Noida Protest: X Storm में 274 लोगों को जोड़ बनाया ग्रुप, फिर भड़काऊ VIDEO पोस्ट कर नोएडा में फैलाई हिंसा, मुख्य आरोपी का सनसनीखेज खुलासा

नोएडा हिंसा का मुख्य साजिशकर्ता आदित्य आनंद पुलिस की पूछताछ में चौकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि कैसे साजिश के तहत पूरी घटना को अंजाम दिया था।

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Noida workers protest: Fresh violence erupts in multiple areas, several cops injured in stone-pelting
X Storm में 274 लोगों को जोड़ बनाया ग्रुप, फिर भड़काऊ VIDEO पोस्ट कर नोएडा में फैलाई हिंसा | Image: X

नोएडा हिंसा का मुख्य साजिशकर्ता आदित्य आनंद पुलिस की गिरफ्त में है। बीते दिनों इंजीनियर आदित्य आनंद को तमिलनाडु से गिरफ्तार किया गया था।गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की संयुक्त टीम फिर उसे लेकर नोएडा आई। अब पुलिस पूछताछ में आरोपी ने सनसनीखेज खुलासा किया है। उसने बताया है कि कैसे 'X Storm' ग्रुप की मदद से हिंसा फैलाई थी।

नोएडा में हिंसा को अंजाम साजिश के तहत दिया गया था। हिंसा का मुख्य आरोपी एक लाख के इनामी आनंद को पुलिस और STF ने बीते दिनों गिरफ्तार किया था।  पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहे इस आरोपी को 18 अप्रैल को तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया। अब मुख्य साजिशकर्ता आदित्य आनंद ने पूछताछ में कई चौकाने वाला खुलासा किया है।

'X Storm' ग्रुप की मदद से फैलाई थी हिंसा

आदित्य आनंद ने पुलिस को बताया कि उसने 'X Storm' ग्रुप की मदद से पूरे नोएडा में हिंसा को फैलाया। आदित्य ने सोशल मीडिया पर भड़काऊ वीडियो वायरल करने के किये एक ग्रुप बनाया था। ये ग्रुप 274 लोगों का था, जिसका नाम 'X Storm' रखा गया था। इस ग्रुप का मकसद था, भड़काऊ वीडियो को तेजी से ट्विटर पर वायरल करना और ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना।

मुख्य आरोपी का सनसनीखेज खुलासा

बता दें कि हिंसा की साजिश का मुख्य सूत्रधार आदित्य आनंद है। जांच एजेंसियों को पता चला है कि पढ़ाई के दौरान अल्ट्रा लेफ्टिस्ट विचारधारा से प्रभावित यह युवक अपनी नौकरी की कमाई को हिंसा भड़काने में इस्तेमाल कर रहा था।आदित्य आनंद ने लेबर स्टडीज में एमए किया है और फिलहाल पीएचडी कर रहा था।

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हिंसा भड़काने में लगाता था अपनी सैलरी

आदित्य को साल 2022 में कॉलेज प्लेसमेंट के जरिए नौकरी मिली थी। उसकी सैलरी महीने के एक लाख रुपये थी। आरोप है कि यही पैसा वह हिंसक गतिविधियों के लिए खर्च कर रहा था। जांच में सामने आया है कि कॉलेज के दिनों में ही आदित्य कुछ अल्ट्रा लेफ्टिस्ट ग्रुप्स के संपर्क में आ गया था। शुरुआत में वह गुरुग्राम में रहता था, बाद में नोएडा शिफ्ट हो गया।

नोएडा में आनंद ने एक रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल के घर में तीन कमरों का फ्लैट किराए पर लिया। पुलिस के अनुसार, इसी फ्लैट को नोएडा, दिल्ली और गुरुग्राम में होने वाली हिंसा का केंद्रीय अड्डा बनाया गया था। आरोपी सामान्य IT प्रोफेशनल की छवि बनाए रखते हुए साजिश रच रहा था। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि हिंसा की इस पूरी श्रृंखला में उसके और कौन-कौन सहयोगी थे तथा कितने लोग इससे जुड़े थे। मामले में अबतक 13 मुकदमे दर्ज किए गए हैं और कई गिरफ्तारी हुई है।

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Published By:
 Rupam Kumari
पब्लिश्ड