राजधानी से चंडीगढ़ सिर्फ 90 मिनट में... दिल्ली-पानीपत-करनाल रैपिड रेल कॉरिडोर से जुड़ेंगे 8 शहर, 136KM लंबा होगा नमो भारत ट्रेन का सफर
हरियाणा सरकार ने दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है। अब राजधानी से पंचकूला-कुरुक्षेत्र तक भी ट्रेन दौड़ेगी। पंचकूला से चंडीगढ़ सिर्फ 11 km दूर है। जिससे राजधानी दिल्ली और चंडीगढ़ का रास्ता सिर्फ 90 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। जानें पूरी डिटेल।
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Delhi-Panipat-Karnal Namo Bharat Corridor: हरियाणा के लाखों लोगों के लिए आज एक बहुत खुशी की खबर आई है। हरियाणा सरकार ने दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत रैपिड रेल कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की कैबिनेट ने इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी दिखाई। बतादें ये आधुनिक ट्रेन कुरुक्षेत्र से होते हुए पंचकूला भी जाएगी, जिससे चंडीगढ़ बस 11 किलोमीटर ही दूर है। तो कुल मिलाकर दिल्ली-NCR से चंडीगढ़ की डायरेक्ट कनेक्टिविटी मिलने जा रही है।
एक वक्त था जब दिल्ली से सिर्फ पानीपत जाने के लिए लोगों को 2-3 घंटे तक लगते थे, लेकिन अब हरियाणा के ये शहर दिल्ली राजधानी दिल्ली से जुड़ने जा रहे हैं। खास बात ये हैं कि इन रास्ते पर कई नए स्टेशन भी बनाए जाएंगे, जिससे लाखों लोगों की जंदगी बदल देगा, क्योंकि दिल्ली से कुछ ही दूरी पर इन शहरों को आज तक सीधी कनेक्टिविटी नहीं मिल पाई थी, ऐसे में ना सिर्फ लोगों का समय बचेगा बल्कि, दिल्ली से चंडीगढ़ का रास्ता भी महज 2 घंटे के अंदर पूरा कल लिया जाएगा।
दिल्ली से चंडीगढ़ का सफर 90-100 मिनट में पूरा
दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत रैपिड रेल कॉरिडोर 136 किलोमीटर लंबा होगा। दिल्ली से करनाल की दूरी जो पहले 3-4 घंटे में तय होती थी, वो अब सिर्फ 90-100 मिनट में पूरी हो जाएगी। ये कल्पना जैसा होगा कि सुबह दिल्ली से निकलते और चंडीगढ़ में पूरा दिन बिताकर शाम को वापस परिवार के साथ चाय पीने का टाइम भी मिल जाएगा। ट्रेन से आने जाने में ना ट्रैफिक की टेंशन होगी, ना ही ज्यादा थकान महसूस होगी।
कहां-कहां बनेंगे स्टेशन?
ट्रेन दिल्ली के सराय काले खां से शुरू होगी, इस रूट पर हरियाणा में 11 नए और स्टेशन बनेंगे, जिसमें कुंडली, मुरथल, सोनीपत, गन्नौर, समालखा, पानीपत (सेक्टर-18), घरौंडा और करनाल (ISBT) नाम से स्टेशन बनाएं जाएंगे। वहीं, आगे बढ़ते हुए ये कुरुक्षेत्र, साहा और पंचकूला तक रूट ले जाने का प्रस्ताव भी भेजा गया है।
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हरियाणा सरकार इस प्रोजेक्ट पर 7472 करोड़ रुपये खर्च करेगी। कुल लागत करीब 33,051 करोड़ रुपये आएगी। ट्रेन की स्पीड की बात करें तो ये 160 किमी प्रति घंटा होगी। पूरी तरह एसी कोच, वाई-फाई, बिजनेस क्लास और महिलाओं के लिए अलग कोच होंगे।
लोगों की जिंदगी कैसे बदलेगी?
हरियाणा में बनने वाले इन नए स्टेशनों के पास आबादी बढ़ेगी, जिससे रोजगार भी बढ़ेगा। खासतौर पर सोनीपत, पानीपत, करनाल जैसे शहर अब दिल्ली-NCR से सीधे जुड़ जाएंगे। लोग रोजाना ट्रेन से दिल्ली आ-जा सकेंगे। क्योंकि पानीपत से रोज लाखों लोग रोजाना दिल्ली अपडाउन करते हैं। लोग गाड़ियों का कम इस्तेमाल करेंगे तो प्रदूषण भी कम होगा, हाईवे पर गाड़ियों की भीड़ घटेगी।
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वहीं दिल्ली में सराय काले खां स्टेशन सबसे बड़ा इंटरचेंज बनेगा, जहां से मेरठ, अलवर, मेट्रो और रेलवे स्टेशन तक आसानी से बदल सकेंगे। हरियाणा कैबिनेट की मंजूरी के बाद फाइल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली केंद्रीय कैबिनेट को भेजी जाएगी। जिसके बाद भूमि अधिग्रहण और मिट्टी जांच की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। यह प्रोजेक्ट सिर्फ ट्रेन नहीं, बल्कि सपनों की रफ्तार है। हरियाणा के 8 शहर दिल्ली से जुड़ेंगे और पंचकूला तक पहुंचने पर चंडीगढ़ भी नजदीक आ जाएगा। उत्तर भारत के लिए ये एक गेम चेंजर साबित होगा।