धर्मेंद्र प्रधान, अनुराग ठाकुर और... मोदी सरकार की कैबिनेट में हो सकता है बड़ा फेरबदल, मानसून सत्र से पहले कई मंत्रियों की चर्चाः सूत्र
नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार संसद के मानसून सत्र से पहले केंद्रीय कैबिनेट में बड़ा फेरबदल कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक, इस कवायद से मंत्रिपरिषद में अहम बदलाव हो सकते हैं।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार संसद के मानसून सत्र से पहले केंद्रीय कैबिनेट में बड़ा फेरबदल कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक, इस कवायद से मंत्रिपरिषद में अहम बदलाव हो सकते हैं।
इस संभावित फेरबदल में नए मंत्रियों को शामिल करना, कुछ मंत्रियों का हटना और विभागों का बंटवारा शामिल हो सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, बीजेपी शासन और चुनावी रणनीति के अगले चरण की तैयारी कर रही है। कैबिनेट में यह बदलाव पार्टी के नए नेतृत्व के तहत संगठनात्मक ढांचे में बदलाव के साथ-साथ हो सकता है।
युवा नेताओं को मिलेगी अहम जिम्मेदारियां?
सूत्रों का कहना है कि बीजेपी के संगठनात्मक ढांचे में बदलाव, जिसे 'टीम नितिन-नवीन' कहा जा रहा है, के तहत युवा नेताओं को अहम जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं। नए संगठनात्मक ढांचे का फोकस पार्टी के ढांचे को मजबूत करने और सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर हो सकता है।
अहम विभागों को लेकर अटकलें
अंतिम फैसले से पहले कई नामों पर चर्चा हो रही है। शिक्षा मंत्रालय से जुड़े मुद्दों, जैसे NEET और CBSE से जुड़ी चिंताओं को लेकर आलोचना के बीच कैबिनेट में धर्मेंद्र प्रधान के बने रहने को लेकर अटकलें हैं।
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खबरों के मुताबिक, फेरबदल के तहत हरदीप सिंह पुरी को भी कैबिनेट से हटाया जा सकता है। वहीं, संगठनात्मक भूमिका निभा रहे मंत्रियों, जैसे हाल ही में बीजेपी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष बने पंकज चौधरी और दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा, की भूमिकाओं में बीजेपी के "एक व्यक्ति, एक पद" सिद्धांत के तहत बदलाव हो सकते हैं।
क्या अनुराग ठाकुर की होगी वापसी?
पूर्व RBI गवर्नर शक्तिकांत दास के कैबिनेट में नए सदस्य के तौर पर शामिल होने की चर्चा है, जबकि पूर्व मंत्री अनुराग ठाकुर की सरकार में वापसी पर भी विचार किया जा रहा है।
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ऐसी भी अटकलें हैं कि व्यापक पुनर्गठन प्रक्रिया के तहत वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को HRD (शिक्षा) विभाग की जिम्मेदारी दी जा सकती है।
सूत्रों का कहना है कि फेरबदल में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों के नेताओं को प्रतिनिधित्व देने पर भी ध्यान दिया जा सकता है। बीजेपी सहयोगियों और हाल ही में साथ आए राजनीतिक समूहों को भी शामिल करने पर विचार कर सकती है।
जॉर्ज कुरियन ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया है, जबकि रवनीत सिंह बिट्टू को पंजाब की राजनीति पर फोकस करते हुए बड़ी संगठनात्मक जिम्मेदारी दी जा सकती है। फेरबदल का अंतिम स्वरूप प्रधानमंत्री कार्यालय की मंजूरी के बाद तय होने की उम्मीद है। हालांकि, संभावित एग्जिट, नए एंट्री करने वालों और पोर्टफोलियो में बदलाव के नामों का पता सरकार से आधिकारिक पुष्टि मिलने के बाद ही चलेगा।