18 घंटे मलबे में दबी रही, फिर पहुंचे 'Brahma'; म्यांमार की उस महिला की तस्वीर, जिसे भारत ने बचाया, PM मोदी ने बताई पूरी कहानी

सिर्फ पड़ोसी होने के नाते नहीं, बल्कि मानवता के नाते भी भारत ने म्यांमार के लिए मदद पहुंचाई। भूकंप पीड़ितों के लिए भारत के 'Operation Brahma' चलाया।

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India Operation Brahma team rescued the Myanmar woman
म्यांमार की वो महिला, जिसे भारतीय दल ने भूकंप के बाद मलबे से बचाया. | Image: Video Grab

PM Narendra Modi: पिछले महीने भूकंप ने म्यांमार को तबाह कर दिया। 3 हजार के करीब लोग इस भूकंप के चलते म्यांमार में मारे गए। सिर्फ पड़ोसी होने के नाते नहीं, बल्कि मानवता के नाते भी भारत ने म्यांमार के लिए मदद पहुंचाई। भूकंप पीड़ितों के लिए भारत के 'Operation Brahma' चलाया। लगभग महीनेभर बाद प्रधानमंत्री मोदी ने उस तबाही का जिक्र किया है और एक उस महिला की तस्वीर दिखाई है, जिसके लिए भारत की टीम किसी ब्रह्मा यानी भगवान से कम नहीं थी।

प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में उस महिला का जिक्र किया। भारत की टीम ने 70 साल से ज्यादा उम्र की एक बुजुर्ग महिला को बचाया जो मलबे में 18 घंटों से दबी हुई थी। अपने संबोधन के साथ उस महिला की तस्वीर दिखाते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पीएम ने बताया कि भारत से गई टीम ने उनके ऑक्सीजन लेवल को स्थिर करने से लेकर फ्रैक्चर के ट्रीटमेंट तक, इलाज की हर सुविधा उपलब्ध कराई। जब इस बुजुर्ग महिला को अस्पताल से छुट्टी मिली तो उन्होंने हमारी टीम का बहुत आभार जताया। वो बोली कि भारतीय बचाव दल की वजह से उन्हें नया जीवन मिला है। बहुत से लोगों ने हमारी टीम को बताया कि उनकी वजह से वो अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को ढूंढ पाए।

ऑपरेशन ब्रह्मा पर बोले पीएम मोदी

म्यांमार भूकंप पर पीएम मोदी ने कहा कि भूकंप से वहां बहुत बड़ी तबाही आई, मलबे में फंसे लोगों के लिए एक-एक सांस, एक-एक पल कीमती था। इसलिए भारत ने म्यांमार के हमारे भाई-बहनों के लिए तुरंत ऑपरेशन ब्रह्मा शुरू किया। एयरफोर्स के एयरक्राफ्ट और नेवी के शिप तक म्यांमार की मदद के लिए रवाना हो गए। वहां भारतीय टीम ने एक फील्ड हॉस्पिटल तैयार किया। इंजीनियरों की एक टीम ने अहम इमारतों और इंफ्रास्ट्रक्चर को हुए नुकसान का आकलन करने में मदद की। भारतीय टीम ने वहां कंबल, टेंट, स्लीपिंग बैग्स,  दवाइयां, खाने-पीने के सामान के साथ ही और भी बहुत सारी चीजों की सप्लाई की।

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Published By:
 Dalchand Kumar
पब्लिश्ड