BREAKING: मोदी सरकार का बड़ा फैसला, टीवी रेटिंग में लैंडिंग पेज बैन; नई TV Rating Policy 2026 का ऐलान
सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने शुक्रवार को TV Rating Policy 2026 का ऐलान किया है। इसके तहत, लैंडिंग पेज पर होने वाली व्यूअरशिप को टेलीविजन दर्शकों की माप से औपचारिक रूप से बाहर कर दिया गया है।
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सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने शुक्रवार को TV Rating Policy 2026 का ऐलान किया है। इसके तहत, लैंडिंग पेज पर होने वाली व्यूअरशिप को टेलीविजन दर्शकों की माप से औपचारिक रूप से बाहर कर दिया गया है और अब इसका उपयोग केवल एक मार्केटिंग टूल के रूप में ही किया जा सकेगा।
नए रजिस्ट्रेशन के लिए न्यूनतम नेट वर्थ घटी
नई पॉलिसी के तहत, TV रेटिंग एजेंसी के तौर पर रजिस्ट्रेशन चाहने वाली कंपनी के लिए जरूरी न्यूनतम नेट वर्थ की सीमा को 20 करोड़ रुपये से घटाकर 5 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा, इसमें दोहरी ऑडिट प्रणाली, ज्यादा सख्त जानकारी देने के नियम और 'डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट, 2023' का पालन करना भी अनिवार्य किया गया है।
यह अधिसूचना भारत में TV रेटिंग एजेंसियों के लिए 2014 के दिशानिर्देशों की जगह लेती है, और TV रेटिंग सेवाएं देने वाली एजेंसियों के रजिस्ट्रेशन, कामकाज, ऑडिट और निगरानी के लिए नए मानक तय करती है।
क्या होता है लैंडिंग पेज?
TRP (टेलीविजन रेटिंग पॉइंट) पॉलिसी में 'लैंडिंग पेज' का मतलब उस खास चैनल से होता है, जो दर्शक के सेट-टॉप बॉक्स चालू करते ही अपने-आप सबसे पहले दिखाई देता है। ब्रॉडकास्टर अक्सर इसका इस्तेमाल अपनी व्यूअरशिप और पहुंच के आंकड़े बढ़ाने के लिए करते हैं, क्योंकि इससे उन्हें शुरुआत में ही दर्शकों तक पहुंचने की पक्की गारंटी मिल जाती है। 2026 के नए TRP नियमों के तहत, इस तरह की "डिफॉल्ट" व्यूइंग को आधिकारिक रेटिंग से बाहर रखा गया है; इसे दर्शकों की असली दिलचस्पी मानने के बजाय, महज एक मार्केटिंग का तरीका माना गया है।