Modi 3.0: 9 जून को शपथ, नरेंद्र मोदी रचेंगे इतिहास...जान लीजिए कौन-कौन विदेशी मेहमान बनेंगे गवाह
नरेंद्र मोदी का शपथ ग्रहण समारोह 9 जून को निर्धारित है। मोदी के शपथ ग्रहण समारोह के लिए पड़ोसी मुल्कों के राष्ट्राध्यक्षों को न्योता भेजा गया है।
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Narendra Modi: नरेंद्र मोदी के सिर पर तीसरी बार सत्ता का ताज होगा। 9 जून को शपथ ग्रहण है। लगातार तीसरी बार भारत के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के साथ नरेंद्र मोदी भारतीय राजनीति के उस अध्याय का हिस्सा बन जाएंगे, जो जवाहर लाल नेहरू के बाद कोई और नेता बना नहीं है। लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनकर नरेंद्र मोदी भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के चुनावी रिकॉर्ड की बराबरी करेंगे। जवाहरलाल नेहरू 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता दिवस से लेकर 27 मई 1964 तक सत्ता में रहे। दिलचस्प है कि इस ऐतिहासिक मौके के गवाह कई देशों के मेहमान भी बनेंगे।
आम चुनाव 2024 के बाद नरेंद्र मोदी का शपथ ग्रहण समारोह 9 जून को निर्धारित है। मोदी के इस शपथ ग्रहण समारोह के लिए भारत के पड़ोसी मुल्कों के राष्ट्राध्यक्षों को न्योता भेजा गया है। उसके अलावा कई विदेशी गणमान्यों की भी मौजूदगी 9 जून को हो सकती है। हिंद महासागर क्षेत्र के नेताओं को भी विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है।
किन देशों के राष्ट्रध्याक्षों को भेजा गया न्योता?
पड़ोसी मुल्कों ने राष्ट्राध्यक्षों ने न्योता स्वीकार किया
श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे और नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड 9 जून को दिल्ली पहुंचेंगे। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के आज दिल्ली के लिए उड़ान भरने की संभावना है। मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू, जिनके चीन के प्रति झुकाव के कारण भारत के साथ उनके संबंधों में तनाव आया है, वो नई दिल्ली में आयोजित होने वाले इस भव्य समारोह में शामिल हो सकते हैं। मुइज्जू से लेकर बाकी के नेताओं ने मोदी के शपथग्रहण समारोह के न्योते के स्वीकार कर लिया है।
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नरेंद्र मोदी के PM पद की शपथ लेने के बाद विदेशी मेहमानों से मुलाकात की भी संभावना है। इन विदेशी मेहमानों को उसी शाम राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की तरफ से भोज भी दिया जाएगा।
मोदी के नेतृत्व में NDA को तीसरी बार बहुमत मिला
मोदी के नेतृत्व में बीजेपी नीत एनडीए ने तीसरी बार पूर्ण बहुमत हासिल किया है। हालांकि ये पहली बार है जब नरेंद्र मोदी अपनी पार्टी बीजेपी को पूर्ण बहुमत के बिना गठबंधन में शासन करेंगे। 18वीं लोकसभा के चुनाव में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी जरूर बनी, लेकिन अकेले बहुमत तक नहीं पहुंच सकी। बीजेपी को 2024 में 240 सीटें हासिल हुई हैं। पार्टी की सीटें 2019 की 303 सीटों और 2014 में जीती गई 282 सीटों की तुलना में काफी कम थीं। ऐसे में अब नरेंद्र मोदी को अपने NDA के बाकी सहयोगियों के सहारे सत्ता चलानी पड़ेगी।