शहीदों की चिता पर खड़ी कांग्रेस, जिसने भारत को विभाजित किया; आज राहुल गांधी के बयान से मुझे लड़खड़ाती हुई नजर आई- निशिकांत दुबे का हमला
Lok Sabha: लोकसभा में राहुल गांधी ने आरएसएस पर देश की सभी संस्थाओं पर कब्जा जमाने का आरोप लगाए। राहुल के आरोपों पर जवाब देते हुए निशिकांत दुबे ने कहा कि हम RSS के हैं और हमें गर्व है कि हम RSS के हैं।
- भारत
- 3 min read

Nishikant Dubey in Lok Sabha: संसद के जारी शीतकालीन सत्र में आज, 9 दिसंबर को लोकसभा में चुनाव सुधारों पर चर्चा हो रही है। चर्चा में शामिल होते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सत्ता के साथ चुनाव आयोग का तालमेल होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हरियाणा और महाराष्ट्र में हमने वोट चोरी साबित की। राहुल गांधी के बाद बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने सरकार का पक्ष रखा और राहुल के आरोपों के जवाब दिए। उन्होंने राहुल गांधी की लोकसभा में दी स्पीच को लेकर तंज कसते हुए कहा कि खोदा पहाड़, निकली चुहिया।
लोकसभा में निशिकांत दुबे ने पलटवार करते हुए कहा कि शहीदों की चिता पर खड़ी कांग्रेस, जिसने भारत को विभाजित किया, आज राहुल गांधी के बयान से मुझे लड़खड़ाती हुई नजर आई। ये संविधान की बात करती नजर आई। संविधान कैसे कांग्रेस ने तार-तार किया, इसका कोई जवाब नहीं है।
राष्ट्रपति के सारे अधिकार को कांग्रेस ने खत्म कर दिया- निशिकांत दुबे
उन्होंने कहा कि 1975 में स्वर्ण सिंह समिति बनी। उन्होंने सारे संस्थाओं को खत्म कर दिया। इस संविधान में 121 बार राष्ट्रपति का जिक्र है। एक संशोधन के माध्यम से राष्ट्रपति के सारे अधिकार को कांग्रेस ने खत्म कर दिया। राष्ट्रपति को रबर स्टांप बना दिया था। राष्ट्रपति का इंस्टीट्यूशन खत्म हो गया। इंदिरा गांधी ने प्रेस की स्वतंत्रता खत्म कर दी।
'हम RSS के हैं, मुझे गर्व हैं…'
BJP सांसद ने आगे कहा, "UPSC जैसी संस्था का चेयरमैन कांग्रेस का एक कार्यकर्ता दस साल तक बना रहा और ये चुनाव आयोग की बात करते हैं। टीएन शेषन को बीजेपी के खिलाफ उम्मीदवार बनाया। अश्विनी कुमार, रंजीत सिन्हा जैसे अधिकारियों को CBI का डायरेक्टर बना दिया। ये संविधान की बात करते हैं। कौन-सी ईमानदारी की बात करते हो? किस चुनाव आयोग की पारदर्शिता की बात करते हो? निशिकांत दुबे ने कहा कि हम RSS के हैं। मुझे गर्व हैं।
Advertisement
राजीव गांधी लेकर आए थे EVM- निशिकांत दुबे
निशिकांत दुबे ने कहा कि ये लोग EVM की बात करते हैं। कांग्रेस पहली बार EVM लेकर आई। 1987 में पायलट प्रोजेक्ट के नाते ये EVM राजीव गांधी लेकर आए। 1991 में जब नरसिम्हा राव की सरकार आई, तो उन्होंने तय किया कि EVM आएगा। SIR पर 1961 और 1971 में कहा गया कि ये जरूरी है। 1971 में कहा गया कि EVM जरूरी है। अटल बिहारी वाजपेयी और आडवाणी भी इसके मेंबर थे। उन्होंने बूथ वाइज काउंटिंग की वकालत की थी, जिसका विरोध किया गया जिससे गड़बड़झाला कर पाएं।
लोकसभा में निशिकांत ने कहा कि पूरे देश में मुसलमान 4 फीसदी बढ़े। बंगाल के 24 परगना में 14 फीसदी मुस्लिम कैसे बढ़े? इसका जवाब कौन देगा। ये आंकड़ा 2011 का है। तब कांग्रेस का होम मिनिस्टर था।