लातूर में 100 किसानों की 300 एकड़ जमीन पर वक्फ बोर्ड ने ठोका दावा, AIMIM विधायक बोले- ये उनका अधिकार

वक्फ बोर्ड के नोटिस पर किसानों का कहना है कि इन जमीनों पर उनका अधिकार है। सालों से वह उस पर खेती करते आ रहे हैं। वक्फ बोर्ड उनकी जमीन हड़पना चाहता है।

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
maharashtra waqf board claim
वक्फ बोर्ड ने किसानों की जमीन पर किया दावा | Image: @mahawakf, Meta AI

Maharashtra News: महाराष्ट्र में वक्फ बोर्ड की ओर से 100 से ज्यादा किसानों को नोटिस भेजकर जमीन खाली करने का मामला सामने आया है। 103 किसानों की 300 एकड़ जमीन पर अपना हक जमाया है, जिससे हड़कंप मच गया। वक्फ बोर्ड के इस नोटिस पर AIMIM विधायक ने कहा है कि वक्फ बोर्ड को अपनी जमीने वापस लेने का अधिकार है।

वक्फ बोर्ड के नोटिस पर किसानों का कहना है कि इन जमीनों पर उनका अधिकार है। सालों से वह उस पर खेती करते आ रहे हैं। वक्फ बोर्ड उनकी जमीन हड़पना चाहता है।

'किसान दिखाएं जमीन के दस्तावेज'

किसानों को भेजे गए इस नोटिस पर AIMIM विधायक मुफ्ती इस्माइल कासमी का बयान आया है। उन्होंने कहा कि किसानों के पास अगर दस्तावेज हैं तो वो इसे दिखाएं। अगर वो जमीन उनकी है तो वो उसके मालकियत के पेपर दे दें। जिसके पास पेपर होंगे, वो उस जमीन का मालिक होगा... ये नियम है। इस मामले को लेकर ट्रिब्यूनल कोर्ट में वक्फ बोर्ड और दूसरा पक्ष भी जाएगा।

मस्जिद के सर्वे पर कही ये बात

उन्होंने कहा कि देश में ऐसी एक भी मिसाल ऐसी नहीं है कि मुसलमानों ने मंदिर की जगह ली हो। वहां मंदिर था यह कहकर सर्वे के लिए टीम लेकर जाते हैं। जाहिर बात है, हमें सताया जा रहा है। हमारी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। सिर्फ बोलने से, सरकार के कहने से, वो सच नहीं हो जाता है।

Advertisement

नोटिस पर क्या है किसानों का कहना? 

बता दें कि महाराष्ट्र के लातूर जिले में 100 से ज्यादा किसानों की ओर से दावा किया गया है कि वक्फ बोर्ड ने उनकी जमीन पर दावा किया है। यह दावा छत्रपति संभाजीनगर स्थित महाराष्ट्र राज्य वक्फ अधिकरण में दायर किया गया है और कुल 300 एकड़ भूमि रखने वाले 103 किसानों को नोटिस जारी किए गए हैं।

पीटीआई से बातचीत में एक किसान तुकाराम कानवटे ने कहा, ‘‘जमीन हमें पीढ़ी दर पीढ़ी मिली हैं। ये वक्फ की संपत्ति नहीं हैं। हम चाहते हैं कि महाराष्ट्र सरकार हमें न्याय दें। मामले पर अदालत में दो सुनवाई हुई है। 20 दिसंबर को अगली सुनवाई 20 दिसंबर होनी है।

Advertisement

यह भी पढ़ें: अबू आजमी की बात पर आया आदित्य ठाकरे को गुस्सा; हिंदुत्व पर MVA में जबरदस्त सिर फुटव्वल

Published By:
 Ruchi Mehra
पब्लिश्ड