Exclusive: नेशनल हेराल्ड केस का पीड़ित 30 साल से मांग रहा न्याय, खोला कांग्रेस का काला चिट्ठा, बोला-राहुल ने नहीं सुनी गुहार
नेशनल हेराल्ड केस में कांग्रेस के शोर के बीच भोपाल के पूर्व कर्मचारी सईद खान ने रिपब्लिक भारत से बातचीत में नेशनल हेराल्ड के भ्रष्टाचार का काला चिट्ठा खोला है।
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National Herald: नेशनल हेराल्ड केस को लेकर कांग्रेस धाती पीठ रही है, क्योंकि राहुल गांधी और सोनिया गांधी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। इधर 30 साल से एक पूर्व कर्मचारी कांग्रेस के खिलाफ न्याय की लड़ाई लड़ रहा है। भोपाल के पूर्व कर्मचारी सईद खान ने रिपब्लिक भारत से बातचीत में नेशनल हेराल्ड के भ्रष्टाचार का काला चिट्ठा खोला है। सईद खान का मामला ये है कि वो खुद की सैलरी, पीएफ और ग्रेचुटी के लिए लेवर कोर्ट के चक्कर लगाता है। सईद खान को अब न्याय की उम्मीद दिखाई दे रही है।
इस प्रेस में मोहम्मद सईद खान मैनेजर के तौर पर काम करते थे। मोहम्मद सईद से इस भ्रष्टाचार को लेकर बात की। प्रेस शुरू होने से उसके बंद होने तक की कहानी मोहम्मद सईद ने भावुक होकर बताई, क्योंकि वो और उनकी तरह के 79 कर्मचारियों को बिना तनख्वाह के अचानक से बाहर कर दिया गया। वो आज भी इसकी लड़ाई कोर्ट में लड़ रहे हैं। सईद खान दावा कहते हैं कि वो इस मामले में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मोतीलाल वोरा समेत तमाम बड़े पदाधिकारी से मिलकर बात कर चुके हैं, लेकिन आज भी उन्हें न्याय नहीं मिला।
सईद ने कई दस्तावेज दिखाए
सईद का कहना है कि उस समय कांग्रेस सरकार थी तो कोर्ट में भी नहीं हुई सुनवाई। सईद ने कई दस्तावेज दिखाए। उन्होंने कहा कि नियमों को ताक पर रखकर प्राइवेट लोगों के हवाले नेशनल हेराल्ड की जमीन कर दी गई। राहुल और सोनिया गांधी की लापरवाही से पूरा भ्रष्टाचार हुआ। कई बार इनको सच बताने की कोशिश की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। मोतीलाल वोहरा और तमाम नेताओं ने अंधेरे में रखा। सईद खान आरोप लगाते हैं कि मोतीलाल वोरा से भी वो मिले थे। उस समय इतना गुस्सा था कि उन्होंने मोतीलाल वोरा से कहा था कि तुम्ंहे तो हथकड़ी में देखना चाहता हूं। सईद ने ये भी कहा कि मैंने राहुल गांधी को मिलकर दी थी जानकारी, लेकिन उन्होंने अनसुना कर दिया। इस पूर्व कर्मचारी की मांग है कि सभी दोषी हैं और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
मोहम्मद सईद खान ने लगाए और भी आरोप
नेशनल हेराल्ड केस को लेकर पूर्व कर्मचारी का कहना है कि लीज पर दी गई जमीन को इस तरह से प्राइवेट कंपनी को दे देना सरासर भ्रष्टाचार है। दस्तावेज चीख चीख कर बताते हैं कि किस तरह से लीज की जमीन को प्राइवेट लोगों को बेच दिया गया। आज इस जमीन पर बड़े शॉपिंग मॉल और शोरूम खुले हुए हैं। मोहम्मद सईद का कहना है कि उन्हें उनके हक का पैसा अदा किया जाए, क्योंकि वो इतने साल से मुफलिसी में जी रहे हैं।