्ला सरकार में पार्टी बाहर से समर्थन कर रही है, लेकिन वह राज्य की सत्ता का हिस्सा नहीं है। जम्मू कश्मीर चुनाव दोनों पार्टियों ने मिलकर लड़ा था।
जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस एक साथ आए थे। चुनाव में गठबंधन को बहुमत भी मिला और उमर अब्दुल्ला की नेतृत्व वाली सरकार सत्ता में आई।
'कुछ मांगे पूरी नहीं कर सकते, क्योंकि...'
शुक्रवार (22 नवंबर) को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला जम्मू कश्मीर में पूर्ण राज्य के दर्जे और अनुच्छेद 370 की बहाली समेत कई मुद्दों पर मीडिया से बात कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि हम पहले दिन से जम्मू कश्मीर को फिर से राज्य का दर्जा दिलाने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ ऐसी चीजें हैं (अनुच्छेद-370) जो लोग चाहते हैं, लेकिन हम इसे पूरा नहीं कर सकते, क्योंकि जम्मू-कश्मीर एक केंद्र शासित प्रदेश है।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार जम्मू-कश्मीर असेंबली में एक प्रस्ताव लेकर आई है और बीजेपी को छोड़कर कांग्रेस के साथ ज्यादातर दलों के विधायकों ने इसका समर्थन किया। अहम बात ये थी कि प्रस्ताव पास हो गया। एक दरवाजा खुल गया। देखते हैं अब आगे क्या होगा।
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'कांग्रेस बेबस हो गई और…'
अब्दुल्ला ने कहा कि कांग्रेस हमारी सरकार का हिस्सा नहीं है। हमें वह बाहर से समर्थन दे रही है। महाराष्ट्र-झारखंड चुनाव के दौरान BJP इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधने लगी। तब कांग्रेस बेबस हो गई और अपने स्टैंड से उसे पीछे हटना पड़ा, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
अनुच्छेद 370 पर कांग्रेस का यू-टर्न
दरअसल, बीते दिनों कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा अनुच्छेद 370 की बहाली की मांग से पलट गए थे। वहीं, जम्मू कश्मीर कांग्रेस प्रमुख तारिक हामिद कर्र ने भी इस मुद्दे पर नेशनल कॉन्फ्रेंस से अलग रुख अपनाया है। उन्होंने बीते दिनों एक बयान में कहा था कि विधानसभा द्वारा पारित प्रस्ताव में अनुच्छेद 370 की बहाली की कोई मांग नहीं उठाई गई और न ही कहीं इसका उल्लेख किया गया है।
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राजनीतिक कैदियों की रिहाई मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में पूर्ण राज्य का दर्जा मिलने के बाद हमारी सरकार राजनीतिक कैदियों के मामलों की पैरवी करेगी। उनकी रिहाई सुनिश्चित करेगी।
कैबिनेट बैठक में लिए गए कई बड़े फैसले
इससे पहले शुक्रवार को ही उमर अब्दुल्ला ने कैबिनेट की बैठक भी की, जिसमें कई बड़े फैसले लिए गए। रोजगार, आरक्षण और भर्ती प्रक्रिया सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई और निर्देश पारित किए गए। इस दौरान आरक्षण मामले पर विचार के लिए कैबिनेट ने एक उप समिति बनाने का फैसला किया है। इसमें तीन कैबिनेट सदस्य होंगे।