'मुंबई के ताज होटल में दाऊद ने बम रखवाया है', आधी रात धमकी भरे कॉल से मचा हड़कंप, 3 घंटे चला सर्च ऑपरेशन, फिर...
नवी मुंबई पुलिस कंट्रोल रूम में अज्ञात शख्स ने कॉल कर ताज होटल में दाऊद इब्राहिम द्वारा बम रखने का दावा किया। धमकी भरे कॉल के बाद होटल में तलाशी अभियान चलाया गया।
- भारत
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Mumbai news: मुंबई के ताज होटल में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब इसे बम से उड़ाने की धमकी मिली। नवी मुंबई पुलिस कंट्रोल रूम को एक धमकी भरा कॉल आया। अज्ञात कॉलर ने दावा किया कि अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम ने मुंबई के ताज महल पैलेस होटल में बम रखवा दिया है। हालांकि कई घंटों तक जांच में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। इसके बाद धमकी को अफवाह बताया गया।
जानकारी के अनुसार नवी मुंबई पुलिस कंट्रोल रूम को यह धमकी भरा कॉल आधी रात 12:13 बजे आया। एक अज्ञात कॉलर ने कहा, "दाऊद ने होटल में बम रखा है।"
होटल में चलाया गया तलाशी अभियान
कंट्रोल रूम से धमकी वाले इस कॉल की सूचना मिलते ही मुंबई पुलिस के आला अधिकारी,क्राइम ब्रांच की टीमें और बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड (BDDS) तुरंत मौके पर पहुंच गए। देर रात ही होटल परिसर की घेराबंदी कर दी गई और सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई। सुरक्षाकर्मियों ने होटल के चप्पे-चप्पे, लॉबी, कमरों और बाहरी परिसर की बारीकी से तलाशी लेना शुरू कर दिया। इस दौरान कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला।
जांच में क्या पता चला?
टेक्निकल जांच से पता चला कि जिस नंबर से कंट्रोल रूम को फोन किया गया था, उसका लोकेशन नवी मुंबई के तुर्भे इलाके का मिला है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने नंबर के आधार पर संदिग्ध की तलाश शुरू कर दी है।
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26/11 हमले में बना था निशाना
साल 1903 में बना 'ताज महल पैलेस होटल' भारत की शान और बेहतरीन मेहमाननवाजी का प्रतीक है। 26 नवंबर 2008 को पाकिस्तानी आतंकवादियों ने मुंबई में कई प्रमुख स्थानों पर सिलसिलेवार हमले किए थे, जिनमें ताज होटल सबसे बड़ा निशाना बना था। आतंकियों ने होटल में घुसकर अंधाधुंध गोलीबारी की, बम धमाके किए और कई मेहमानों व कर्मचारियों को बंधक बना लिया। इससे होटल के हेरिटेज विंग में भीषण आग लग गई।
भारतीय सुरक्षा बलों और एनएसजी (NSG) कमांडो ने आतंकवादियों को ढेर करने के लिए 'ऑपरेशन ब्लैक टॉरनेडो' चलाया, जो करीब 60 घंटे तक चला। इस पूरे हमले में ताज होटल के स्टाफ और मेहमानों समेत लगभग 31 लोगों की जान गई, जबकि पूरे मुंबई में कुल 166 लोग मारे गए थे।