Delhi Blast: दिल्ली बम धमाके की जांच के लिए NIA ने किया स्पेशल टीम का गठन, ADG विजय सखारे को मिली बड़ी जिम्मेदारी

गृह मंत्रालय ने दिल्ली कार धमाके की जांच NIA को सौंप दी थी, जिसके बाद जांच एजेंसी पूरे मामले की पड़ताल के लिए स्पेशल टीम का गठन किया गया है। टीम में 10 अधिकारियों को शामिल किया गया है।

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Delhi Blast NIA Investigation
दिल्ली धमाके की जांच NIA ने शुरू की | Image: ANI/Republic

दिल्ली ब्लास्ट मामले की जांच के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी ( NIA) ने शुरू कर दी है। जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है। ADG विजय सखारे के नेतृत्व में यह टीम मामले की पूरी जांच करेगी। इससे पहले दिल्ली पुलिस ने NIA को केस से जुड़े सभी दस्तावेज और FIR कॉपी सौंप दी है।

गृह मंत्रालय ने दिल्ली कार धमाके की जांच NIA को सौंप दी थी, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने मंगलवार की रात को केस की FIR कॉपी और सभी सबूत जांच एजेंसी को सौंप दी। अब दिल्ली बम धमाके की जांच के लिए NIA ने एक 10 अधिकारियों की विशेष टीम का गठन किया है। ADG विजय सखारे के नेतृत्व में पूरी जांच होगी। बुधवार को टीम घटनास्थल पर पहुंची।

NIA की स्पेशल टीम का गठन

NIA की स्पेशल टीम में IG, 2 DIG, 3 SP और बाकी DSP स्तर के अधिकारी शामिल हैं। आज NIA DG और IB चीफ के बीच अहम बैठक हुई, जिसमें मामले की जांच की दिशा तय की गई। वहीं, NIA की टीम बुधवार को J&K पुलिस, दिल्ली पुलिसऔर हरियाणा पुलिस से जैश मॉड्यूल से जुड़ी केस की डायरी भी अपने कब्जे में लेगी।

दिल्ली बम धमाके की जांच जारी

बता दें कि दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास नेताजी सुभाष चंद्र बोस मार्ग पर 10 नवंबर की शाम एक हुंडई i20 कार में जोरदार विस्फोट हुआ था। शाम 6:52 बजे हुआ यह धमाका इतना भीषण था कि आसपास खड़ी कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं, लाल किला मेट्रो स्टेशन के शीशे टूट गए। इस धमाके में 12 लोगों की मौत हो गई जबकि बीस से ज्यादा लोग घायल हैं।

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आतंकी मॉड्यूल से तार जुड़ा तार

दिल्ली धमाके की अब तक की जांच में खुलासा हुआ है कि फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल से तार जुड़े हुए हैं। खुफिया एजेंसियो को शकI-20 कार में जम्मू-कश्मीर के रहने वाले डॉक्टर उमर मोहम्मद सवार था। जांच में एजेंसियों ने डॉक्टर उमर उन नबी को मुख्य साजिशकर्ता माना है। एजेंसियों का कहना है कि उमर फरीदाबाद मॉड्यूल का सबसे कट्टरपंथी सदस्य था। अब तक डॉ मुजम्मिल अहमद गणाई, डॉ अदील मजीद राथर, और डॉ शाहीन शाहिद भी पकड़े गए हैं। ये सभी अल-फलाह मेडिकल कॉलेज में सहकर्मी थे और वहीं से मिलकर आतंकी गतिविधियों की योजना बनाते थे।

इस पूरे मामले में कुल 6 डॉक्टरों की गिरफ्तार हो चुकी है, लेकिन साजिश के मास्टरमाइंड उमर अभी फरार है। जानकारी है कि उसने रेड फोर्ट के पास i20 कार में विस्फोटक सामग्री भरकर धमाका किया और मौके से भाग निकला। वहीं यह भी बताया जा रहा है कि उमर ने कार में खुद को उड़ा दिया और उसकी मौत हो चुकी है।

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Published By:
 Ankur Shrivastava
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