नीट पेपर लीक केस में बिहार EOU का बड़ा खुलासा, पैसों के हिसाब से कैंडिडेट को दिया गया लिमिटेड एक्सेस

NEET पेपर लीक मामले में बिहार EOU ने अबतक की जांच में कई बड़े खुलासे किए हैं। पैसों के हिसाब से कैंडिडेट को लिमिटेड एक्सेस दिया गया।

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neet paper leak case
NEET पेपर लीक कांड | Image: PTI

नीट की परीक्षा में बिहार में हुए पेपर लीक मामले की प्रदेश की अपराध इकाई अबतक जांच कर रही थी। हालांकि, अब इस मामले को सीबीआई ने टेक ओवर कर लिया है। इओयू की ओर से अबतक की गई जांच में कई बड़े खुलासे हुए हैं। जानकारी के अनुसार जिस कैंडिडेट ने जितने पैसे दिए उसके हिसाब से उन्हें पेपर का लिमिटेड एक्सेस दिया गया।

जानकारी के अनुसार पूरे पेपर लीक कांड को एक संगठित तरीके से अंजाम दिया गया। पेपर करीब 48 घंटे पहले लीक हुआ और जिन केंडिडेट ने पैसा दिया उन्हें एक रात पहले ही मुहैया करवाया गया। यही वजह है कि पेपर लीक पेन इंडिया नहीं हो पाया। आरोपी इतने शातिर थे कि उन्होंने कैंडिडेट्स को लीक क्वेश्चन पेपर का लिमिटेड एक्सेस दिया था।

बैंक लॉकर और कूरियर कंपनियों से भी होगी पूछताछ

बता दें, जांच एजेंसी को शक है कि पेपर लीक उस वक्त हुआ, जब इन्हें बैंक के लॉकर तक भेजा जा रहा था। ऐसे में जिन बैंक के लॉकर के क्वेश्चन पेपर रखा गया, जिन कूरियर कंपनियों ने बैंक तक और वहां से पेपर को सेंटर भेजा, उन सभी के बयान दर्ज होंगे और उनके रूट की मैपिंग होगी।

कुल 5 मामले CBI ने लोकल पुलिस से किया टेकओवर

बिहार, गुजरात, राजस्थान में नीट परीक्षा में हुई धांधली के मामलों की फाइल सीबीआई ने स्थानीय पुलिस से टेकओवर कर ली है। सीबीआई ने राजस्थान के 3, बिहार, गुजरात के गोदरा समेत कुल 5 मामलों की जांच लोकल पुलिस से टेकओवर कर ली है। इन पांचों मामलों में मुख्य केस एग्जाम लीकेज कॉन्सपिरेसी मॉड्यूल केस बिहार का है। गोदरा और राजस्थान के जो केस है वो केंडिडेट की जगह किसी और को एग्जाम दिलवाने या चीटिंग कराने के मामले है।

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Published By:
 Kanak Kumari Jha
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