न दिमाग, न दिल और न फेफड़े... वेनेजुएला से लौटे भारतीय नाविक की लाश से सबकुछ गायब, रहस्यमयी हालत में हुई मौत; परिजनों का फूटा गुस्सा

उत्तर प्रदेश के राकेश चौहान की वेनेजुएला में मौत हो गई। जब उनका शव भारत लाया गया तो पोस्टमॉर्टम में हैरानी हुई। शरीर में दिमाग, दिल, फेफड़े, लीवर, किडनी समेत कोई भी अंग नहीं था। शरीर सिर्फ खाली खोल था।

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No Brain, No Heart, No Lungs Post‑Mortem of Indian Seafarer Reveals Empty Shell Returned From Venezuela
भारतीय नाविक की लाश से शरीर के अंग गायब | Image: Republic

उत्तर प्रदेश के रहने वाले राकेश चौहान एक भारतीय नाविक थे। वे वेनेजुएला में काम कर रहे थे। अचानक उनकी मौत की खबर परिवार को मिली, लेकिन जब उनका शव भारत लाया गया तो परिवार को बहुत बड़ा झटका लगा।

भारत में दोबारा पोस्टमॉर्टम कराया गया। डॉक्टरों ने जो देखा, वो हैरान करने वाला था। शव में दिमाग, दिल, दोनों फेफड़े, लीवर, किडनी, स्प्लीन, पैंक्रियास, स्टमक, आंतें, थायरॉइड जैसी कोई भी महत्वपूर्ण अंग नहीं थे। शरीर पूरी तरह खाली था, जैसे कोई खोल हो।

डॉक्टरों ने बताया कि शव पर बहुत सिलाई के निशान थे, गले से नीचे तक 22 सिलाई और कान से कान तक 21 सिलाई। शरीर को लंबे समय तक फ्रीजर में रखा गया था। मौत का सही कारण पता नहीं चल सका क्योंकि जरूरी अंग ही गायब थे। परिवार इस बेहद अमानवीय कृत पर वेनेजुएला सरकार से जवाब मांग रहा है।

शरीर के सभी अंग गायब

वेनेजुएला की ओर से कोई स्पष्ट कारण या ऑटोप्सी रिपोर्ट नहीं दी गई। परिवार का कहना है कि वेनेजुएला की तरफ से मौत के बारे में कोई साफ जानकारी नहीं दी गई। न कोई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट दी गई, न मौत का कारण बताया गया। भारत में कराए गए आधिकारिक पोस्टमार्टम के अनुसार, चौहान के कोई भी प्रमुख आंतरिक अंग मौजूद नहीं थे।

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  • मस्तिष्क (ब्रेन)  
  • हृदय (हार्ट)  
  • दोनों फेफड़े (लंग्स)  
  • लीवर
  • किडनी
  • स्प्लीन
  • पैंक्रियास
  • स्टमक
  • आंतें  
  • थायरॉइड
  • हाइॉइड बोन
  • लैरिंक्स
  • ट्रेकिया

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आगे बताया गया कि शरीर पर मौत से पहले की कोई चोट नहीं थी। सभी महत्वपूर्ण अंग गायब होन के कारण डॉक्टरों ने कहा कि मौत का सटीक कारण निर्धारित नहीं किया जा सका। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि शव को स्वदेश वापस भेजे जाने से पहले लगभग एक महीने तक डीप फ्रीजर में रखा गया था।

परिवार की मांग

परिवार ने इस घटना को बेहद दर्दनाक और संदिग्ध बताया है। वे कहते हैं कि विदेश में काम करने वाले भारतीय मजदूरों की सुरक्षा और पारदर्शिता की कमी है। परिवार ने मांग की है कि मौत के असली कारण की पूरी जांच हो, वेनेजुएला सरकार से जवाबदेही, भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय का तुरंत हस्तक्षेप, मूल ऑटोप्सी रिपोर्ट और सभी दस्तावेज जारी करना के साथ ही परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की गई है।

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FSUI ने मुद्दे को उठाया

फेडरेशन ऑफ सीफेयर्स यूनियन ऑफ इंडिया (FSUI) ने मामले को गंभीर बताया है। यूनियन ने भी वेनेजुएला से जवाब, भारतीय दूतावास के हस्तक्षेप और परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है। यूनियन का कहना है कि विदेशों में काम करने वाले भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए सरकार को और मजबूत कदम उठाने चाहिए।

फिलहाल, वेनेजुएला के अधिकारियों ने सार्वजनिक रूप से यह नहीं बताया है कि अंग क्यों नहीं मिले और न ही चौहान की मौत से जुड़ी घटनाओं का कोई आधिकारिक विवरण जारी किया है। शरीर से अंग गायब होने की कई अटकलें लगाई जा रही हैं, जिनमें अवैध अंगों की तस्करी भी शामिल है।

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Published By:
 Sagar Singh
पब्लिश्ड