NEET Paper Leak: NTA को भंग करने की याचिकाओं पर Supreme Court में आज सुनवाई, कोर्ट की निगरानी में CBI जांच की मांग

NTA को भंग करने की मांग वाली दो याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में आज अहम सुनवाई होगी। ये याचिकाएं नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट (NEET UG) के आयोजन में कथित तौर पर हुई सिस्टम से जुड़ी गड़बड़ियों के चलते दायर की गई हैं।

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NEET paper leak case
NEET paper leak case | Image: Republic

नीट UG पेपर लीक मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को भंग करने की मांग वाली दो याचिकाओं पर आज, शुक्रवार को कोर्ट सुनवाई करेगा। ये याचिकाएं फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) और यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट (UDF) की ओर से दायर की गई हैं। इन याचिकाओं में पेपर लीक मामले की जांच कोर्ट की निगरानी में CBI से कराने की मांग भी उठाई गई है।

NTA को भंग करने की मांग वाली दो याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में आज अहम सुनवाई होगी। ये याचिकाएं नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट (NEET UG) के आयोजन में कथित तौर पर हुई सिस्टम से जुड़ी गड़बड़ियों के चलते दायर की गई हैं। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि NTA बार-बार निष्पक्ष और सुरक्षित परीक्षा कराने में असफल साबित हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने इस सप्ताह की शुरुआत में नोटिस जारी किए थे। अब तक, केंद्र सरकार, NTA या CBI की ओर से कोई जवाब दाखिल नहीं किया गया है।

इन संगठनों की ओर से दायर की गई है याचिका

डॉक्टरों के इन दोनों संगठनों (FAIMA और UDF) ने सुप्रीम कोर्ट से NTA को भंग करने और भविष्य में परीक्षा आयोजित करने के लिए एक स्वतंत्र संस्था बनाने का आग्रह किया है। उनका तर्क है कि मौजूदा व्यवस्था पर छात्रों और संबंधित पक्षों का भरोसा खत्म हो चुका है। NTA को तुरंत भंग करने की मांग के अलावा, याचिकाकर्ता कथित पेपर लीक मामलों की जांच सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) से करवाने की भी मांग कर रहे हैं, जिसकी निगरानी कोर्ट करे।

री-NEET पर कड़ी निगरानी रखने की मांग

इन संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट से यह भी अनुरोध किया है कि वह 'री-NEET' (दोबारा होने वाली NEET परीक्षा) के आयोजन पर भी कड़ी नजर रखे, जो 21 जून को होनी है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि NEET से जुड़े बार-बार होने वाले विवादों ने देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में से एक की विश्वसनीयता को गंभीर रूप से प्रभावित किया है, और लाखों परीक्षार्थियों को मानसिक तनाव दिया है।

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पिछली सुनवाई में कोर्ट ने क्या कहा?

बता दें कि पिछली सुनवाई के दौरान, सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने NTA को इस बात के लिए कड़ी फटकार लगाई थी कि उसने '2024 के बाद से कोई सबक नहीं सीखा है।' सुप्रीम कोर्ट ने NTA के कामकाज को लेकर सख्त टिप्पणियां कीं और कहा कि यह "दुखद" है कि एजेंसी ने 2024 के NEET पेपर लीक विवादों से कथित तौर पर कोई सबक नहीं सीखा है, और वह "वही गलतियां दोहरा रही है।"

इसके बाद कोर्ट ने NTA, केंद्र सरकार और CBI को याचिकाओं में लगाए गए आरोपों पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए 29 मई तक का समय दिया था। आज की सुनवाई में मुख्य रूप से NTA की जवाबदेही, चल रही जांच की प्रगति, और NEET UG जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं के आयोजन में क्या किसी तरह के ढांचागत सुधारों की आवश्यकता है, इन मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। 

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Published By:
 Rupam Kumari
पब्लिश्ड