'कसाब की तरह बिरयानी नहीं...', तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण के बीच भड़के मुंबई हमले के 'हीरो', बोले- तुरंत होनी चाहिए फांसी

'छोटू चाय वाला' के नाम से मशहूर चाय विक्रेता मोहम्मद तौफीक को मुंबई आतंकी हमले के हीरो के तौर पर जाना जाता है। उन्होंने हमले के दौरान कई लोगों की जान बचाई थी।

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26/11 Hero on Tahawwur Rana Extradition
26/11 Hero on Tahawwur Rana Extradition | Image: ANI

Tahawwur Rana Extradition: मुंबई आतंकी हमले के मास्टमाइंड तहव्वुर राणा के गुनाहों के हिसाब-किताब का समय अब आखिरकार आ गया है। आतंकी ने भारत प्रत्यर्पण से बचने के लिए तमाम चालें नाकाम होने के बाद उसे भारत लेकर आया जा रहा है। इस बीच 26/11 हमले के दौरान 'हीरो' बनकर सामने आए शख्स ने तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण के बीच बड़ी मांग कर दी हैं। उन्होंने कहा है कि तहव्वुर को आतंकी कसाब जैसा ट्रीटमेंट न दिया जाए। उन्होंने फास्ट ट्रैक में केस चलाकर जल्द से जल्द आतंकी को फांसी देने की मांग की।

'छोटू चाय वाला' के नाम से मशहूर चाय विक्रेता मोहम्मद तौफीक को मुंबई आतंकी हमले के हीरो के तौर पर जाना जाता है। उन्होंने हमले के दौरान कई लोगों की जान बचाई थी।

'कसाब की तरह सेल में नहीं जानी चाहिए अंडा-बिरयानी'

मोहम्मद तौफीक ने भारत आने पर तहव्वुर राणा को जल्द से जल्द फांसी देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि फास्ट ट्रैक पर इसका चलना चाहिए। कसाब की तरह सेल में अंडा-बिरयानी नहीं जानी चाहिए। मैं उस दिन देखा हूं कि कितने लोग मरे हैं। किसी ने अपनी मां किसी ने बाप, तो किसी ने अपने भाई-बहन को खोया था।

'अबतक नहीं मिला है इंसाफ'

उन्होंने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से अपील करते हुए कहा कि तहव्वुर राणा को जल्द से जल्द फांसी दी जाए। 15 दिन के अंदर फांसी मिल जाए तो बहुत अच्छी बात है। बीच पब्लिक में फांसी दी गई तो पाकिस्तान के आतंकियों में डर पैदा होगा। आज इस घटना को 16-17 साल हो गए। किसी के घर में जाकर पूछो। किसी के बाप चला गया, किसी का कोई और। पैसा देने से कुछ नहीं होता।

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मोहम्मद तौफीक ने आगे यह भी कहा कि जब उसको फांसी दे दी जाएगी, 10 से 15 दिन या 2 महीने के अंदर में तब मैं खुशी मनाऊंगा, पटाखे फोड़ूंगा। हर किसी को इंसाफ मिलेगा। अबतक इंसाफ नहीं हुआ है। ये मास्टरमाइंड है इसके लिए लोग हाथ-पैर चलाएंगे। उसके पहले इसे मौत के घाट उतार दो।

तहव्वुर राणा 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों के मामले में वांटेड है। मुंबई हमले की चार्जशीट के मुताबिक राणा हमले के मास्टरमाइंड मुख्य आरोपी डेविड कोलमैन हेडली की मदद कर रहा था। वो ISI और लश्कर-ए-तैयबा का मेंबर है। वो पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक है। अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने 25 जनवरी 2024 को मुंबई हमले के दोषी तहव्वुर राणा के भारत प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी थी। अदालत ने इस मामले में उसकी दोषसिद्धि के खिलाफ समीक्षा याचिका भी खारिज कर दी थी। तहव्वुर राणा को 2009 में FBI ने गिरफ्तार किया था।

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भारत लाने के बाद क्या क्या होगा? 

तहव्वुर राणा की फ्लाइट दोपहर 3 बजे तक लैंड कर सकती है। रिफ्यूलिंग के चलते देरी हो रही है। भारत लाने के बाद सबसे पहले NIA उसे 26/11 हमले को लेकर दर्ज अपने केस में गिरफ्तार करेगी। उसके बाद तहव्वुर राणा को NIA हेडक्वार्टर लेकर जाया जाएगा जहां उसका मेडिकल टेस्ट होगा। उसके बाद राणा को कोर्ट में पेश कर उसकी रिमांड मांगी जाएगी। एयरपोर्ट से भारी सुरक्षा के बीच उस NIA हेडक्वार्टर लेकर जाया जाएगा। इस दौरान कई लेयर सिक्योरिटी होगी। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के SWAT कमांडो की टीम एयरपोर्ट पहुंची चुकी है। दिल्ली पुलिस की कई गाड़ियां तहव्वुर राणा के काफिले को एस्कॉर्ट करेंगी। वह एयरपोर्ट से बुलेटप्रूफ गाड़ी में जाएगा।

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Published By:
 Ruchi Mehra
पब्लिश्ड