दिल्ली लाल किला ब्लास्ट में पहली और बड़ी गिरफ्तारी, NIA ने फिदायीन आतंकी डॉ. उमर के साथी आमिर राशिद को किया गिरफ्तार
दिल्ली लाल किला ब्लास्ट में NIA ने फिदायीन आतंकी डॉ. उमर के साथी आमिर राशिद अली को गिरफ्तार कर लिया है। आमिर राशिद ने सुसाइड बॉम्बर उमर उन नबी के साथ मिलकर इस हमले की साजिश की थी।
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Delhi Red Fort Car Blast Case : राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने दिल्ली के रेड फोर्ट इलाके में हुए कार बम विस्फोट के मामले में एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। NIA ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो इस आतंकी हमले को अंजाम देने वाले सुसाइड बॉम्बर डॉ. उमर उन नबी के साथ साजिश रचने का आरोपी है।
लाल किले के पास हुए इस कार ब्लास्ट में 13 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी, जबकि करीब 25 अन्य घायल हो गए थे। दिल्ली से गिरफ्तार आरोपी का नाम आमिर राशिद अली है, जिसके नाम पर हमले में इस्तेमाल की गई कार रजिस्टर्ड थी। जांच में पता चला है कि आमिर जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के पंपोर के संबूरा का रहने वाला है। आमिर राशिद अली को NIA ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस से मामला अपने हाथ में लेने के बाद NIA ने व्यापक तलाशी अभियान चलाया था।
उमर के साथ मिलकर रची साजिश
जांच में पता चला है कि आमिर ने सुसाइड बॉम्बर उमर उन नबी के साथ मिलकर इस हमले की साजिश की थी। हमले से पहले आमिर दिल्ली आया था, ताकि हमले में इस्तेमाल होने वाली कार को खरीद सके। NIA ने फोरेंसिक जांच के जरिए उमर उन नबी की पहचान की है। उमर पुलवामा जिले का निवासी था और फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी के जनरल मेडिसिन विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर तैनात था।
73 गवाहों के बयान दर्ज
एजेंसी ने उमर के एक अन्य वाहन को जब्त भी किया है, जिसकी जांच जारी है। अब तक NIA ने 10 नवंबर को राजधानी को दहला देने वाले इस विस्फोट में घायल हुए लोगों समेत कुल 73 गवाहों के बयान दर्ज किए हैं। दिल्ली पुलिस, जम्मू-कश्मीर पुलिस, हरियाणा पुलिस, उत्तर प्रदेश पुलिस और अन्य सहयोगी एजेंसियों के साथ मिलकर NIA पूरे देश में जांच को तेज कर रही है। एजेंसी कई सुरागों पर काम कर रही है, ताकि हमले के पीछे की बड़ी साजिश का पर्दाफाश हो सके और अन्य शामिल लोगों की पहचान हो।