मेरा बेटा चिट्टा ले रहा है, पंजाब के युवाओं को बचा लीजिए... गुलजार सिंह ने Video बना मांगी सहायता, CM मान ने कुछ नहीं किया, गौरव भाटिया ने उठाए सवाल
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने पंजाब में नशे के बढ़ते कारोबार और ‘आप सरकार’ पर सवाल उठाए।
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भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने भाजपा के केंद्रीय कार्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए पंजाब में नशे के बढ़ते कारोबार और ‘आप सरकार’ पर सवाल उठाए। भाटिया ने बताया कि संगरूर के गुलज़ार सिंह ने मंत्री हरपाल सिंह चीमा से अपने बेटे के चिट्टा ड्रग लेने की शिकायत करते हुए कार्रवाई और पंजाब के युवाओं को बचाने की गुहार लगाई। लेकिन मदद की जगह उन्हें धमकाया और प्रताड़ित किया गया। जिसके बाद गुलज़ार सिंह ने एक वीडियो बनाकर चार लोगों को अपनी स्थिति के लिए जिम्मेदार बताया और बाद में अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गई।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने वीडियो को डाइंग डिक्लेरेशन मानते हुए एससी-एसटी एक्ट और बीएनएस की धारा 108 के तहत कार्रवाई तथा भगवंत मान और हरपाल सिंह चीमा के इस्तीफे की मांग की।
भगवंत मान की नाक के नीचे चल रहा है ड्रग्स का व्यापार
गौरव भाटिया ने कहा कि दलित समाज से आने वाले गुलज़ार सिंह ने पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान की नाक के नीचे चल रहे ड्रग्स के व्यापार और इस समस्या पर कार्रवाई न होने का मुद्दा उठाया। जिला संगरूर में रहने वाले गुलज़ार सिंह ने जब मंत्री हरपाल सिंह चीमा को अपने गांव में देखा, तो चीख-चीखकर उनसे कहा कि, "मेरा बेटा चिट्टा ड्रग्स ले रहा है। इस पर कार्रवाई होनी चाहिए। पंजाब के युवाओं को बचा लीजिए।
ड्रग्स का खात्मा हो
उन्होंने कहा “यह बात एक नागरिक उठा रहा है, जबकि पंजाब की पापी आप सरकार की जिम्मेदारी है कि ड्रग्स का खात्मा हो। गुलज़ार सिंह ने मंत्री हरपाल सिंह चीमा से गुहार लगाते हुए कहा कि उनका बेटा चिट्टा ले रहा है, उसे नशे की आदत हो गई है, इस पर रोक लगे, कार्रवाई हो और पंजाब के युवाओं को बचाया जाए। गुलज़ार सिंह ने यह भी कहा कि नशे की इस आदत के इलाज के लिए उन्होंने अपने घर की सभी कीमती वस्तुएं बेच दी हैं। वह सड़क पर आ गए हैं और सरकार कार्रवाई नहीं कर रही है।“
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भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि यह दुखद और गंभीर इसलिए है कि मंत्री के जाने के बाद आप के नेता और सरपंच कार्रवाई नहीं करते। वे गुलज़ार सिंह के घर जाकर उन्हें धमकी देते हैं और डराते हैं। गुलज़ार सिंह से कहा जाता है कि उन्होंने मंत्री से अपशब्द कहे हैं, इसलिए माफी मांगें। उन्हें इतना प्रताड़ित किया जाता है कि गुलज़ार सिंह जहर खा लेते हैं।
वीडियो में 4 लोगों को बताया जिम्मेदार
गुलज़ार सिंह एक वीडियो बनाते हैं और उसमें चार लोगों को इसका जिम्मेदार बताते हैं। वे बताते हैं कि कैसे पंजाब में हर जगह नशीले पदार्थ, ड्रग्स और चिट्टा युवाओं को बहुत आसानी से उपलब्ध हो जाता है और सरकार मूकदर्शक बनी रहती है तथा कोई कार्रवाई नहीं करती है। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जाता है, जिसके बाद सात तारीख को गुलज़ार सिंह ने दम तोड़ दिया। हम अनुरोध करेंगे कि उस वीडियो को, डाइंग डिक्लेरेशन माना जाना चाहिए।
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चीमा और सरपंच मौत का जिम्मेदार
भाटिया ने कहा कि पीड़ित पिता कहते हैं, "मैं आपको एक बात बताता हूं, कल चीमा हमारे यहां आया था। मैंने चीमा से सवाल किया था। ये चीमा भी मेरी मौत का जिम्मेदार है। पंचायत का सरपंच भी मेरी मौत का जिम्मेदार है जी।"
सूर्य अस्त, भगवंत मान मस्त
गौरव भाटिया ने कहा "मंत्री और मुख्यमंत्री भगवंत मान का काम है कि ड्रग्स को रोकें और पंजाब को ड्रग्स मुक्त प्रदेश बनाएं। लेकिन पापी आप सरकार अरविंद केजरीवाल, भगवंत मान और मंत्री हरपाल सिंह चीमा कह रहे हैं कि पंजाब ड्रग्स मुक्त रहेगा, नशा मुक्त रहेगा। जैसे भगवंत मान नशे के पर्याय बन चुके हैं। हम हमेशा कहते हैं, सूर्य अस्त, भगवंत मान मस्त। जो व्यक्ति स्वयं अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन न करे, जिसे आम जनता की चिंता न हो, जो शाम को खुद नशा करे, वह पंजाब को नशा मुक्त क्या करेगा?