बत्ती गुल 'डर्टी गेम' चालू! झूमर में था बाबा अशोक खरात का 'कोड वर्ड', इशारे के बाद शुरू होता था यौन शोषण का घिनौना खेल; सनसनीखेज खुलासा

अशोक खरात मामले में रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। अब जांच में सामने आया है कि बाबा अपनी काली करतूतों को अंजाम देने के लिए कोर्ड वर्ड का इस्तेमाल करता था।

Follow : Google News Icon  
'Godman' Ashok Kharat Case
'Godman' Ashok Kharat Case | Image: X

Ashok Kharat Case Update: महाराष्ट्र के नासिक में खुद को ज्योतिषी और 'गॉडमैन' बताने वाला अशोक खरात यौन शोषण, ठगी और ब्लैकमेलिंग के आरोपों में जांच के दायरे में है। जैसे-जैसे जांच का दायरा बढ़ रहा है रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। SIT की जांच में अब 'कोड लैंग्वेज' की चौंकाने वाली बात सामने आई है।

जी हां, जांच में पता चला है कि 'अय्याश बाबा' जब भी अपने दफ्तर के अंदर किसी महिला को 'शुद्धिकरण' के नाम पर बुलाता था, तब झूमर की लाइट बंद कर देता था। यह स्टाफ के केबिन के अंदर 'नो एंट्री' का 'कोड' होता था। इससे स्टाफ समझ जाता था कि अंदर महिला का यौन शोषण हो रहा है।

बत्ती बंद, मतलब नो एंट्री का संकेत

पुलिस जांच के मुताबिक, बाबा महिलाओम के यौन शोषण के लिए 'शुद्धिकरण' जैसे शब्दों के कोड वर्ड का इस्तेमाल किया करता था। हालांकि, बाबा की इस घिनौनी हरकत की किसी और को भनक भी नहीं पड़ती थी, क्योंकि केबिन में ऐसे कांच लगाए गए थे जिससे बाहर से अंदर का कुछ दिखाई नहीं पड़ता था। लेकिन, अंदर से बाहर का हरेक नजारा बिल्कुल साफ नजर आता था।

'जादुई तुर्की शहद' का क्या है राज?

इसके अलावा यह भी पता चला है कि व्यापार में सफलता और बाधाओं को दूर करने के नाम पर खरात करोड़ों की ठगी करता था। इसके लिए वो 'अवतार पूजा' शब्द के कोर्ड वर्ड का इस्तेमाल करता था। इतना ही नहीं, वो उसके पास आने वाले भक्तों को साधारण शहद को 'तुर्की की गुफा से लाया गया दुर्लभ जादुई शहद' बताकर भारी कीमत पर बेचता था।

Advertisement

ढोंगी बाबा की खुल रहीं परतें

महाराष्ट्र सरकार ने एसआईटी गठित की है और टीम ने दो मोबाइल नंबर जारी किए हैं। जांच में खरात की काली करतूतें परत दर परत खुल रही है। अधिकारियों के मुताबिक, विशेष जांच टीम को पिछले 5 दिनों में 50 से ज्यादा फोन कॉल मिली है, जिसमें उसके किए गए कथित अपराधों की जानकारी है। एसआईटी ने आश्वासन दिया है कि शिकायतकर्ताओं की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

खरात के कार्यालय से क्या-क्या बरामद?

शुक्रवार को एसआईटी फॉरेंसिक टीम के साथ मिलकर नासिक में खरात के कार्यलाय का दौरा करने पहुंचीं। यहां से कई दस्तावेज, फाइलें, डायरी समेत अन्य चीजें जब्त की गईं। इस बीच नासिक जिला प्रशासन की ओर से पूर्व मर्चेंट नेवी अधिकारी खरात के हथियार लाइसेंस को निलंबित कर दिया गया है। प्रशासन का मानना है कि वह पीड़ितों को डराने-धमकाने के लिए इसका इस्तेमाल कर सकता है।

Advertisement

18 मार्च को गिरफ्तार हुआ था गिरफ्तार

बता दें कि आरोपी अशोक खरात नासिक जिले के सिन्नर में एक मंदिर ट्रस्ट का प्रमुख है। खरात को 18 मार्च को गिरफ्तार किया गया था, जब 35 वर्षीय एक महिला ने उस पर तीन में बार-बार बलात्कार करने का आरोप लगाया। अबतक खरात के खिलाफ कुल 8 एफआईआर दर्ज हो चुकी है।  

यह भी पढ़ें: 'जब वो छू रहा था तो बुद्धि कहां चली गई...', ये क्या बोल गईं ममता कुलकर्णी? अय्याश बाबा की बजाय पीड़ित महिलाओं पर ही उठा दिए सवाल
 

Published By :
Priyanka Yadav
पब्लिश्ड